'हमारा काम सुरक्षा है, लव जिहाद नहीं', डांडिया में बॉयकॉट पर मुस्लिम बाउंसरों का छलका दर्द

तेलंगाना में डांडिया और नवरात्रि उत्सवों के दौरान मुस्लिम बाउंसरों को काम देने से रोकने का मामला बढ़ता जा रहा है. बाउंसर मोहम्मद फिरोज का कहना है कि ये मुद्दा रोजगार का है, इसे धर्म से नहीं जोड़ा जाना चाहिए. उन्होंने मांग की कि सभी धर्म के लोगों को रोजगार के बराबर मौके दिए जाने चाहिए.

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मुस्लिम बाउंसरों ने सभी धर्म के लोगों को बराबर रोजगार देने की मांग की है. (Photo- X/Asaduddin Owaisi) मुस्लिम बाउंसरों ने सभी धर्म के लोगों को बराबर रोजगार देने की मांग की है. (Photo- X/Asaduddin Owaisi)

अब्दुल बशीर

  • हैदराबाद,
  • 11 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 8:20 AM IST

तेलंगाना में डांडिया और नवरात्रि उत्सवों के दौरान मुस्लिम बाउंसरों और सुरक्षा कर्मियों को काम देने से रोके जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. बाउंसर सप्लाई करने वाली एजेंसियों के प्रतिनिधियों और सुरक्षा कर्मियों के एक ग्रुप ने इस बात पर चिंता जताई है. 

बाउंसरों ने धर्म से ऊपर उठकर सभी को समान रोजगार के मौके देने की मांग की है. इस ग्रुप की ओर से बात करते हुए मोहम्मद फिरोज ने बताया कि ये मुद्दा सैकड़ों सुरक्षा कर्मियों के रोजगार से जुड़ा है. फिरोज के मुताबिक, इसे किसी भी सूरत में सांप्रदायिक विवाद नहीं बनाया जाना चाहिए. 

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फिरोज ने कहा, 'हम धर्म के लिए नहीं, बल्कि रोजगार के लिए लड़ रहे हैं. मुस्लिमों, हिंदुओं, ईसाइयों और सिखों- सभी को बराबर मौक मिलने चाहिए. किसी को भी उसके नाम या धार्मिक पहचान की वजह से काम से वंचित नहीं किया जाना चाहिए.'

हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के सुरक्षा कर्मियों का प्रतिनिधित्व करने वाले इस समूह ने इस महीने की शुरुआत में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया था कि कुछ डांडिया आयोजक मुस्लिम बाउंसरों को काम पर रखने से इनकार कर रहे हैं. इसके बाद फिरोज ने AIMIM के अध्यक्ष और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी से मुलाकात कर इस मुद्दे को उठाने की अपील की थी.

'हमारा काम सुरक्षा है, लव जिहाद नहीं'

बाउंसरों के प्रतिनिधियों ने उन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया जिनमें मुस्लिम सुरक्षा कर्मियों को 'लव जिहाद' से जोड़ा जा रहा है. उन्होंने कहा कि उत्सव स्थलों पर उनकी जिम्मेदारी केवल सुरक्षा प्रदान करना, भीड़ को काबू करना और किसी भी तरह की अशांति को रोकना है.

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फिरोज ने कहा, 'हमारा काम कार्यक्रम की रक्षा करना और ये देखना है कि आयोजन शांति से हो. आयोजक हमें सुरक्षा सेवाओं के लिए रखते हैं, न कि किसी धार्मिक या राजनीतिक एजेंडे को बढ़ावा देने के लिए. अगर कोई व्यक्ति किसी गैरकानूनी गतिविधि में शामिल पाया जाता है, तो सबूतों के आधार पर उस पर कार्रवाई की जानी चाहिए, न कि पूरे समुदाय को निशाना बनाया जाना चाहिए. हमारे साथ कई गैर-मुस्लिम बाउंसर भी पिछले पांच साल से भाईचारे के साथ काम कर रहे हैं.'

ओवैसी-टी.राजा सिंह में टकराव

इस पूरे विवाद में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है. AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मुस्लिम बाउंसरों के बहिष्कार की आलोचना करते हुए पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर तेलंगाना के लोग इस  खिलाफ एकजुट नहीं हुए, तो राज्य की प्रगति और विकास भी इसका शिकार हो जाएगा.

यह भी पढ़ें: 'डांडिया-गरबा में मुस्लिम बाउंसरों को काम नहीं...', ओवैसी-राजा सिंह आमने-सामने

दूसरी ओर, विधायक टी. राजा सिंह ने मुस्लिम बाउंसरों को 'लव जिहाद' से जोड़ने वाले आरोप लगाए हैं और गैर-हिंदू बाउंसरों को रखने वाले डांडिया आयोजनों का विरोध करने की बात कही है. 

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