तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में गणेश विसर्जन उत्सव के दौरान एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. सार्वजनिक कार्यक्रमों में डांस परफॉर्मेंस के दौरान इस्तेमाल किए जा रहे एक भारतीय रॉक अजगर और एक मुर्गी को डांस ट्रूप के कब्जे से छुड़ाया गया है.
ये रेस्क्यू ऑपरेशन ग्रेटर हैदराबाद सोसाइटी फॉर प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनिमल्स (GHSPCA) ने मधुरानागर पुलिस के साथ मिलकर 20 सितंबर को जवाहरनगर इलाके में अंजाम दिया.
GHSPCA के मुताबिक, उनकी टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम से आया एक डांस ट्रूप गणेश विसर्जन कार्यक्रमों के दौरान एक जिंदा सांप का इस्तेमाल कर रहा है.
GHSPCA की टीम करीब पांच दिनों से इस ग्रुप की हरकतों पर नजर रख रही थी. 19 सितंबर को टीम ने कोंडापुर में गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान इस डांस ग्रुप को रोकने की कोशिश की थी. हालांकि, टीम के पहुंचने से पहले ही आरोपी सांप सपेरा मौके से फरार होने में कामयाब रहा था.
जवाहरनगर में पुलिस के सहयोग से पकड़ा गया आरोपी
अगले दिन, 20 सितंबर को GHSPCA के स्वयंसेवकों ने मधुरानागर पुलिस के साथ मिलकर जवाहरनगर में संदिग्ध हैंडलर को घेरकर पकड़ लिया. तलाशी लेने पर उसके पास से एक भारतीय रॉक अजगर और एक मुर्गी बरामद हुई.
पशु कल्याण संगठन का आरोप है कि सड़क पर प्रदर्शन के दौरान अजगर को भीड़ के सामने नुमाइश के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था, जबकि मुर्गी के साथ भी क्रूरता की जा रही थी.
मुंह के संक्रमण से पीड़ित था अजगर
रेस्क्यू किए गए भारतीय रॉक अजगर की जांच पशु चिकित्सक से कराई गई. जांच में पता चला कि अजगर के मुंह में ओरल कैविटी और दांतों में इंफेक्शन है. फर्स्ट ऐड के बाद अजगर को आगे की देखभाल और बेहतर इलाज के लिए वन विभाग को सौंप दिया गया है.
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बता दें कि भारतीय रॉक अजगर वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत एक संरक्षित प्रजाति है. GHSPCA ने इस संरक्षित जीव का सार्वजनिक प्रदर्शनों में अवैध रूप से इस्तेमाल करने वाले लोगों के खिलाफ कड़े कानूनी कदम उठाने की मांग की है. मामले में पुलिस और वन विभाग की ओर से आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
अब्दुल बशीर