पहले दिन एक्शन मोड में रंजन गोगोई, याचिका ठुकराई-गाउन बैंड पर लगाई फटकार

सुप्रीम कोर्ट में पिछले कुछ दिनों में कई ऐतिहासिक फैसले हुए हैं. अभी भी कई ऐसे मामले लगातार जारी हैं जिनपर देश की निगाहें हैं. अब सभी की नजरें देश के नए मुख्य न्यायाधीश पर टिकी हैं.

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शपथ ग्रहण के दौरान चीफ जस्टिस रंजन गोगोई (लाइव फुटेज से लिया गया स्क्रीनशॉट) शपथ ग्रहण के दौरान चीफ जस्टिस रंजन गोगोई (लाइव फुटेज से लिया गया स्क्रीनशॉट)

मोहित ग्रोवर / संजय शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 03 अक्टूबर 2018,
  • अपडेटेड 1:40 PM IST

जस्टिस रंजन गोगोई ने आज सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस का पदभार संभाल लिया है. बतौर सीजेआई जस्टिस गोगोई ने पहले केस की सुनवाई में ही सख्त अंदाज दिखाया और चुनाव सुधार को दायर याचिका खारिज कर दी. इसके अलावा उन्होंने याचिकाकर्ता व भारतीय जनता पार्टी के नेता अश्विनी उपाध्याय को भी फटकार लगाई.

उपाध्याय ने कोर्ट ने चुनाव सुधार को लेकर याचिका दायर की थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया. इस याचिका में मांग की गई थी कि MLC को भी अपने खर्च की जानकारी देनी चाहिए. इस दौरान चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने याचिकाकर्ता अश्विनी उपाध्याय के लोकस पर सवाल उठाते हुए पूछा कि वकील याचिकाकर्ता गाउन बैंड के साथ कोर्ट में कैसे?

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बता दें कि आज ही राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने रंजन गोगोई को चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया के पद की शपथ दिलवाई है. मंगलवार को जस्टिस दीपक मिश्रा का बतौर CJI कार्यकाल खत्म होने के बाद उन्हें यह जिम्मेदारी मिली है.

आज सुप्रीम कोर्ट में कई अहम मामलों की सुनवाई होनी है. जिनमें राजधानी दिल्ली में हो रही सीलिंग, जेलों में रिफॉर्म का मसला भी शामिल है. जस्टिस रंजन गोगोई सुप्रीम कोर्ट के 46वें मुख्य न्यायाधीश हैं. अब चीफ जस्टिस के साथ जस्टिस संजय किशन कौल और के एम जोसफ बैठेंगे.

बता दें कि 12 फरवरी 2011 को जस्टिस गोगोई पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस बने थे. 23 अप्रैल 2012 को वह सुप्रीम कोर्ट में आए. बताया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के तौर पर जस्टिस गोगोई का कार्यकाल एक साल, एक महीने और 14 दिन का होगा. वह 17 नवंबर 2019 को सेवानिवृत्त होंगे.

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