रामविलास पासवान के बाद एक और मंत्री ने किया SC जाने का ऐलान

रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष और भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्यमंत्री रामदास अठावले ने शुक्रवार को कहा कि उनकी पार्टी सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ कोर्ट में याचिका दाखिल करके इस मामले में पक्षकार बनने की अपील करेगी.

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सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कोर्ट

अजीत तिवारी / बालकृष्ण

  • नई दिल्ली,
  • 24 मार्च 2018,
  • अपडेटेड 12:33 AM IST

केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के बाद मोदी सरकार के एक और मंत्री ने अब अनुसूचित जाति और जनजातियों के बारे में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर अपनी तरफ से सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का ऐलान कर दिया है.

रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष और भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्यमंत्री रामदास अठावले ने शुक्रवार को कहा कि उनकी पार्टी सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ कोर्ट में याचिका दाखिल करके इस मामले में पक्षकार बनने की अपील करेगी.

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रामदास अठावले से जब यह पूछा गया कि वो खुद सरकार में मंत्री हैं तो क्यों नहीं सरकार ही इस बारे में सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन डाल रही है. इस पर उनका कहना था कि सरकार इस मामले में कोर्ट के फैसले का अध्ययन कर रही है और जल्दी ही सरकार की तरफ से भी रिव्यू पिटीशन दाखिल किया जाएगा.

अठावले ने कहा कि इस बारे में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात करके इस मामले में तेजी से कदम बढ़ाने को भी कहा है. अठावले ने कहा कि यह आरोप बिल्कुल गलत है कि मोदी सरकार दलित विरोधी है. अठावले ने कहा कि मोदी सरकार दलितों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है पर एनडीए के कार्यकाल के दौरान पूरे देश में दलित समाज के साथ अन्याय नहीं हो पाएगा.

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रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष अठावले ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने एससी एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज होने के बाद गिरफ्तारी से पहले उच्चाधिकारियों से अनुमति लेने की जो नई व्यवस्था की है वह गलत है. क्योंकि इससे गिरफ्तारी का डर खत्म हो जाएगा और दलितों पर अत्याचार बढ़ सकता है. उन्होंने कहा कि हो सकता है कि इस एक्ट के तहत कुछ झूठे मामले दर्ज किए गए हों और कुछ मामलों में इस एक्ट का दुरुपयोग हुआ हो, लेकिन ज्यादातर मामलों में यह एक दलितों के हितों की रक्षा करने में कामयाब रहा है.

उन्होंने कहा गैर जमानती होना इसके कारगर होने का बड़ा कारण है. उन्होंने यह भी दावा किया सी एस सी, एस टी एक्ट अंतर्गत दर्ज होने वाली 99% घटनाएं सही होती हैं. अठावले ने कहा कि इस मामले में कोई दूसरे दलित नेताओं के साथ भी संपर्क में हैं ताकि सुप्रीम कोर्ट में जोरदार पैरवी की जा सके. अठावले ने कहा कि दलितों के हितों की रक्षा के मामले में कांग्रेस को राजनीति नहीं करनी चाहिए और सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर चलना चाहिए.

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