राहुल गांधी की जगह कांग्रेस अध्यक्ष की जिम्मेदारी लेने को तैयार पूर्व मंत्री

लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद राहुल गांधी कांग्रेस अध्यक्ष का पद छोड़ने पर अड़े हुए हैं. इस बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री और हॉकी ओलम्पियन असलम शेर खान ने कहा कि वह 2 वर्ष के लिए कांग्रेस अध्यक्ष का पद संभालने को तैयार हैं.

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पूर्व केंद्रीय मंत्री असलम शेऱ खान. पूर्व केंद्रीय मंत्री असलम शेऱ खान.

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 07 जून 2019,
  • अपडेटेड 5:26 PM IST

लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद राहुल गांधी कांग्रेस अध्यक्ष का पद छोड़ने पर अड़े हुए हैं. इस बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री और हॉकी ओलम्पियन असलम शेर खान ने कहा कि वह 2 वर्ष के लिए कांग्रेस अध्यक्ष का पद संभालने को तैयार हैं. उन्होंने इस बारे में राहुल गांधी को चिट्ठी भी लिखी है. हालांकि उनकी चिट्ठी को कई कांग्रेस नेता गंभीरता से नहीं ले रहे हैं.

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उन्होंने अपनी चिट्ठी में लिखा, ''राहुल गांधी एक फाइटर हैं लेकिन फिलहाल उन्होंने पार्टी अध्यक्ष के पद से हटने का फैसला किया है और हर कांग्रेसी को इसका सम्मान करना चाहिए. राजनीतिक रिवायत बदलने की जरूरत है. यह सिर्फ मेरी बात नहीं है, लेकिन जो भी पार्टी को चलाना चाहता है, उसे चांस देना चाहिए''.

खान पहले ऐसे नेता हैं, जो 25 मई को हुई कांग्रेस वर्किंग कमिटी (CWC) की बैठक में राहुल गांधी के इस्तीफे की पेशकश के बाद पार्टी का कार्यभार संभालने के लिए आगे आए हैं. हालांकि सीडब्ल्यूसी ने सर्वसम्मति से राहुल की पेशकश को खारिज कर दिया था. सीडब्ल्यूसी ने राहुल को यह अधिकार दिया था कि वह पार्टी में संगठनात्मक बदलाव कर सकते हैं. हालांकि कई कांग्रेसी नेताओं ने राहुल गांधी से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने को कहा है.

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असलम शेर खान ने 27 मई को खत भेजा था, जिसमें उन्होंने लिखा, ''मैं पार्टी को अपनी सेवाएं देना चाहता हूं और दो साल के लिए कांग्रेस अध्यक्ष का पद संभालने को तैयार हूं.'' उन्होंने कहा कि बतौर अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी और राजनेता के अनुभव के आधार पर उन्होंने यह पेशकश की है. गौरतलब है कि असलम शेर खान उस भारतीय हॉकी टीम का हिस्सा थे, जिसने 1975 में मलेशिया के कुआलालंपुर में हॉकी विश्वकप जीता था.

खान ने लिखा, ''बतौर हॉकी खिलाड़ी, मैंने ऐसी स्थितियों में अपनी काबिलियत साबित की है. जब भारत 1975 के वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में 2-1 से पीछे था, तब मुझे मैच के अंतिम दौर में सब्सटिट्यूट के तौर पर उतारा गया और मैंने संकल्प और आत्म-विश्वास के बूते स्कोर कर मैच को बराबरी पर ला दिया. भारत यह मैच जीत गया और इसके बाद वर्ल्ड कप भी हमारे ही हिस्से आया.'' अब देखना यह होगा कि क्या राहुल गांधी असलम शेर खान को कांग्रेस अध्यक्ष का पद देते हैं या नहीं.

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