News Wrap: फैसले के बाद जज का इस्तीफा, पासवान बोले-न्यायपालिका में भी हो आरक्षण

मक्का मस्जिद में हुए ब्लास्ट के 11 साल बाद सोमवार को फैसला आया और कोर्ट ने इस मामले में असीमानंद समेत सभी 5 आरोपियों को बरी कर दिया. दूसरी ओर, केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान ने आरक्षण के मुद्दे में नया शिगूफा छोड़ते हुए उच्च न्यायपालिका में आरक्षण की मांग कर डाली. वहीं जाने-माने क्रिकेटर और तेज-तर्रार नेता नवजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ 1988 के रोडरेज मामले में सुनवाई होनी है. पढ़िए, शाम की 5 बड़ी खबरें...

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2007 में हुआ था मक्का मस्जिद विस्फोट 2007 में हुआ था मक्का मस्जिद विस्फोट

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 16 अप्रैल 2018,
  • अपडेटेड 7:54 PM IST

हैदराबाद के मक्का मस्जिद में हुए ब्लास्ट के 11 साल बाद सोमवार को फैसला आया और कोर्ट ने इस मामले में असीमानंद समेत सभी 5 आरोपियों को बरी कर दिया. दूसरी ओर, केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान ने आरक्षण के मुद्दे में नया शिगूफा छोड़ते हुए उच्च न्यायपालिका में आरक्षण की मांग कर डाली. वहीं जाने-माने क्रिकेटर और तेज-तर्रार नेता नवजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ 1988 के रोडरेज मामले में सुनवाई मंगलवार को होनी है. पढ़िए, शाम की 5 बड़ी खबरें...

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मक्का मस्जिद ब्लास्ट मामले में फैसला सुनाने के कुछ ही घंटों में एनआईए जज रविंद्र रेड्डी ने सभी को चौंकाते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. वह इस्तीफा देने के बाद छुट्टी पर चले गए हैं. इस्तीफे के कारणों का पता नहीं चल सका है. जानकारी के मुताबिक उन्होंने अपने इस्तीफे में निजी कारणों का हवाला दिया और इसके बाद वह लंबी छुट्टी पर भी चले गए हैं. उनके इस्तीफे के बारे में तमाम कयास लगाए जा रहे हैं. रेड्डी के अचानक इस्तीफे से असदुद्दीन ओवैसी ने भी हैरानी जताई है.

केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान ने मांग की है कि उच्च न्यायपालिका में भी आरक्षण की व्यवस्था की जाए. SC/ST एक्ट में बदलाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद जिस तरह दलित समुदाय ने इस महीने के शुरू में सड़कों पर उतर कर आक्रोश जताया, फिर एक हफ्ते बाद बिहार में भी कुछ जगहों पर आरक्षण विरोधियों ने आरक्षण को लेकर गुस्से का इजहार किया, ये मामला अभी सुर्खियों से हटा भी नहीं था कि केंद्रीय मंत्री पासवान ने उच्च न्यायपालिका में आरक्षण की मांग कर डाली. अब इस मामले में नया विवाद होने की संभावना नजर आ रही है. पासवान का कहना है कि कोर्ट के फैसलों की वजह से पहले भी बार-बार अनुसूचित जातियों को परेशानी झेलनी पड़ी है और पहले भी कई बार ऐसा हुआ है जब कोर्ट के फैसलों के बाद संविधान में संशोधन करके फैसलों को बदलना पड़ा.

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पूर्व क्रिकेटर और पंजाब सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ 1988 के रोडरेज मामले में सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को अहम सुनवाई करेगा. इस बीच आजतक के हाथ सिद्धू के केस की पूरी फाइल और इनवेस्टिगेशन रिपोर्ट लगी है, जिसके मुताबिक सिद्धू की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. केस की फाइल के मुताबिक, सिद्धू अपने ही जवाबों के जाल में फंसते नजर आ रहे हैं. सिद्धू ने क्रॉस क्वेश्चनिंग के दौरान करीब-करीब हर सवाल का जवाब गलत दिया है या यह कहकर बचते नजर आए हैं कि उन्हें कुछ नहीं पता. क्रॉस क्वेश्चनिंग के दौरान सिद्धू ने पूछे गए 34 सवालों में से 32 के जवाब इसी तरह दिए.

यूपी बोर्ड की 10वीं और 12वीं परीक्षा के रिजल्ट की तारीख का ऐलान कर दिया गया है. रिजल्ट 29 अप्रैल को आएगा. इस बात की जानकारी उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की सचिव नीना श्रीवास्तव ने दी. बता दें, ऐसा पहली बार है जब यूपी बोर्ड का रिजल्ट अप्रैल महीने में जारी किया जा रहा है. पिछले साल रिजल्ट जून महीने में जारी किया गया था. जिन छात्रों ने इस साल ये परीक्षा दी है वह आधिकारिक वेबसाइट www.upmsp.edu.in पर जाकर रिजल्ट देख सकते हैं.

दिल्ली के एम्स से पुलिस ने एक फर्जी डॉक्टर को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार 19 वर्षीय अदनान खुर्रम खुद को एम्स का डॉक्टर बताता था. आरोपी बिहार का रहने वाला है और बताया जा रहा है कि फिलहाल ये दिल्ली के जामिया नगर में रहता था. पुलिस के मुताबिक पिछले 6 महीने से इस लड़के का एम्स में आना-जाना था. यही नहीं, किसी को शक ना हो इसलिए ये एम्स के डॉक्टरों की डायरी लेकर घूमता था. 6 महीने में इसकी एम्स के कई डॉक्टरों से काफी जान पहचान भी हो गई थी. लड़के ने बताया कि इसकी बहन एम्स में भर्ती है और उसका ब्लड कैंसर का इलाज चल रहा है. अस्पताल में बहन को ज्यादा मदद मिले इसलिए उसके अंदर फर्जी डॉक्टर बनने का आइडिया आया.

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