सुब्रमण्यम स्वामी का आरोप, जेएनयू को होती है पश्चिम से फंडिंग, राहुल का आईक्यू कम

अपने विवादित बयानों से अक्सर चर्चा में रहने वाले बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने जेएनयू विवाद में कूदते हुए यूनिवर्सिटी पर आरोपों की झड़ी लगा दी है. उनका कहना है कि जेएनयू भारत विरोधी है और उसे पश्चिम से फंडिंग होती है. उन्होंने इसके अलावा भी कई आरोप लगाए.

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सुब्रमण्यम स्वामी सुब्रमण्यम स्वामी

सूरज पांडेय

  • नई दिल्ली,
  • 16 फरवरी 2016,
  • अपडेटेड 8:31 PM IST

जेएनयू में हुई देश विरोधी नारेबाजी पर राजनीति बढ़ती जा रही है. वरिष्ठ बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने इस विवाद में कूदते हुए जेएनयू को भारत का विरोधी बता दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि जेएनयू को पश्चिम से फंडिंग भी होती है.


अपने विवादित बयानों से अक्सर चर्चा में रहने वाले बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने जेएनयू विवाद में कूदते हुए यूनिवर्सिटी पर आरोपों की झड़ी लगा दी है. उनका कहना है कि जेएनयू भारत विरोधी है और उसे पश्चिम से फंडिंग होती है. उन्होंने इसके अलावा भी कई आरोप लगाए.

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  • जेएनयू के बहुत से प्रोफेसरों ने डरकर बोलना शुरू कर दिया है. उन्हें डर इसलिए लग रहा है क्योंकि सरकार अब उनकी तरफ ज्यादा संवेदनशील हो गई है.
  • कम्यूनिस्टों ने 1940 में कहा था कि भारत एक राष्ट्र नहीं है.
  • उन्हें पश्चिमी ताकतों से फंडिंग होती है.
  • अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता संविधान में प्रतिष्ठापित सीमाओं के दायरे में रहनी चाहिए.
  • राहुल गांधी का आईक्यू बहुत कम है.
  • केंद्र सरकार को ये देखने का पूरा हक है कि पैसे शैक्षिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल हो रहे हैं या नहीं.
  • जेएनयू को कम से कम चार महीनों के लिए बंद कर देना चाहिए. दोबारा खुलने पर छात्रों से एफिडेविट लिया जाना चाहिए कि वो भारतीय संविधान को सर्वोपरि मानेंगे. ये एफिडेविट देने वालों को ही परिसर में देबारा वापसी की अनुमति देनी चाहिए.
  • जेएनयू भारत विरोधी है.

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