कार्ति को 26 मार्च तक गिरफ्तारी से राहत, SC करेगा PMLA की धारा 19 और 45 की व्याख्या

कार्ति के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में दायर अपनी याचिका पर सुनवाई के दौरान ED की तरफ से कहा गया कि हाई कोर्ट के इस अंतरिम आदेश से 1000 से ज्यादा उन मामलों पर प्रभाव पड़ेगा जिसकी हम जांच कर रहे है.

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कार्ति चिदंबरम कार्ति चिदंबरम

अंकुर कुमार / संजय शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 15 मार्च 2018,
  • अपडेटेड 5:37 PM IST

को अब सुप्रीम कोर्ट से 26 मार्च तक गिरफ्तारी से अभयदान मिल गया है. 26 मार्च को ही सुप्रीम कोर्ट PMLA की धारा 19 और 45 की व्याख्या करेगा. सुप्रीम कोर्ट ने कार्ति और प्रवर्तन निदेशालय से सम्बंधित मुकदमों की फाइल हाईकोर्ट से अपने पास मंगाने का आदेश दिया. अभी अलग अलग हाइकोर्ट के अलग अलग फैसले हैं. कुछ हाईकोर्ट आईपीसी के मुताबिक इसकी व्याख्या कर चुके हैं तो कुछ हाईकोर्ट ने अलग व्यवस्था दी. अब सुप्रीम कोर्ट तय करेगा कि ये धाराएं कॉग्निजेबल हैं या नहीं.

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कार्ति के ख़िलाफ़ में दायर अपनी याचिका पर सुनवाई के दौरान ED की तरफ से कहा गया कि हाई कोर्ट के इस अंतरिम आदेश से 1000 से ज्यादा उन मामलों पर प्रभाव पड़ेगा जिसकी हम जांच कर रहे है.

ईडी ने सुप्रीम कोर्ट को एक लिस्ट देते हुए कहा कि आप ये देखिए हम कितने गंभीर मामलों की जांच कर रहे है. ईडी की ओर से एएसजी ने कहा कि हाई कोर्ट के आदेश से सभी PMLA के आरोपी राहत पाने के लिए हाई कोर्ट आएंगे. ईडी ने कहा कि PNB धोखाधड़ी मामले के आरोपी भी हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर राहत की गुहार लगाएंगे. ईडी ने कहा कि PMLA की धारा 19 की व्याख्या जरूरी है, क्योंकि इसको लेकर अलग अलग कोर्ट के अलग अलग फैसले हैं.ईडी ने कहा कि हाई कोर्ट ने PMLA की धारा 19 की व्याख्य करने के लिए बड़ी बेंच बनाने की गुजारिश की है ऐसे में ये आदेश केवल हाई कोर्ट तक सीमित रहेगा बेहतर होगा कि सुप्रीम कोर्ट इसकी व्याख्या करे.

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