भारत में किसी और धर्म के लिए कोई जगह नहीं: साध्वी सरस्वती

कानक्लेव में कहा गया कि यहां अन्य धर्म के लिए कोई जगह नहीं है. हमारे लिए संविधान से भी पहले धर्म आता है. बाकी सभी लोगों को वापस भेजा जाना चाहिए और हम अपने धर्म के लिए अपने हाथों में हथियार भी ला सकते हैं.

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प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

कौशलेन्द्र बिक्रम सिंह / मयूरेश गणपतये

  • नई दिल्ली,
  • 14 जून 2017,
  • अपडेटेड 9:20 PM IST

हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा आयोजित सनातन संस्था के हिन्दू राष्ट्र कानक्लेव में हिन्दू राष्ट्र और मुस्लिम के मुद्दे पर कहा गया कि भारत में किसी और धर्म के लिए कोई जगह नहीं है.

कानक्लेव में कहा गया कि यहां अन्य धर्म के लिए कोई जगह नहीं है. हमारे लिए संविधान से भी पहले धर्म आता है. बाकी सभी लोगों को वापस भेजा जाना चाहिए और हम अपने धर्म के लिए अपने हाथों में हथियार भी ला सकते हैं.

ये बातें साध्वी सरस्वती ने मीडिया के सामने खुली बैठक में कहीं. धर्म को लेकर इतनी बड़ी बात कहे जाने के बाद भी गोवा सरकार द्वारा कॉनक्लेव पर कोई कार्रवाई नहीं की गई. गोवा सरकार के ढुलमुल रवैये की वजह से इस तरह की भड़काऊ बातें खुले प्लेटफॉर्म पर कही गईं.

आपको याद दिला दें कि सनातन संस्था के सदस्यों पर गोवा और महाराष्ट्र में दो बम विस्फोट के साथ-साथ दाभोलकर हत्या का भी आरोप लगाया गया था, लेकिन इसके बावजूद भी ऐसी टिप्पणियों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है.

साध्वी सरस्वती से जब हिन्दू राष्ट्र की आवश्यकता पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, "हमारे दिमाग में किसी को लेकर कुछ भी नहीं है और ना ही किसी धर्म या किसी व्यक्ति के खिलाफ कोई प्लान बना रहे हैं. लेकिन लोकतंत्र में अब हिन्दुओं के लिए किसी तरह का मानवाधिकार नहीं बचा है केवल धर्मनिरपेक्षता बढ़ रही है."

साध्वी ने आगे कहा, "कोई भी हिन्दू पुजारी और महाराज किसी को इस बात के लिए मार देने को नहीं कहेगा कि उसने हमें लाउड स्पीकर पर गायत्री मंत्र नहीं चलाने दिया. लेकिन अगर लाउड स्पीकर द्वारा अजान पर रोक लगा दी जाए तो देखिए क्या होता है. हिन्दू पालन करते रहते हैं. अब सीमा पार हो चुकी है और इसलिए हमें हिन्दू राष्ट्र की जरूरत है."


साध्वी ने कहा, "लोग भूल गए हैं कि हमारे भगवानों और राजाओं ने अपनी रक्षा के लिए हथियार उठाए थे. हिन्दुओं को भी अपनी आत्मरक्षा के लिए हथियार उठा लेने चाहिए क्योंकि भारत और हिन्दूत्व खतरे में है. हमारी बहनें और गौमाता खतरे में हैं."


साध्वी ने कहा, "हम किसी राजनीतिक दल से नहीं हैं. हम राज धर्म में विश्वास रखते हैं और जब यहां राज धर्म आएगा तब हमारी सरकार आएगी. राज धर्म तब आएगा जब गौमाता सुरक्षित होंगी और राम मंदिर बन जाएगा और हिन्दू खुद को सुरक्षित महसूस करेंगे. ये हमारी सरकार नहीं है जहां गौमाता मारी जाती हैं. जी हां, सरकार काम नहीं कर रही है. मोदी जी को स्पष्ट रूप से कहना चाहिए कि राम मंदिर का निर्माण किया जाना चाहिए, गौहत्या बंद होनी चाहिए. इसे राजनीतिक मुद्दा बना दिया गया है."

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