राजस्थानः कांग्रेस में CM पद के लिए रस्साकशी, दौड़ में कूदा तीसरा नेता!

राजस्थान में जाटों की नाराजगी कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से रही है. क्योंकि उन्हें लगता है कि गहलोत की वजह से कांग्रेस के दिग्गज जाट नेता परसराम मदेरणा और शीशराम ओला राजस्थान का मुख्यमंत्री नहीं बन पाए.

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रामेश्वर डूडी (फोटो-Twitter/@RameshwarDudi) रामेश्वर डूडी (फोटो-Twitter/@RameshwarDudi)

शरत कुमार / वरुण शैलेश

  • जयपुर,
  • 02 नवंबर 2018,
  • अपडेटेड 7:59 PM IST

राजस्थान में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के आसार को देखते हुए पार्टी में कौन बनेगा मुख्यमंत्री को लेकर खींचतान तेज हो गई है. राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट और पार्टी महासचिव अशोक गहलोत में अभी रस्साकशी चल ही रही थी कि इस अखाड़े में कांग्रेस की तरफ से नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी भी कूद पड़े हैं.

रामेश्वर डूडी शुक्रवार को अपने विधानसभा क्षेत्र में लोगों को संबोधित करते थे. इसी दौरान उन्होंने कहा, 'आपने पिछली बार मुझे जिताया था तो मैं कांग्रेस में नंबर 1 का विधायक बन कर विधानसभा में पार्टी विधान मंडल का नेता बना. इस बार अगर जीताओगे तो राज्य में नंबर वन कैसे बनना है मुझे आता है.' सोशल मीडिया पर रामेश्वर डूडी का यह वीडियो वायरल हो रहा है. कांग्रेस में इस बात को लेकर चर्चा शुरू हो गई है कि कहीं अशोक गहलोत और सचिन पायलट की लड़ाई में रामेश्वर डूडी अपना हित तो नहीं देख रहे हैं.

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रामेश्वर डूडी जाट जाति से आते हैं. कांग्रेस में जाट समुदाय से मुख्यमंत्री बनाने की मांग काफी सालों से चलती आ रही है. डिश के विधानसभा चुनाव में जाटों की नाराजगी को देखते हुए उन्हें मनाने के लिए ही कई सीनियर कांग्रेस विधायकों को दरकिनार कर रामेश्वर डूडी को विधानसभा में कांग्रेस का नेता प्रतिपक्ष बनाया गया था. जाटों की नाराजगी कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से इसी वजह से रही है. क्योंकि उन्हें लगता है कि अशोक गहलोत की वजह से कांग्रेस के दिग्गज जाट नेता परसराम मदेरणा और शीशराम ओला राजस्थान का मुख्यमंत्री नहीं बन पाए.

वहीं एक और वीडियो वायरल हो रहा है. इसमें सचिन पायलट के पक्ष में कांग्रेस के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री जितेंद्र सिंह अपने विधानसभा क्षेत्र खेतड़ी में लोगों को समझा रहे हैं. उन्होंने कहा, 'इस बार गलती मत करना. मैं भी गुर्जर हूं और गुर्जर ही इस बार राजस्थान का मुख्यमंत्री बनने जा रहा है. सचिन पायलट गुर्जर समाज का पहला मुख्यमंत्री होगा. एकजुट होने से ही गुर्जर समुदाय का मुख्यमंत्री बनेगा.' जितेंद्र सिंह पिछले दोनों सरकारों में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खासा करीबी रहे हैं और भारी-भरकम मंत्रालय उनके पास रहा है.ऐसे में जितेंद्र सिंह के पाला बदलने को लेकर भी चर्चा हो रही है.

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इससे पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री लालचंद कटारिया ने एक बयान दिया था जिसमें कहा गया था कि अगर कांग्रेस को जीतना है तो अशोक गहलोत का नाम मुख्यमंत्री के रूप में सामने रख देना चाहिए. इस बात को लेकर काफी बवाल मचा था और मामला कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी तक पहुंचा था. उसके बाद तय हुआ था कि कौन बनेगा मुख्यमंत्री को लेकर राजस्थान में कोई भी का नेता बयान नहीं देगा. अभी तक कांग्रेस की तरफ से यही बयान दिया जा रहा है कि कांग्रेस में चुनाव पहले मुख्यमंत्री घोषित करने का प्रचलन नहीं रहा है. चुनाव के बाद विधायकों की राय से कांग्रेस विधायकों के बीच से मुख्यमंत्री तय करेंगे.

मुख्यमंत्री की कुर्सी किसे मिलेगी, इसे लेकर टिकट बंटवारे में भी सचिन पायलट, अशोक गहलोत में अंदरखाने संग्राम मचा हुआ है. दोनों ही कोशिश कर रहे हैं कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को टिकट दिलवाएं ताकि जीतने के बाद जब विधायक दल के मंडल में बैठक में मुख्यमंत्री को लेकर जो फैसला हो विधायक उनके साथ रहें.

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