एंटी ड्रग एक्टिविस्ट झोटा के हत्यारे के घर चला पंजाब सरकार का बुलडोजर, लोगों में गुस्सा, दुकान को किया आग के हवाले

पंजाब के मानसा में एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर झोटा की हत्या के बाद तनाव बढ़ गया है. निहंग सिखों ने मुख्य आरोपी के घर तोड़फोड़ की और आगजनी की. पुलिस ने मुख्य शूटर अश्विनी को गिरफ्तार कर लिया है.

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मुख्य आरोपी अश्विनी की दूसान को आग के हवाले किया गया (Photo: ITG) मुख्य आरोपी अश्विनी की दूसान को आग के हवाले किया गया (Photo: ITG)

कमलजीत संधू

  • मानसा,
  • 14 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 1:38 PM IST

पंजाब के मानसा में एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर झोटा की हत्या के बाद तनाव बढ़ गया है. परविंदर झोटा हत्याकांड के मुख्य आरोपी के घर निहंग सिखों ने जमकर बवाल किया. घर में तोड़फोड़ की गई, सामान बाहर फेंका गया और दूकान को आग के हवाले कर दिया गया. इस बीच, पुलिस ने आज सुबह झोटा के मुख्य शूटर अश्विनी को गिरफ्तार कर लिया है.

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परविंदर झोटा की हत्या के मुख्य आरोपी अश्विनी के खिलाफ पंजाब की भगवंत मान सरकार ने बुलडोजर कार्रवाई की है. एंटी ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर झोटा की हत्या मंगलवार को एक फार्मेसी में हुई थी, झोटा ने दुकान के मालिक से उस व्यक्ति के बारे में पूछा था, जिसने कथित तौर पर उसी सुबह वहां से ड्रग्स खरीदे थे.

परविंदर झोटा कथित नशा विक्रेताओं से सवाल करते हुए सोशल मीडिया पर लाइव वीडियो बनाते थे. रिपोर्टों के मुताबिक, घटना से पहले उनका  मेडिकल स्टोर के मालिक अश्वनी कुमार से सामना हुआ था. झोटा उस व्यक्ति पर सिंथेटिक ड्रग्स बेचने का आरोप लगा रहे थे.

इस घटना का वीडियो भी सामने आया था, जिसमें आरोपी को पिस्तौल से धमकाते और फिर गोली चलाते देखा गया. झोटा ने अपनी मौत से कुछ दिन पहले मानसा में कथित अवैध नशीली दवाओं की बिक्री की जांच के लिए सीबीआई से भी अपील की थी.

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पहले भी सामने आए ऐसे मामले

गौरतलब है, इससे पहले भी अलग-अलग जिलों में नशा-विरोधी समितियों से जुड़े लोगों और नशे के कारोबार का विरोध करने वालों की मौत के मामले सामने आए हैं. 

यह भी पढ़ें: पकड़ा गया एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर झोटा की हत्या का मुख्य आरोपी, 24 घंटे में पुलिस का एक्शन

मई 2026 में फगवाड़ा में आरटीआई एक्टिविस्ट और वकील सिमरनजीत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने शुरुआती तौर पर उनके चचेरे भाई के साथ लेन-देन के विवाद को हत्या से जोड़ा था और अन्य पहलुओं की भी जांच की थी.

हालांकि, उनकी हत्या और नशा-विरोधी अभियान के बीच सीधा संबंध स्थापित करने के लिए उपलब्ध रिपोर्टों में पर्याप्त आधार नहीं मिला. इसलिए इस मामले को नशा तस्करी के खिलाफ आवाज उठाने के कारण हुई हत्या के तौर पर गिनना सही नहीं होगा.

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