विपक्ष की रैली में नेताओं ने सरकार की नीतियों पर जमकर हमला बोला. भाषण में रोजगार, संपत्ति बिक्री, मंदिर चंदा और जम्मू-कश्मीर के मुद्दों को उठाते हुए चेतावनी दी गई कि संविधान की रक्षा के लिए अब देश को एकजुट होना होगा.