महबूबा मुफ्ती (राजनेता)
महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) भारत के जम्मू और कश्मीर में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) ( Leader of the Peoples Democratic Party, PDP) की राजनीतिक नेता हैं. मुफ्ती ने 4 अप्रैल 2016 से 19 जून 2018 तक एक राज्य के रूप मे जम्मू और कश्मीर की अंतिम मुख्यमंत्री (Last CM of Jammu And Kashmir) के रूप में कार्य किया. जम्मू और कश्मीर राज्य में मुख्यमंत्री का पद संभालने वाली वह पहली महिला बनीं (First Woman CM of Jammu and Kashmir).
महबूबा, मुफ्ती मोहम्मद सईद और गुलशन आरा की बेटी हैं (Mehbooba Mufti Parents). इनका जन्म 1959 में अखरान नौपोरा (Akhran Nowpora) में हुआ था. उन्होंने जम्मू के गवर्नमेंट कॉलेज फॉर विमेन (Govt College for Women) से अंग्रेजी साहित्य में स्नातक की और कश्मीर विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री प्राप्त की (Mehbooba Mufti Education). उनके पूर्व पति जावेद इकबाल, एक राजनीतिक विश्लेषक, पशु-अधिकार कार्यकर्ता हैं साथ ही, नेशनल कॉन्फ्रेंस पार्टी के साथ भी कुछ समय के लिए जुड़े रहे (Mehbooba Mufti Husband). उनकी दो बेटियां हैं, इल्तिजा और इर्तिका (Mehbooba Mufti Daughter).
मुफ्ती 16वीं लोकसभा में अनंतनाग (Anantnag) का प्रतिनिधित्व करने वाली भारतीय संसद की सदस्य थी. वे पीडीपी की अध्यक्ष (President of the PDP) हैं. 1996 विधानसभा चुनाव में महबूबा भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की टिकट पर बिजबेहरा (Bijbehara) से निर्वाचित सबसे लोकप्रिय सदस्यों में से एक थीं. बाद में, उन्होंने अपनी विधानसभा सीट से इस्तीफा दे दिया और 1999 में श्रीनगर से संसदीय चुनाव लड़ने के लिए चली गईं, जहां वह तत्कालीन मौजूदा सदस्य उमर अब्दुल्ला से हार गईं.
उनका ऑफिशियल ट्विटर हैंडल @MehboobaMufti है और फेसबुक पर Mehbooba Mufti के नाम से एक्टिव हैं.
महबूबा मुफ्ती ने इमरान खान की पाकिस्तान में बदलाव लाने की शुरुआती कोशिशों की तारीफ की, लेकिन कहा कि सत्ता में आने के बाद उनकी सरकार भी विरोधियों के खिलाफ कार्रवाई वाली राजनीतिक संस्कृति का हिस्सा बन गई।
जम्मू-कश्मीर की पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती ने इमरान की तारीफ तो की है, लेकिन उनकी सियासत की कमजोरियां भी बताई हैं. और कहा है कि पीएम बनने के बावजूद वे बदले की राजनीति से बाहर नहीं आ पाए थे.
उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि हमारी समस्याओं का समाधान वॉशिंगटन से नहीं आना है. हमारी समस्याओं का समाधान हमारे ही देश को करना है. किसी दूसरे देश के राजदूत से अपने देश की शिकायत करूं, यह मेरी आदत नहीं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'दिमागी नक्सल' बयान को लेकर विवाद बढ़ता ही जा रहा है. केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने पीएम मोदी के बयान का समर्थन किया जिसपर महबूबा मुफ्ती ने कड़ा जवाब दिया है. उन्होंने कहा कि वो 'आर्टिकल 370 का समर्थन करती हैं और वो दिमागी नक्सल हैं.'
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती के तिरंगा उल्टा पकड़ने के विवाद में उनका बचाव किया है और इसे जानबूझकर किया गया कृत्य नहीं माना जाना चाहिए.
जम्मू-कश्मीर में सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस के साथ साथ पीडीपी भी आज सभी 20 जिलों में प्रदर्शन करने जा रही है. ये दल 370 और 35A को हटाने की 7वीं बरसी पर प्रदर्शन करने वाले हैं. 7 साल पहले हटाए गए अनुच्छेद 370 और 35A को लेकर एक दिन पहले भी श्रीनगर में महबूबा मुफ्ती ने कैंडल मार्च किया. और अब आज बड़े प्रदर्शन की तैयारी है. इसे देखते हुए जम्मू कश्मीर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं.
जम्मू-कश्मीर की पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती ने कहा कि भले ही BJP कितनी भी कोशिश कर ले, वह हमारे विचारों पर कब्ज़ा नहीं कर पाएगी. 1931 के शहीद हमारे हीरो हैं. ठीक वैसे ही जैसे भगत सिंह, सुखदेव, अशफ़ाक़ुल्लाह ख़ान और गांधी जी हैं. जैसे गोडसे BJP के हीरो हैं.
ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में भारत की ओर से एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने तेहरान पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस प्रतिनिधिमंडल में बिहार के राज्यपाल और रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन तथा विदेश राज्य मंत्री पवित्र मार्गेरिटा शामिल थे।
भारत के हाई लेवल डेलिगेशन ने तेहरान में अयातुल्ला अली खामेनेई को श्रद्धांजलि दी. इसमें सलमान खुर्शीद, महबूबा मुफ्ती और कई धर्मों के धर्मगुरु भी शामिल रहे.
अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में भारत से बिहार के राज्यपाल, केंद्रीय मंत्री, महबूबा मुफ्ती, सलमान खुर्शीद और कई धर्मगुरु शामिल होंगे.
पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास जाकर दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई को श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने शांति और मानवता की सुरक्षा पर जोर देते हुए युद्ध से बचने की सलाह दी. नकवी ने प्रधानमंत्री मोदी के शांति संदेश को दोहराया और कहा कि युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं है.
ईरान पर हुए हमलों के विरोध में बुधवार को श्रीनगर में जमकर प्रदर्शन हुआ. जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने ट्रंप और नेतन्याहू के पोस्टर जलाकर अपना गुस्सा जाहिर किया. इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार को पुराने रिश्तों की याद दिलाते हुए सवाल उठाया कि आखिर भारत इस हमले पर खामोश क्यों है?
महबूबा मुफ्ती, जो जम्मू कश्मीर की नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हैं, ने खामनेई की मौत पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने खामनेई की मौत को हत्या कहा और इसे गलत बताया. इसके साथ ही उन्होंने कुछ मुस्लिम देशों द्वारा हत्या के समर्थन पर अपनी नाराजगी जाहिर की.
दिल्ली की अदालत ने आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया समेत 21 अन्य आरोपियों को डिस्चार्ज करते हुए सीबीआई की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया. फैसले के बाद विपक्षी नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा. अखिलेश यादव ने इसे बीजेपी के लिए ‘नैतिक मृत्युदंड’ बताया, जबकि महबूबा मुफ्ती ने कहा कि इससे जांच एजेंसियों की मनमानी उजागर हुई है.
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के इतिहास के लिए ‘बदले’ से जुड़े बयान पर जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कड़ी आपत्ति जताई है. उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि इस तरह की भाषा नफरत को बढ़ावा देती है और मुसलमानों के खिलाफ हिंसा को सामान्य बनाने का काम करती है, जिससे एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी की जिम्मेदारी पर सवाल उठते हैं.
पीडीपी प्रमुख और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने सोशल मीडिया पर फिलिस्तीनी झंडे की तस्वीर पोस्ट कर समर्थन जताया है. पोस्ट के समर्थन में उन्होंने फिलिस्तीनी नारा 'From the river to the sea, Palestine will be free' लिखा है.
अनंतनाग में एक कार्यक्रम के दौरान पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने देश में बढ़ती भीड़ और हिंसा को लेकर तीखा बयान दिया. उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू ने जिस भारत की कल्पना की थी, वह अब ‘लिंचिस्तान’ में बदल गया है. उन्होंने इसे देश के भविष्य के लिए खतरनाक बताया. महबूबा मुफ्ती के अनुसार, देश को ऐसे माहौल से बाहर निकालने के लिए गंभीर आत्ममंथन की जरूरत है.
ओडिशा में एक बंगाली मुस्लिम प्रवासी मजदूर की हत्या के एक दिन बाद पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती के बयान से विवाद खड़ा हो गया. इल्तिजा ने भारत को ‘लिंचिस्तान’ कहकर ट्वीट किया.
बिहार की राजनीति में एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान घटी घटना ने सत्ता, मर्यादा और सार्वजनिक आचरण को लेकर नई बहस छेड़ दी है. मुख्यमंत्री की भूमिका, विपक्ष की प्रतिक्रिया और महिला अधिकारों से जुड़े सवालों ने इस मामले को राजनीतिक और संवैधानिक विमर्श के केंद्र में ला दिया है.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एक मुस्लिम महिला का नकाब हटाते वीडियो पर मचे घमासान के बीच जेडीयू अब बचाव के मोड में आ गई है. जेडीयू प्रवक्ता अंजुम आरा ने कहा है कि नीतीश कुमार को किसी के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है.
भाजपा के प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने महबूबा और उनकी बेटी इल्तिजा मुफ्ती की आलोचना की. उन्होंने मुफ्ती पर गंभीर आरोप लगाए और मांग की कि उनकी और परिवार की संभावति आतंक से संबंधों की जांच होनी चाहिए.