'महुआ को Summon और बिधूड़ी पर No Action... ये डबल स्टैंडर्ड', बोले कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर

पूर्व केंद्रीय मंत्री और सीनियर कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने महुआ मोइत्रा पर एक्शन और रमेश बिधुड़ी पर सख्त कार्रवाई ना होने को लेकर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा है कि लोकसभा में आपत्तिजनक टिप्पणी के लिए भाजपा सांसद रमेश बिधूड़ी के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई. यह केंद्र के 'डबल स्टैंडर्ड' को दर्शाता है.

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मणिशंकर अय्यर (File Photo) मणिशंकर अय्यर (File Photo)

aajtak.in

  • पटना,
  • 06 नवंबर 2023,
  • अपडेटेड 6:26 AM IST

कांग्रेस के सीनियर नेता मणिशंकर अय्यर ने महुआ मोइत्रा के मामले की तुलना रमेश बिधूड़ी के केस से करते हुए केंद्र की पॉलिसी को 'डबल स्टैंडर्ड' करार दिया है. उन्होंने कहा कि कैश-फॉर-क्वेरी विवाद पर संसद की आचार समिति ने टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा को तलब कर लिया, लेकिन लोकसभा में आपत्तिजनक टिप्पणी के लिए भाजपा सांसद रमेश बिधूड़ी के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई. यह केंद्र के 'डबल स्टैंडर्ड' को दर्शाता है.

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यह बात अय्यर ने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एस वाई कुरैशी की पुस्तक, इंडियाज एक्सपेरिमेंट विद डेमोक्रेसी-द लाइफ ऑफ नेशन थ्रू इट्स इलेक्शन्स के विमोचन के अवसर पर कही. पूर्व केंद्रीय मंत्री अय्यर ने आगे कहा कि केंद्र में मौजूदा सरकार टीएमसी की महुआ मोइत्रा और बीजेपी के रमेश बिधूड़ी से निपटने में एक अलग दृष्टिकोण अपना रही है. उन्होंने सवाल किया कि इन दोनों मामलों में दोहरे मानदंड क्यों अपनाए जा रहे हैं?

मणिशंकर अय्यर ने आगे कहा कि देश बेहद नाजुक दौर से गुजर रहा है और लोकतंत्र खतरे में है. उन्होंने कहा,'भारतीय संविधान की भावना की रक्षा की जानी चाहिए. लोकतंत्र के हमारे तीनों स्तंभ विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका को मजबूत बने रहने की जरूरत है, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है. बता दें कि महुआ मोइत्रा कैश-फॉर-क्वेरी के आरोपों के सिलसिले में 2 नवंबर को लोकसभा आचार समिति के सामने पेश हुई थीं.  मणिशंकर ने आगे कहा कि बिधूड़ी अलग-अलग राज्यों में बीजेपी के चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं. लेकिन मोइत्रा को एथिक्स कमेटी के सामने पेश होने के लिए मजबूर होना पड़ा. 

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सांसद निशिकांत दुबे ने लगाए थे आरोप

बता दें कि, बीजेपी सांसद निशिकांत ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक पत्र लिखा था और टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ आरोपों की जांच के लिए एक कमेटी गठित करने का आग्रह किया था. उन्होंने महुआ को तत्काल प्रभाव से सदन से सस्पेंड करने की भी मांग की थी. स्पीकर को लिखे अपने पत्र में कहा था निशिकांत दुबे ने कहा था कि मोइत्रा ने हाल तक संसद में जो 61 सवाल पूछे थे, उनमें से 50 अडानी समूह पर फोकस थे.

सवाल पूछने के लिए रिश्वत लेने का आरोप

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने मोइत्रा पर अडानी समूह और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाने के लिए व्यवसायी दर्शन हीरानंदानी की ओर से संसद में 'सवाल पूछने के लिए रिश्वत लेने' का आरोप लगाया था. दावा किया था कि महुआ मोइत्रा पैसे और गिफ्ट लेकर संसद में सवाल पूछती हैं. निशिकांत दुबे ने ये आरोप लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को लिखी चिट्ठी में लगाए थे. दुबे की शिकायत पर बिरला ने इस मामले को लोकसभा की एथिक्स कमेटी के पास भेज दिया था. एथिक्स कमेटी के अध्यक्ष बीजेपी सांसद विनोद कुमार सोनकर हैं.

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