'अमेरिका से कॉपी-पेस्ट की एथेनॉल पॉलिसी', तहसीन पूनावाला ने शेयर किया नितिन गडकरी का पुराना वीडियो

सामाजिक कार्यकर्ता तहसीन पूनावाला ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का पुराना वीडियो शेयर किया है. बिना तारीख वाले इस वीडियो में नितिन गडकरी भारत में मानक तय करने की प्रक्रिया में लगने वाले लंबे समय को लेकर बात करते दिखाई दे रहे हैं.

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वीडियो में गडकरी सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं करने की बात भी कह रहे हैं (File Photo- PTI) वीडियो में गडकरी सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं करने की बात भी कह रहे हैं (File Photo- PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 13 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 7:37 PM IST

देश भर में E20 पेट्रोल को लेकर जारी बहस के बीच एक नया घटनाक्रम सामने आया है. सामाजिक कार्यकर्ता तहसीन पूनावाला ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का पुराना वीडियो शेयर किया है. पूनावाला ने आरोप लगाया है कि सरकार ने एथेनॉल से जुड़े मानकों को अमेरिका की नीति से सीधे कॉपी-पेस्ट किया है. उन्होंने गडकरी को तत्काल मंत्री पद से हटाने की मांग भी की है.

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दरअसल, पूनावाला लंबे समय से E20 पेट्रोल के खिलाफ अभियान चला रहे हैं. E20 पेट्रोल में 80 फीसदी पेट्रोल और 20 फीसदी इथेनॉल मिलाया जाता है. उनका दावा है कि इससे खासकर पुराने वाहनों की माइलेज और इंजन की सेहत पर असर पड़ सकता है.

पूनावाला की ओर से साझा किए गए बिना तारीख वाले वीडियो में नितिन गडकरी भारत में मानक तय करने की प्रक्रिया में लगने वाले लंबे समय को लेकर बात करते दिखाई दे रहे हैं. गडकरी कहते हैं कि किसी मानक को तैयार करने में विभागों को तीन से चार साल लग जाते हैं और वह इससे परेशान हो गए थे. इसके बाद वह इथेनॉल के लिए मानक तैयार करने का उदाहरण देते हुए कहते हैं कि उन्होंने अधिकारियों से अमेरिकी कानून को आधार बनाने और उसमें जरूरी बदलाव करके भारतीय मानक तैयार करने को कहा था.

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गडकरी वीडियो में कहते सुनाई देते हैं कि अगर अमेरिकी कानून पहले से मौजूद है तो उसे आधार बनाकर जरूरी सुधार किए जाएं और भारतीय परिस्थितियों के मुताबिक लागू किया जाए. उनका तर्क था कि अमेरिका और यूरोप जैसे देशों में सुरक्षा मानकों पर पहले से काफी काम हुआ है.

उन्होंने यह भी कहा कि उनका कार्यकाल पांच साल का है और अगर सिर्फ मानक तैयार करने में ही पांच साल लग जाएंगे तो वास्तविक काम कब होगा.

'सुरक्षा से समझौता नहीं होना चाहिए'

हालांकि, इसी वीडियो में गडकरी सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं करने की बात भी कहते नजर आते हैं. वह बताते हैं कि 100 फीसदी इथेनॉल, इलेक्ट्रिक वाहन और हाइड्रोजन समेत अलग-अलग क्षेत्रों के लिए मानक तैयार किए जा रहे हैं. गडकरी कहते हैं कि उनकी सलाह सिर्फ इतनी है कि सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाना चाहिए.

वीडियो कब और कहां रिकॉर्ड किया गया था, इसकी आधिकारिक जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है. वीडियो से ऐसा प्रतीत होता है कि गडकरी किसी कार्यक्रम में बोल रहे थे.

पूनावाला ने क्या आरोप लगाया?

वीडियो शेयर करते हुए तहसीन पूनावाला ने आरोप लगाया कि गडकरी ने इथेनॉल मानकों की नीति अमेरिका से 'कॉपी-पेस्ट' की. उन्होंने यह भी दावा किया कि गडकरी ने अदालत में कहा था कि उनका इथेनॉल कार्यक्रम से कोई लेना-देना नहीं है.

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पूनावाला ने गडकरी को तत्काल बर्खास्त करने की मांग करते हुए कहा कि E20 पेट्रोल को वापस लिया जाना चाहिए. हालांकि, गडकरी या केंद्र सरकार की ओर से पूनावाला के इन आरोपों पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

संसद में गडकरी के बयान से जोड़कर उठे सवाल

गडकरी के इस वीडियो को उनके हालिया संसदीय बयान से जोड़कर भी सवाल उठाए जा रहे हैं. पिछले महीने संसद में दिए गए लिखित जवाब में सड़क परिवहन मंत्री ने कहा था कि E20 कार्यक्रम को भारतीय ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन (ARAI) समेत संबंधित संस्थानों के वैज्ञानिक परीक्षण और कई वर्षों के शोध के बाद लागू किया गया.

सरकार का कहना है कि E20 को लेकर व्यापक परीक्षण किए गए हैं और इस ईंधन मिश्रण के कारण इंजन फेल होने का कोई प्रमाण नहीं मिला है. हालांकि, खासकर 2023 से पहले के कई वाहनों के मालिक E20 से माइलेज कम होने और रखरखाव खर्च बढ़ने की शिकायत करते रहे हैं. सरकार ने भी माना है कि E20 से ईंधन दक्षता में मामूली कमी आ सकती है.

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