'प्रोटोकॉल रखने में क्या गलत है?', विपक्षी दलों की बैठक में IAS की तैनाती पर कर्नाटक CM का बीजेपी-जेडीएस पर पलटवार

बेंगलुरु में हुई विपक्षी दलों की बैठक को लेकर अब घमासान मचा हुआ है. इस बैठक में विपक्षी नेताओं की अगवानी के लिए 30 IAS अधिकारियों की तैनाती को लेकर विपक्षी बीजेपी और जेडीएस सवाल उठा रही है. इसको लेकर सीएम सिद्धारमैया ने पलटवार किया है.

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कर्नाटक सीएम सिद्धारमैया (फाइल फोटो) कर्नाटक सीएम सिद्धारमैया (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • बेंगलुरु,
  • 20 जुलाई 2023,
  • अपडेटेड 5:54 PM IST

बेंगलुरु में अगामी लोकसभा चुनाव के लिए हुई विपक्षी दलों की बैठक को लेकर अब घमासान मचा हुआ है. इस बैठक में विपक्षी नेताओं की अगवानी के लिए 30 IAS अधिकारियों की तैनाती को लेकर विपक्षी बीजेपी और जेडीएस सवाल उठा रही है. इस बीच कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की प्रतिक्रिया भी सामने आई है, जिसमें उन्होंने बीजेपी और जेडीएस को घेरा है.

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सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि 2015 में अनंत कुमार हेगड़े और आर अशोक के अनुरोध पर बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारी नेताओं के लिए भी प्रोटोकॉल दिया था. अब 26 पार्टियों के नेता भारत के लोकतंत्र को बचाने के लिए यहां आये, उनके लिए प्रोटोकॉल रखने में क्या गलत है? 

उन्होंने कहा कि 2018 में जब एचडी कुमारस्वामी (पूर्व सीएम और जेडीएस ) ने शपथ ली तो उनके शपथ ग्रहण समारोह में कई नेता आए. उन्होंने आईएएस अधिकारियों का इस्तेमाल किया. मुझे वह तारीख याद है, जब उन्होंने शपथ ली थी. अब कुमारस्वामी विरोध कर रहे हैं. उन्हें कौन सा नैतिक अधिकार प्राप्त था?

रिटायर्ड IAS ने कैबिनेट सचिव को लिखा पत्र

इस बीच अब एक सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी मदन गोपाल ने बेंगलुरु में विपक्षी नेताओं की सेवा और स्वागत के लिए तैनात 30 से अधिक सेवारत आईएएस अधिकारियों को कैबिनेट सचिव को पत्र लिखा है. इसमें उन्होंने जांच का अनुरोध करते हुए संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगने को कहा है. साथ ही कहा कि राजनीतिक मशीनरी का ऐसा "घोर दुरुपयोग" और आईएएस अधिकारियों का "राजनीतिक डोरमैट" के रूप में इस्तेमाल कर्नाटक या भारत में कहीं भी दोबारा नहीं होना चाहिए.

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बीजेपी के 10 विधायक विधानसभा से सस्पेंड

बता दें कि इस मुद्दे को लेकर बुधवार को कर्नाटक विधानसभा में काफी हंगामा हुआ. इस दौरान बीजेपी के 10 विधायकों को कार्यवाही न होने देने और उप सभापति के ऊपर कागज फेंकने के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया. इसके बाद से बीजेपी लगातार कांग्रेस सरकार पर निशाना साध रही है.

(रिपोर्ट- अनाघा)

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