सऊदी अरब में हूती विद्रोहियों का प्रहार जारी है. इस बार हूतियों ने यमन में सरकारी सेना को निशाना बनाकर ताइज शहर पर हमला किया है. इस हमले में 5 लोग मारे गए हैं. इनमें 5 साल का एक बच्चा भी शामिल है, इसके अलावा दर्जनों लोग जख्मी हुए हैं. इस बीच यहां स्थिति तेजी से बिगड़ रही है.
सऊदी समर्थित ईरान की सरकारी सेना अब हूतियों से सना शहर छीनने की तैयारी कर रही है. इस बीच हूती-समर्थक मीडिया 'अल-मसीराह' ने मंगलवार को कहा कि सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन ने सना के पश्चिम में ऑयल फैसिलिटी पर हवाई हमले किए हैं. उसने इसका कोई सबूत नहीं दिया.
यह रिपोर्ट सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता की उस चेतावनी के कुछ ही समय बाद आई, जिसमें उन्होंने इलाके के निवासियों से अपनी सुरक्षा के लिए वहां से निकलने को कहा था. शहर में मौजूद लोगों ने बताया कि उन्होंने सना में धमाकों की आवाज़ सुनी. तुरंत यह पता नहीं चल सका कि किस चीज़ को निशाना बनाया गया.
इस बीच सऊदी अरब समर्थित यमन की सरकारी सेना ने कहा है कि हूतियों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन में 950 हूती विद्रोही मारे गए हैं.
सना पर हमले के लिए शुरू होगा ऑपरेशन
सना पर हमले की जानकारी देते हुए सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मालिकी का कहना है कि यमन की राजधानी सना में जिस पर हूती विद्रोहियों का कब्ज़ा है, वहां के एक जगह से नागरिकों को बाहर निकालने के लिए जल्द चेतावनी जारी की जाएगी. उन्होंने 'X' पर एक बयान में कहा कि उस इलाके में "एक खास ऑपरेशन" चलाने के लिए यह कदम ज़रूरी है.
हूती विद्रोहियों ने चेताया
इस बीच हूती विद्रोहियों ने ऐसे किसी हमले पर जबर्दस्त प्रतिकार की चेतावनी दी है. हूतियों ने कहा है कि अगर सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन ने सना पर हमला किया तो हूती रियाद में 'कड़ी' प्रतिक्रिया की चेतावनी देते हैं.
हूती प्रवक्ता याह्या सरी का कहना है कि यमन की राजधानी सना पर किसी भी हमले का जवाब रियाद में कड़ी और दर्दनाक कार्रवाई से दिया जाएगा.
यह बयान सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन द्वारा यह कहे जाने के कुछ ही समय बाद आया है कि जल्द ही सना में एक जगह से नागरिकों को निकलने के लिए चेतावनी जारी की जाएगी.
मंगलवार को सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन की राजधानी सना के निवासियों से कहा कि वे सरकारी तेल कंपनी की सुविधा और आस-पास के स्टोरेज इलाकों को खाली कर दें, क्योंकि वहां "ऑपरेशन" होने वाला है.
गठबंधन के प्रवक्ता जनरल तुर्की अल-मलिकी ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि यह कदम निवासियों की सुरक्षा के लिए उठाया गया है. खाली कराए जाने वाला इलाका पश्चिमी सना में एक पहाड़ी पर स्थित है, जहां से पूरी राजधानी दिखाई देती है.
हूती सैन्य प्रवक्ता जनरल याह्या सरी ने एक संक्षिप्त बयान में कहा कि अगर सना को निशाना बनाया गया, तो सऊदी राजधानी में "कड़ा और दर्दनाक" जवाब दिया जाएगा.
हूती विद्रोहियों ने मंगलवार को यह भी चेतावनी दी कि अरामको की तेल सुविधाएं उनके टारगेट पर हैं और उन्होंने लोगों से इन जगहों से दूर रहने को कहा.
इस बीच हूती राजनीतिक ब्यूरो के प्रवक्ता मोहम्मद अल-बुखैती ने सोमवार को स्काई न्यूज़ को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि अगर सऊदी अरब युद्ध खत्म करने की अपील पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देता है, तो सऊदी अरब के खिलाफ हतू सैन्य अभियान तब तक जारी रहेंगे "जब तक कि सऊदी अरब की सभी तेल सुविधाएं और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे नष्ट नहीं हो जाते."
रियाद के ऊपर इंटरसेप्ट किए गए ड्रोन
इस बीच सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन का कहना है कि रियाद शहर के उत्तर में तीन ड्रोन को आसमान में इंटरसेप्ट किया गया है. सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी का कहना है कि सऊदी राजधानी रियाद के उत्तर में तीन ड्रोन रोके गए हैं. इससे अब तक किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं है.
950 हूती मारे गए, यमन सरकार का दावा
इस बीच यमन की सरकारी सेना ने कहा है कि हूतियों के खिलाफ चल रहे ऑपरेशन "डॉन ऑफ यमन" में ईरान समर्थित हूतियों के खिलाफ 1,879 ऑपरेशन किए. सैन्य प्रवक्ता कर्नल माजिद अल-नुजैली ने कहा कि ऑपरेशन में 950 हूती लड़ाके मारे गए और 380 सैन्य वाहन नष्ट या निष्क्रिय हो गए. हालांकि इन आंकड़ों की पुष्टि नहीं की जा सकी है.
'ऑपरेशन डॉन यमन' की शुरुआत 5 अक्टूबर को यमन की प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल के चेयरमैन रशाद अल-अलीमी ने की थी.
अम्मान स्थित 'रोया न्यूज़' के अनुसार सरकार का कहना है कि इस अभियान का मकसद हूती विद्रोहियों के कब्जे वाले इलाकों को वापस लेना, सरकारी संस्थाओं को फिर से बहाल करना और राजधानी सना पर हूतियों का कब्ज़ा खत्म करना है.
यह हमला मुख्य रूप से यमन के पश्चिमी तट और बाब अल-मंदेब स्ट्रेट पर केंद्रित रहा है, जो लाल सागर और अदन की खाड़ी के बीच एक अहम समुद्री रास्ता है.
सरकार समर्थक सेनाओं ने बाब अल-मंदेब, धुबाब और मोखा के आसपास आगे बढ़ने का दावा किया है, हालांकि हूतियों ने युद्ध के मैदान से जुड़े कुछ दावों पर सवाल उठाए हैं.
हूतियों ने 2014 में सना पर कब्ज़ा कर लिया था जिससे एक युद्ध छिड़ गया. इस युद्ध में सऊदी अरब के नेतृत्व वाला गठबंधन भी शामिल हुआ, जो यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार का समर्थन कर रहा था.
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