सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्ज्वल भुइयां ने देश के नागरिकों के मतदान के अधिकार को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा बयान दिया है. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि ऐसी कोई भी प्रक्रिया पूरी तरह से मनमानी है जो लाखों भारतीय नागरिकों को उनके वोट देने के अधिकार से वंचित करती है. जस्टिस भुइया के अनुसार, किसी भी परिस्थिति या बहाने से इस तरह की प्रक्रिया को सही नहीं ठहराया जा सकता. उन्होंने भारतीय संविधान का हवाला देते हुए कहा कि हमारा संविधान दो श्रेणियों के नागरिकों की अनुमति नहीं देता है, जिसमें एक वर्ग को मतदान का अधिकार हो और दूसरे वर्ग को इससे वंचित रखा जाए.