दिल्ली-एनसीआर में लगातार बिगड़ती हवा की गुणवत्ता और वायु प्रदूषण के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में एक बेहद अहम सुनवाई हुई. सुनवाई की शुरुआत में अदालत ने दिल्ली के मौजूदा माहौल और जहरीली हवा पर गहरी चिंता व्यक्त की. कोर्ट की एमिकस क्यूरी ने पीठ को बताया कि दिल्ली की आबोहवा में सांस लेना रोजाना 30 सिगरेट पीने के बराबर है, जिसका सबसे बुरा असर बच्चों के नाजुक फेफड़ों पर पड़ रहा है.