पीएम मोदी छत्तीसगढ़ के बस्तर पहुंचे. जहां उन्होंने जवानों के साथ दिवाली मनाई। पीएम ने कहा कि एक समय था जब देश में हजारों गांव नक्सली हिंसा से प्रभावित थे और हर साल हजारों की संख्या में हमले होते थे. साल 2010 में दंतेवाड़ा में हुई दुखद घटना में सीआरपीएफ के 76 जवान शहीद हुए थे और 44 निर्दोष नागरिकों की जान चली गई थी. उस दौर में राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी के कारण सुरक्षा बलों के हाथ बंधे हुए थे और नक्सली हमलों का मुंहतोड़ जवाब नहीं दिया जा पाता था. लेकिन 2014 के बाद देश की सुरक्षा नीतियों में बड़ा बदलाव आया. ठोस रणनीति और मजबूत इच्छाशक्ति के साथ नक्सलियों तथा अलगाववादियों के आर्थिक तंत्र और फंडिंग पर करारा प्रहार किया गया. नकली नोटों के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया.