देश भर में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध की आवाजें तेज हो गई हैं. इंडिया गठबंधन और कॉकरोच जनता पार्टी (सजेपी) मिलकर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक बड़ा मोर्चा खोलने की तैयारी में हैं. इस कड़ी में मुंबई के ऐतिहासिक शिवाजी पार्क से एक बड़े आंदोलन की शुरुआत होने जा रही है. हालांकि, मुंबई पुलिस ने इस प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी है, लेकिन आंदोलनकारियों का हौसला डगमगाया नहीं है. सजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने साफ चेतावनी दी है कि वे पीछे नहीं हटेंगे और अगर प्रशासन उन्हें रोकता है, तो वे जेल भरो आंदोलन के लिए भी तैयार हैं. इस बड़े आंदोलन के पीछे विपक्ष की तीन प्रमुख मांगें हैं. पहली मांग यह है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर आपराधिक मामले दर्ज किए जाएं और उनकी जांच हो. दूसरी मांग के अनुसार, मतदाता सूची को फ्रीज किया जाए ताकि चुनाव पूरी पारदर्शिता के साथ हो सकें. तीसरी और सबसे महत्वपूर्ण मांग यह है कि चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में पूरी निष्पक्षता और स्वतंत्रता होनी चाहिए, न कि केवल सरकार की मर्जी से नियुक्तियां हों. इससे पहले भी कांग्रेस और वामपंथी दलों ने चेन्नई और देश के अन्य हिस्सों में प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज कराया है. सजेपी ने पहले भी नीट पेपर लीक मामले में जंतर मंतर पर सफल आंदोलन किया था और अब वे इस नए मुद्दे पर भी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं. यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो आने वाले समय में दिल्ली के जंतर मंतर समेत देश के कई अन्य राज्यों जैसे बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और कर्नाटक में भी यह आंदोलन फैल जाएगा.