लद्दाख में हुई हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई है और लगभग 70 से 80 लोग घायल हुए हैं. इस पर बात करते हुए एक्टिविस्ट सज्जाद करगिल ने बताया कि सरकार ने बातचीत के लिए कमिटी बनाई, लेकिन दिए गए समय पर बात नहीं की, जिससे लोगों में गुस्सा था. साथ ही पिछले 6 साल में एक भी सरकारी नौकरी नहीं दी गई.