'अस्पताल छोड़ने की जिद कर रहे थे सोनम वांगचुक', वायरल वीडियो पर सफदरजंग का बयान

सोनम वांगचुक का अस्पताल के अंदर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सफदरजंग अस्पताल ने सफाई दी है. अस्पताल का कहना है कि वीडियो 21 जुलाई का है और हाई कोर्ट का लिखित आदेश मिलने से पहले रिकॉर्ड किया गया था.

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सोनम वांगचुक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया था. (Photo- ITG) सोनम वांगचुक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया था. (Photo- ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 25 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 12:08 PM IST

सोनम वांगचुक के अस्पताल के अंदर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सफदरजंग अस्पताल ने इस पर आधिकारिक बयान जारी किया है. अस्पताल ने स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो 21 जुलाई का है और इसे अस्पताल परिसर के अंदर उस जगह रिकॉर्ड किया गया था, जहां वीडियो रिकॉर्डिंग की अनुमति नहीं है.

सफदरजंग अस्पताल के मुताबिक, यह वीडियो वांगचुक के सहयोगियों ने उस समय बनाया था, जब अस्पताल प्रशासन को दिल्ली हाई कोर्ट का लिखित आदेश नहीं मिला था. अस्पताल ने कहा कि उस वक्त सोनम वांगचुक मीडिया में आई खबरों के आधार पर अस्पताल छोड़ने की जिद कर रहे थे.

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अस्पताल ने अपने बयान में कहा कि जैसे ही हाई कोर्ट का लिखित आदेश अस्पताल को मिला, उसी दिन शाम 6:40 बजे सोनम वांगचुक को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल की डॉक्टरों की टीम को विधिवत सौंप दिया गया. अस्पताल का कहना है कि पूरी प्रक्रिया कोर्ट के आदेश के अनुसार पूरी की गई.

सोनम वांगचुक की पत्नी ने वायरल वीडियो पर क्या कहा?

इस पूरे मामले पर सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने दावा किया कि पहले सफदरजंग और अब मेदांता अस्पताल में भी बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात हैं. उनके मुताबिक, मुख्य गेट, रिसेप्शन, लिफ्ट और ICU के बाहर पुलिस मौजूद है और वही तय कर रही है कि कौन वांगचुक से मिल सकता है और कौन नहीं.

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गीतांजलि ने सवाल किया कि जब अदालत स्पष्ट कर चुकी है कि सोनम वांगचुक हिरासत में नहीं हैं, तो फिर पुलिस किस अधिकार के तहत लोगों की मुलाकात पर नियंत्रण कर रही है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में पुलिस की भूमिका नागरिकों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने की होनी चाहिए, न कि यह तय करने की कि कौन किसी मरीज से मिल सकता है.

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