गोवा के पणजी में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के जश्न के दौरान जेल में बंद छात्र कार्यकर्ता उमर खालिद का समर्थन करने के आरोप में पुलिस ने दो युवकों को हिरासत में लिया है. एक एजेंसी के मुताबिक खालिद को 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया गया था.
शनिवार को यहां आज़ाद मैदान में एक समूह प्रधान के इस्तीफे का जश्न मना रहा था. यह इस्तीफा नीट पेपर लीक मुद्दे पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' के नेतृत्व में हुए देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बाद हुआ था. तभी दानिश नाम के एक युवक ने खालिद के समर्थन में एक प्लेकार्ड दिखाया. मीडिया द्वारा पूछे जाने पर युवक ने कहा कि वह खालिद की जेल से रिहाई के मकसद का समर्थन करता है.
विरोध स्थल पर मौजूद एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने दानिश को हिरासत में ले लिया, क्योंकि उसने अपनी पहचान बताने से इनकार कर दिया था. युवक को हिरासत में लिए जाने के बाद, आज़ाद मैदान में जमा हुए लोगों ने उसकी रिहाई की मांग करते हुए पुलिस मुख्यालय तक मार्च किया.
भारतीय जनता युवा मोर्चा ने आरोपियों के खिलाफ की कड़ी कार्रवाई की मांग
एक अधिकारी ने बताया कि जब समूह दानिश के समर्थन में नारे लगा रहा था, तभी पुलिस ने सुदिन दलवी नाम के एक और व्यक्ति को हिरासत में ले लिया, क्योंकि उसने भी कथित तौर पर खालिद का समर्थन किया और मीडियाकर्मियों के साथ बदसलूकी करने लगा. पुलिस अधिकारी ने कहा कि उनके खिलाफ़ FIR दर्ज की जाएगी.
इस बीच, भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के नेताओं ने दोनों आरोपियों के खिलाफ़ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए पणजी पुलिस स्टेशन के बाहर विरोध प्रदर्शन किया. BJYM गोवा के अध्यक्ष तुषार केलकर ने मांग की कि पुलिस उन पर "राष्ट्र-विरोधी" व्यक्ति का समर्थन करने के लिए गैर-जमानती अपराधों का मामला दर्ज करे.
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