भारत के सेमीकंडक्टर मिशन को बड़ी मजबूती मिली है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को गुजरात के साणंद में CG SEMI प्राइवेट लिमिटेड की आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट (OSAT) फैसिलिटी का उद्घाटन किया. 7600 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह प्लांट अब भारत और दुनिया भर के ग्राहकों के लिए सेमीकंडक्टर चिप्स का उत्पादन और सप्लाई करेगा.
इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा के लिए यह एक ऐतिहासिक दिन है. साणंद में CG SEMI की OSAT फैसिलिटी चिप मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को मजबूत करेगी, टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देगी और ग्लोबल सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन में भारत की स्थिति को और मजबूत बनाएगी."
यह भी पढ़ें: 'जंग में दिखा भारतीय डिप्लोमेसी का जलवा, 40 मुल्कों से आया तेल', PM मोदी ने बताया कैसे संभले हालात
इस परियोजना को भारत सेमीकंडक्टर मिशन के तहत फरवरी 2024 में केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी मिली थी. उद्घाटन से पहले प्रधानमंत्री ने प्लांट का दौरा किया और चिप निर्माण की विभिन्न प्रक्रियाओं का निरीक्षण भी किया. उनके साथ केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी और विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री अर्जुन मोढवाडिया भी मौजूद रहे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "सीजी सेमी का यह प्लांट भारत, जापान और थाईलैंड के साझा प्रयास का प्रतीक है. भरोसे और साझेदारी का यह मॉडल भारत को नई गति देगा. महज सवा दो साल में स्क्रैप से स्केल तक इस फैसिलिटी को तैयार किया गया है. आज यहां कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू हो गया है. हर साल इस प्लांट से 20 करोड़ चिप्स के उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है. लेकिन हमें यहीं नहीं रुकना है. हमारा लक्ष्य हर साल 500 करोड़ चिप्स का उत्पादन करना है, यानी हर दिन 1.5 करोड़ से ज्यादा चिप्स. मुझे पूरा विश्वास है कि आप इस लक्ष्य को जरूर हासिल करेंगे. सेमिकॉन इंडिया प्रोग्राम अब तेज गति से आगे बढ़ रहा है."
5000 रोजगार के अवसर पैदा होंगे
फिलहाल इस प्लांट में 300 से अधिक कर्मचारी काम कर रहे हैं. कंपनी का अनुमान है कि अगले पांच वर्षों में इस परियोजना से करीब 5,000 प्रत्यक्ष और परोक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे. इससे गुजरात में हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा.
साणंद में पहले माइक्रोन और केन्स सेमीकॉन की परियोजनाएं शुरू हो चुकी हैं. अब CG SEMI की नई OSAT फैसिलिटी जुड़ने से यह इलाका देश का प्रमुख सेमीकंडक्टर हब बनता जा रहा है. कंपनी के दूसरा प्लांट का भी निर्माण चल रहा है. दोनों यूनिट पूरी तरह चालू होने के बाद प्रतिदिन करीब 1.5 करोड़ सेमीकंडक्टर चिप्स का उत्पादन किया जाएगा.
सेमीकंडक्टर मिशन के तहत 6 प्रोजेक्ट को मंजूरी
भारत सेमीकंडक्टर मिशन के तहत अब तक गुजरात में छह बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिल चुकी है. इनमें टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, माइक्रोन टेक्नोलॉजी, CG SEMI, केन्स सेमीकॉन, सुची सेमीकॉन और क्रिस्टल मैट्रिक्स शामिल हैं. इन सभी परियोजनाओं के जरिए राज्य में करीब 14.7 बिलियन डॉलर का निवेश हो रहा है, जिससे भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में मजबूत पहचान मिलने की उम्मीद है.
aajtak.in