पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों का India-Russia संबंधों पर क्या होगा असर, डिफेंस डील्स का क्या होगा? रूस ने दिया ये जवाब

पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों को दरकिनार करते हुए रूस ने यूक्रेन के खिलाफ जंग छेड़ दी है. पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों का भारत और रूस के संबंधों पर क्या असर होगा, इस बारे में भारत में रूसी राजनयिक रोमन बाबुश्किन ने जवाब दिया है. उन्होंने कहा कि इन प्रतिबंधों को असर भारत और रूस के संबंधों पर नहीं होगा.

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तस्वीर उस वक्त की है जब पिछले साल दिसंबर में व्लादिमीर पुतिन भारत दौरे पर आए थे. (फाइल फोटो-PTI) तस्वीर उस वक्त की है जब पिछले साल दिसंबर में व्लादिमीर पुतिन भारत दौरे पर आए थे. (फाइल फोटो-PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 24 फरवरी 2022,
  • अपडेटेड 10:39 AM IST
  • रूस ने कहा, S-400 डील पर नहीं होगा असर
  • UNSC में भारत के स्टैंड का रूस ने स्वागत किया

Russia-Ukraine War: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन के खिलाफ जंग का ऐलान कर दिया है. दो देशों के बीच तनाव का असर पूरी दुनिया पर दिखना शुरू हो गया है. अमेरिका समेत पश्चिमी देशों ने रूस पर कई तरह के प्रतिबंध लगा भी दिए हैं और कई प्रतिबंध लगाने की चेतावनी भी दी है. इन प्रतिबंधों के चलते भारत और रूस के बीच रक्षा समझौतों पर भी असर होने की आशंका है. हालांकि, रूस का कहना है कि प्रतिबंधों का असर भारत और रूस के रिश्तों पर नहीं होगा.

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भारत में रूस के राजनयिक रोमन बाबुश्किन (Roman Babushkin) ने कहा है कि वैश्विक शक्ति के रूप में भारत एक अहम भूमिका निभा रहा है. उन्होंने ये भी कहा कि मौजूदा तनाव का असर भारत और रूस के संबंधों पर नहीं होगा और अगले महीने गुजरात में होने वाले डिफेंस एक्स्पो में रूस की बड़ी भागीदारी होगी. उन्होंने रूस-यूक्रेन तनाव पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत के स्टैंड का स्वागत भी किया है.

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) ने सोमवार को पूर्वी यूक्रेन के डोनेत्स्क (Donetsk) और लुहंस्क (Luhansk) को एक स्वतंत्र देश के तौर पर मान्यता दे दी थी. इसके बाद UNSC में हुई इमरजेंसी मीटिंग में भारत ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की थी.

ये भी पढ़ें-- Russia-Ukraine Conflict: NATO से क्यों चिढ़ता है रूस? जानिए क्या है 7 दशक पुरानी दुश्मनी की कहानी

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S-400 डील का क्या होगा?

- भारत और रूस के बीच S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम खरीदने की डील हुई है. इसकी डिलिवरी शुरू भी हो गई है. ये पूछे जाने पर कि पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों का S-400 मिसाइल सिस्टम की डिलिवरी पर कितना असर होगा? इस बारे में बाबुश्किन ने सीधा जवाब तो नहीं दिया लेकिन ये जरूर कहा कि प्रोजेक्ट जारी रहेगा.

- उन्होंने कहा कि हम रक्षा समेत सारे मुद्दों पर पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के नकारात्मक असर पर नजर बनाए हुए हैं, लेकिन बात जब भारत की आती है तो हमारे बीच बहुत मजबूत और भरोसेमंद सहयोग है. उन्होंने कहा कि हम इंडियन पार्टनर के साथ लगातार काम करते रहेंगे. हमारे बड़े प्लान हैं और हमें उम्मीद है कि हमारी पार्टनरशिप इसी तरह चलती रहेगी.

प्रतिबंधों से वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित होगी

- रूसी राजनयिक रोमन बाबुश्किन का कहना है कि प्रतिबंधों का रूस की अर्थव्यवस्था और बैंकिंग सिस्टम पर नकारात्मक असर होगा, साथ ही इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था भी अस्थिर होगी क्योंकि इससे वो 'डर' और 'अविश्वास' का माहौल पैदा करेंगे. 

- उन्होंने कहा कि भारत और रूस के संबंध मजबूत और ठोस नींव पर आधारित हैं. उन्होंने कहा कि रूस अगले महीने डिफेंस एक्स्पो में हिस्सा लेगा. बाबुश्किन ने ये भी कहा कि भारत और रूस दोनों एक-दूसरे को एकतरफा प्रतिबंधों पर धमकाते नहीं हैं और एक-दूसरे के घरेलू मामलों में दखल नहीं देते. उन्होंने कहा कि भारत और रूस कंधे से कंधा मिलाकर चलते हैं.

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पश्चिमी ताकत अस्थिरता पैदा कर रहीं

- यूक्रेन के साथ मौजूदा विवाद के लिए उन्होंने पश्चिमी देशों को जिम्मेदार ठहराया और क्षेत्र में अस्थिरता पैदा करने का आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया कि NATO अस्थिरता पैदा कर रहा है और पश्चिमी देश रूस पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं.

- उन्होंने आरोप लगाया कि 2014 से यूक्रेन को 'बाहरी ताकत' नियंत्रित कर रही हैं और तब से ही अमेरिका हजारों टन मिलिट्री इक्विपमेंट भेज रहा है. उन्होंने कहा कि रूस हमेशा बातचीत की पैरवी करता रहा है क्योंकि हम तनाव का शांतिपूर्ण हल चाहते हैं.

 

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