'दुनिया से 6 गुना कम है भारत का कार्बन उत्सर्जन', PM मोदी ने जलवायु परिवर्तन और वैश्विक एलायंस को लेकर दिया बड़ा संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पर्यावरण और जलवायु सम्मेलन में कहा कि भारत का प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन दुनिया के औसत के आधे से कम है, जबकि विकसित देशों में यह 6 गुना ज्यादा है. उन्होंने बताया कि भारत ने पेरिस के वादे समय से पहले पूरे किए. 12 साल में सोलर क्षमता 2 गीगावाट से 160 गीगावाट से ज्यादा हुई.

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प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत दुनिया को साथ लेकर पर्यावरण सुरक्षा के नए मापदंड स्थापित कर रहा है (Photo: Youtube/@Narendra Modi) प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत दुनिया को साथ लेकर पर्यावरण सुरक्षा के नए मापदंड स्थापित कर रहा है (Photo: Youtube/@Narendra Modi)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 19 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 11:31 AM IST

भारत का प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन आज भी ग्लोबल एवरेज के आधे से कम है और विकसित देशों की तुलना में करीब छह गुना कम है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन से जुड़े एक कार्यक्रम में भारत के पर्यावरण प्रयासों और उपलब्धियों का जिक्र करते हुए यह बात कही. उन्होंने कहा कि भारत इन आंकड़ों को मजबूती से वैश्विक मंचों पर रखता है और दुनिया के साथ मिलकर पर्यावरण सुरक्षा के नए मानक बनाने की दिशा में काम कर रहा है.

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पीएम मोदी ने कहा कि वन वर्ल्ड, वन ग्रिड, इंटरनेशनल सोलर एलायंस, ग्लोबल बायोफ्यूल एलायंस, इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस और मिशन लाइफ जैसे मंच भारत की पर्यावरण प्रतिबद्धता को आगे बढ़ा रहे हैं. उन्होंने कहा कि आज का भारत अपने पुराने पर्यावरण विचारों को आधुनिक सोच के साथ जोड़कर आगे बढ़ रहा है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 12 सालों में पर्यावरण से जुड़े लगभग हर क्षेत्र में भारत ने बड़ी प्रगति की है. उन्होंने खास तौर पर रिन्यूएबल एनर्जी का जिक्र किया. पीएम मोदी के मुताबिक भारत जी20 में एक ऐसा देश है जिसने पेरिस में कॉप21 के दौरान किए गए अपने सभी कमिटमेंट समय से पहले पूरे किए हैं. उन्होंने कहा कि नॉन फॉसिल फ्यूल, सोलर एनर्जी क्षमता और कार्बन उत्सर्जन कम करने के क्षेत्र में भारत के प्रदर्शन की चर्चा दुनिया में हो रही है.

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पीएम मोदी ने बताया कि 12 साल पहले भारत की सोलर एनर्जी क्षमता करीब 2 गीगावॉट थी, जो अब 160 गीगावॉट से ज्यादा हो चुकी है. पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 50 लाख से ज्यादा घरों में रूफटॉप सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं. उन्होंने कहा कि सरकार ने इसके लिए हर घर को करीब 80 हजार रुपये तक की आर्थिक मदद दी है. कुसुम योजना के तहत 30 लाख किसानों के खेतों में सोलर पंप लगाए गए हैं.

उन्होंने कहा कि वन नेशन, वन ग्रिड का प्रोजेक्ट भी पूरा किया गया है. करोड़ों एलईडी बल्ब घरों तक पहुंचाए गए हैं. पीएम मोदी के मुताबिक अकेले सोलर एनर्जी से भारत में करीब 20 करोड़ टन कार्बन उत्सर्जन रोकने में सफलता मिली है.

क्लीन एनर्जी के दूसरे क्षेत्रों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश की विंड एनर्जी क्षमता तीन गुना बढ़ी है. हाइड्रो एनर्जी क्षमता में भी बढ़ोतरी हुई है और न्यूक्लियर एनर्जी पर तेजी से काम किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इस सेक्टर में निजी कंपनियों को भी लाने का रास्ता बनाया गया है. उनके मुताबिक इन प्रयासों से भारत की नॉन फॉसिल एनर्जी क्षमता करीब चार गुना बढ़ी है.

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पीएम मोदी ने कहा कि भारत कोयले के ज्यादा साफ इस्तेमाल के लिए कोल गैसिफिकेशन जैसी तकनीक को बढ़ावा दे रहा है. साथ ही क्लीन मोबिलिटी और ग्रीन हाइड्रोजन पर काम हो रहा है. उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन चली और यह दुनिया की सबसे लंबी हाइड्रोजन ट्रेन है.

प्रधानमंत्री के मुताबिक 12 वर्षों में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की संख्या में करीब 9900 गुना बढ़ोतरी हुई है. 2014 से पहले एक साल में तीन हजार से कम ईवी की बिक्री होती थी, जबकि पिछले साल करीब 25 लाख ईवी बिकीं. उन्होंने कहा कि फास्टैग से टोल बूथ पर इंतजार और ईंधन की बर्बादी कम हुई है.

पीएम मोदी ने कहा कि 2014 तक पांच शहरों में करीब 250 किलोमीटर से कम मेट्रो नेटवर्क था, जबकि अब 20 से ज्यादा शहरों में मेट्रो चल रही है और भारत के पास 1000 किलोमीटर से ज्यादा का मेट्रो नेटवर्क है. रेलवे के लगभग 100 प्रतिशत इलेक्ट्रिफिकेशन से भी डीजल की खपत बची है. करीब 3000 किलोमीटर लंबे डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और डबल स्टैक कंटेनर मालगाड़ियों का भी उन्होंने जिक्र किया. देश में करीब 5000 किलोमीटर लंबे वाटरवेज पर परिवहन होने की बात भी कही.

जल संरक्षण पर पीएम मोदी ने कहा कि देश में 70 हजार से ज्यादा अमृत सरोवर बनाए गए हैं. कैच द रेन अभियान के तहत करीब डेढ़ करोड़ वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर बने हैं. प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना से दो करोड़ से ज्यादा किसान आधुनिक सिंचाई सुविधाओं से जुड़े हैं.

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उन्होंने श्री अन्न और मिलेट को पानी बचाने वाला विकल्प बताया. पीएम मोदी के मुताबिक मिलेट का निर्यात बढ़कर करीब 1.5 लाख टन हो गया है और भारत के प्रयासों के कारण 2023 को इंटरनेशनल ईयर ऑफ मिलेट के रूप में मनाया गया.

नेचुरल फार्मिंग के तहत करीब 12.5 लाख हेक्टेयर में 24 हजार क्लस्टर बनाए गए हैं. करीब तीन हजार क्लाइमेट रेजिलिएंट फसलों की वैरायटी विकसित होने की बात भी उन्होंने कही. पीएम मोदी ने कहा कि बीते 12 वर्षों में वेरी डेंस फॉरेस्ट कवर 22 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ा है और एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत करोड़ों पेड़ लगाए गए हैं.

प्लास्टिक कचरे पर पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक लगाई है और रिड्यूस, रीयूज, रिसाइकिल के जरिए सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा दिया है. गोवर्धन योजना के तहत गोबर और दूसरे ऑर्गेनिक कचरे को उपयोगी संसाधन में बदलने की कोशिश हो रही है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि ये आंकड़े सिर्फ भारत के विकास के नहीं, बल्कि मानवता के भविष्य के लिए भारत के योगदान के आंकड़े हैं. उन्होंने धरती को मां मानने वाली भारतीय सोच का जिक्र करते हुए कहा कि इसी विचार के साथ भारत जिम्मेदार और टिकाऊ भविष्य बनाने के लिए काम कर रहा है.

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