प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा के 25 साल पूरे होने के मौके पर 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत वडनगर से वाराणसी तक सेवा यात्रा निकली है. वडनगर उनका जन्मस्थान है, जो गुजरात के मेहसाणा जिले में है. वहीं, वाराणसी उनकी संसदीय सीट है. अभियान का मकसद सेवा के कामों को गांवों तक ले जाना है.
17 सितंबर से शुरू हुई यह यात्रा 7 अक्तूबर तक चलेगी. यानी 21 दिनों के इस सफर में 20 टीमें करीब 35,500 किलोमीटर की दूरी तय करेंगी. रास्ते में शहरों, कस्बों और गांवों में रुककर सेवा से जुड़े अलग-अलग काम किए जाएंगे.
यात्रा के दौरान तालाब, मंदिर, स्कूल, पार्क और अस्पताल जैसे सार्वजनिक स्थानों पर सफाई अभियान चलाए जाएंगे. 'एक पेड़ मां के नाम' के तहत पौधे लगाए जाएंगे. गौसेवा, लाभार्थियों से मुलाकात, ग्राम सभा संवाद और युवाओं से बातचीत भी इसका हिस्सा होगी. यात्रा का जोर सिर्फ एक जगह से दूसरी जगह पहुंचने पर नहीं है. टीमों का मकसद लोगों से मिलना, उनकी जरूरतें समझना और वहीं कुछ काम करके आगे बढ़ना है.
स्कूलों से अस्पताल तक पहुंचेंगे सेवा यात्री
इस दौरान, PM SHRI स्कूलों में परिसर की सफाई की जाएगी. छात्रों से बातचीत होगी, उन्हें किताबें और स्टेशनरी भी दी जाएगी. इसके अलावा, अस्पतालों, अनाथालयों और वृद्धाश्रमों में जरूरतमंद लोगों की मदद की जाएगी. विधवाओं को किट बांटी जाएंगी, जबकि आशा कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया जाएगा.
युवा संवाद से अंगदान के संकल्प तक
यात्रा में युवा संवाद, महिला संवाद और ग्राम सभा स्तर पर बातचीत भी होगी. इसके जरिए स्थानीय लोगों से सीधे जुड़ने की कोशिश की जाएगी. लोगों को अंगदान का संकल्प लेने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा. इसके अलावा, शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि देकर उनके योगदान को भी याद किया जाएगा.
सेवा के साथ जनसंपर्क पर जोर
इस यात्रा में सामाजिक काम के साथ लोगों से सीधा संपर्क भी रखा गया है. अलग-अलग जगहों पर लाभार्थियों, युवाओं और महिलाओं से बातचीत के जरिए उनकी बात समझने की कोशिश होगी. 'वडनगर से वाराणसी' यात्रा 17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक चलने वाले 'सेवा संकल्प अभियान' का हिस्सा है. यह अभियान प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने के मौके पर चलाया जा रहा है.
इसकी खास वजह 7 अक्टूबर 2001 की वह तारीख है, जब नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी. 7 अक्टूबर 2026 को उनके सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे हो जाएंगे. बीजेपी इसी पड़ाव को सेवा और जनसंपर्क से जुड़े कार्यक्रमों के जरिए लोगों तक पहुंचा रही है.
हिमांशु मिश्रा