'बच्चों का करियर खराब न हो जाए', कनाडा-भारत में तनातनी के बीच बढ़ी पेरेंट्स की टेंशन

खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का आरोप लगाए जाने के बाद से कनाडा और भारत के बीच तनातनी जारी है. कनाडा में पढ़ रहे भारतीय छात्रों के पेरेंट्स की टेंशन बढ़ गई है. उन्होंने डर है कि कहीं दोनों देशों के बीच बिगड़ते रिश्ते से उनके बच्चों का करियर खराब न हो जाए.

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कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो और पीएम नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो) कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो और पीएम नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 30 सितंबर 2023,
  • अपडेटेड 5:48 AM IST

खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का आरोप लगाए जाने के बाद से कनाडा और भारत के बीच तनातनी जारी है. जहां एक तरफ कनाडा लगातार भारत पर निज्जर की हत्या का आरोप मड़ रहा है तो वहीं भारत कड़े शब्दों में इसका खंडन कर चुका है. इस बीच कनाडा में पढ़ रहे भारतीय छात्रों के पेरेंट्स की टेंशन बढ़ गई है. उन्होंने डर है कि कहीं दोनों देशों के बीच बिगड़ते रिश्ते से उनके बच्चों का करियर खराब न हो जाए. 

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नोएडा में रहने वाले कपिल मोहन शर्मा भी ऐसे ही एक पेरेंट्स में से एक हैं. जिन्होंने लगभग ढाई साल पहले कोरोना काल के दौरान 20 लाख का लोन लेकर अपने बेटे को कनाडा में होटल मैनेजमेंट का कोर्स करने के लिए भेजा था. उम्मीद थी कि जल्द कोर्स कंप्लीट करके बच्चा अपने पैरों पर खड़ा होगा, लेकिन पिछले कई दिनों से कनाडा को लेकर जो खबरें सामने आ रही हैं, उससे उनकी चिंताएं बढ़ गई हैं.

कपिल बताते हैं कि वह रोजाना अपने बेटे से 2 से 3 बार वीडियो कॉल पर बातचीत करते हैं. बेटे का कहना है कि फिलहाल हालात सामान्य हैं और सरकार हर तरह की मदद कर रही है. हालांकि कपिल मोहन और उनके परिवार को डर है कि कहीं यूक्रेन जैसे हालात कनाडा में ना बन जाएं, जिसके कारण उनके बच्चे का करियर और उनके परिवार का करियर अधर में लटक जाए.

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भजनपुरा में रहने वाला परिवार भी टेंशन में

वहीं दिल्ली के भजनपुरा का रहने वाले विकास का परिवार भी चिंता में है. विकास के पिता अरविंद कुमार का कहना है की डेढ़ साल पहले उन्होंने अपने बेटे को अकाउंट के कोर्स के लिए भेजा था. आज विकास कनाडा में ही एक बैंक में नौकरी करता है. नौकरी करने के साथ-साथ अपना और अपने परिवार का भी पालन पोषण करता है. विकास के माता-पिता भी चिंता में हैं कि कनाडा में जो हालात हैं, उन पर जल्द ही नियंत्रण हो. वह रोज अपने बेटे से बात कर यही कहते हैं कि अगर जरूरत पड़े तो जल्द ही भारत वापस लौट आए.

क्या है पूरा मामला? 

बता दें कि कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने 19 सितंबर को कनाडा की संसद में निज्जर की हत्या में भारत का हाथ होने का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था कि बीते कुछ हफ्तों से कनाडा की सुरक्षा एजेंसियां कनाडा के नागरिक हरदीप सिंह निज्जर और भारत सरकार के संभावित कनेक्शन के विश्वसनीय आरोपों की सक्रिय तौर पर जांच कर रही हैं. कनाडा कानून का पालन करने वाला देश है. हमारे नागरिकों की सुरक्षा और हमारी संप्रभुता की रक्षा करना हमारा मौलिक कर्तव्य है. हालांकि, कनाडाई सरकार की ओर से ऐसे कोई भी साक्ष्य सार्वजनिक नहीं किए गए हैं कि निज्जर की हत्या में भारत का हाथ है. 

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ट्रूडो ने फिर दोहराए अपने आरोप

इसके बाद कुछ दिनों पहले एक बार फिर ट्रूडो ने भारत पर लगाए आरोपों को दोहराया था. उन्होंने न्यूयॉर्क में कहा था कि मैं आपको आश्वस्त कर सकता हूं कि इन आरोपों को हाउस ऑफ कॉमन्स के पटल पर लाने का निर्णय हल्के में नहीं लिया गया था. इसे बहुत ही गंभीरता से लिया गया था. निज्जर की हत्या के पीछे भारत सरकार का हाथ है. मुझे लगता है कि एक निष्पक्ष न्यायिक प्रणाली वाले देश के तौर पर यह बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है कि हम बेहद ईमानदारी के साथ काम करें.

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