5 बार की भारत की यात्रा... विदेश मंत्री ने की मदद! पाकिस्तानी पत्रकार के खुलासों से खलबली

नुसरत मिर्जा ने बताया, ''मुझसे तत्कालीन विदेश मंत्री खुर्शीद ने अपने साथ लाई गई जानकारी को तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल अशफाक परवेज कयानी को सौंपने के लिए कहा गया. मैंने कहा, मैं उन्हें जानकारी नहीं दूंगा. अगर खुर्शीद चाहते हैं, तो उन्हें जानकारी दे सकता हूं, वे इसे आर्मी चीफ कयानी को सौंप दें.'' 

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पाकिस्तानी पत्रकार ने किये बड़े खुलासे पाकिस्तानी पत्रकार ने किये बड़े खुलासे

अंकित कुमार

  • नई दिल्ली,
  • 12 जुलाई 2022,
  • अपडेटेड 6:45 PM IST

पाकिस्तान के स्तंभकार नुसरत मिर्जा ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि वो अपनी भारत यात्रा के दौरान जासूसी करता था. नुसरत मिर्जा ने कहा कि वह कांग्रेस के शासनकाल में कई बार भारत की यात्रा पर आया. यहीं नहीं, उसने इस दौरान जुटाई गई जानकारी को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के साथ भी शेयर किया.

नुसरत मिर्जा ने साल 2007 से 2010 के दौरान दिल्ली और अलीगढ़ में कई कार्यक्रमों में भाग लिया. एक जानकारी के अनुसार, मिर्जा ने दिल्ली के ओबेरॉय होटल में 27 अक्टूबर, 2009 को आतंकवाद के खिलाफ इंटरनेशनल सम्मेलन में भाग लिया था. इस दौरान जामा मस्जिद के शाही इमाम अहमद बुखारी और याह्या बुखारी इस विवादास्पद पाकिस्तानी पत्रकार का अभिवादन करते हुए दिखाई दिए. 

मामले से जुड़ी तस्वीरों के सामने आने के बाद पता चलता है कि जामा मस्जिद यूनाइटेड फोरम द्वारा आयोजित कार्यक्रम में पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी और कैबिनेट मंत्री गुलाम नबी आजाद भी शामिल हुए थे. वहीं अन्य आमंत्रित लोगों में मधु किश्वर भी शामिल थीं. इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने कहा है कि विदेशी मेहमानों का भारत के कार्यक्रमों में बुलाने का फैसला सरकार लेती है और इसमें विदेश मंत्रालय का मुख्य रोल होता है. उन्होंने कहा कि न तो मैं उसे बुलाया हूं और न ही उससे कभी मिला हूं. 

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यहां पढ़े पूरी खबर:

मेरे खिलाफ झूठ फैलाया जा रहा, मैंने न बुलाया ना ही मिला... पाक के जासूस पत्रकार नुसरत मिर्जा पर बोले हामिद अंसारी 

बता दें कि मिर्जा फाउंडेशन द्वारा छापी गईं तस्वीरों ने विवादित पत्रकार को साल 2007 और 2010 में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कैनेडी ऑडिटोरियम में 'स्टूडेंट सेमिनार' में एक गेस्ट के रूप में स्पीच देते हुए दिखाया है.



इससे पहले पत्रकार शकील चौधरी को दिए एक इंटरव्यू में नुसरत ने बताया कि आमतौर पर, जब आप भारत के लिए वीजा के लिए आवेदन करते हैं, तो वे आपको केवल तीन स्थानों पर जाने की अनुमति देते हैं. हालांकि, उस समय खुर्शीद कसूरी विदेश मंत्री थे जिन्होंने मुझे सात शहरों के लिए वीजा दिलाने में मदद की. यह वीडियो यूट्यूब पर शेयर किया गया था.

 

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मिर्जा ने पाकिस्तानी सेना में नेतृत्व को लेकर निराशा भी जताई. उन्होंने कहा, ये आमतौर पर विशेषज्ञों के काम की उपेक्षा करते हैं. नुसरत ने कहा, आप जानते हैं कि पाकिस्तान में क्या दिक्कत है? यहां जब भी नया आर्मी चीफ आता है, वह पुराने चीफ द्वारा किए गए काम को छोड़कर खाली कागज पर नए अध्याय की शुरुआत करता है.

वहीं आगे की जानकारी के अनुसार फरवरी 2010 में, नुसरत दिल्ली के जामिया मिलिया में एक अंतरधार्मिक धार्मिक संगोष्ठी में भाग लेने के लिए वापस आया. मिर्जा के साथ पाकिस्तान के अल्पसंख्यक समुदाय के नेताओं का एक समूह भी था, जिसमें नेशनल असेंबली के पूर्व सदस्य डॉ. अरेश सिंह भी शामिल थे.
 

नुसरत मिर्जा ने कहा कि उसने कई बार भारत की यात्रा की. मिर्जा ने कहा, वे उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी के न्योते पर भी भारत आए थे. हामिद अंसारी 2007 से 2017 तक भारत के उपराष्ट्रपति रहे. नुसरत मिर्जा ने बताया कि उसने 5 बार भारत की यात्रा की. वह दिल्ली, बेंगलुरु, चेन्नई, पटना और कोलकाता गया. 2011 में, मैं मिल्ली गजट के प्रकाशक जफरुल इस्लाम खान से भी मिला था.

 

 

 

 

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