राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने आज महाराष्ट्र के जुन्नर (पुणे), गुजरात के नडियाद (खेड़ा), तेलंगाना के रामागुंडम (करीमनगर), बिहार के गोपालगंज और दिल्ली में 5 ठिकानों पर तलाशी ली. यह कार्रवाई 25 जून 2025 को दर्ज साइबर टेररिज्म गुजरात केस RC-01/2025/NIA/AMD की चल रही जांच के सिलसिले में की गई.
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान आरोपियों ने भारत सरकार की संस्थाओं की 54 वेबसाइटों पर Sophisticated DDoS Attack करने की कोशिश की थी. इन हमलों में महत्वपूर्ण कंप्यूटर संसाधनों और Critical Information Infrastructure (CII) को निशाना बनाया गया था. इसका उद्देश्य राष्ट्रीय संप्रभुता, सुरक्षा और एकता को नुकसान पहुंचाना और लोगों में डर पैदा करना था. मामले में 2 आरोपी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं.
मामला शुरू में गुजरात ATS ने दर्ज किया था. जांच के दौरान तकनीकी विश्लेषण के जरिए उन संदिग्धों की पहचान की गई, जिन्होंने DDoS हमलों को अंजाम देने की तैयारी और स्किल अपग्रेडेशन में गिरफ्तार आरोपियों को सहायता और समर्थन दिया था.
संदिग्धों के ठिकानों पर तलाशी ली गई
अदालत से सर्च वारंट जारी होने के बाद आज सुबह इन संदिग्धों के ठिकानों पर तलाशी ली गई. तलाशी के दौरान हैकिंग गतिविधियों से जुड़े आपत्तिजनक सामग्री वाले विभिन्न डिजिटल डिवाइस और दस्तावेज जब्त किए गए. तय प्रक्रिया के तहत कुल 3 लैपटॉप, 5 मोबाइल फोन और पेन ड्राइव समेत अन्य डिजिटल डिवाइस जब्त किए गए. तलाशी के दौरान संदिग्धों से गिरफ्तार आरोपियों के साथ उनके संबंध और भूमिका को लेकर पूछताछ भी की गई. मामले में NIA की आगे की जांच जारी है.
कमलजीत संधू / जितेंद्र बहादुर सिंह