नीट पेपर लीक के आरोपी खुद का पॉलिग्राफ टेस्ट क्यों कराना चाह रहे हैं?

दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में नीट पेपर लीक मामले की सुनवाई के दौरान आरोपियों ने पॉलिग्राफ टेस्ट, ब्रेन मैपिंग और लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने की मांग की.

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NEET पेपर लीक केस का अब जल्द निपटारा किया जाएगा. (Photo- ITG) NEET पेपर लीक केस का अब जल्द निपटारा किया जाएगा. (Photo- ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 05 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 8:04 AM IST

दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में नीट पेपर लीक मामले की सुनवाई कर रही स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट में मंगलवार को आरोपियों ने पॉलिग्राफ टेस्ट, ब्रेन मैपिंग और लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने की मांग की. मामले की सुनवाई अब विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश अजय गुप्ता कर रहे हैं.

आरोपी मंगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल और विकास बिवाल की ओर से अदालत में आवेदन दाखिल कर इन तीनों वैज्ञानिक जांचों की अनुमति मांगी गई. कोर्ट ने इस आवेदन पर जांच एजेंसी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. साथ ही यह भी कहा है कि एजेंसी आवेदन की वैधानिकता (मेंटेनेबिलिटी) पर भी अपना पक्ष रखे.

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कोर्ट ने मांगा जवाब?

दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में नीट-यूजी पेपर लीक मामले की सुनवाई कर रही स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट ने तीन आरोपियों की पॉलिग्राफ (लाई डिटेक्टर) और ब्रेन मैपिंग टेस्ट कराने की मांग पर सीबीआई से जवाब तलब किया है. कोर्ट ने जांच एजेंसी से पूछा है कि इस तरह के आवेदन पर सुनवाई की जा सकती है या नहीं. मामले की अगली सुनवाई 6 अगस्त को होगी.

आरोपी बोले- हम साबित करना चाहते हैं कि हमारी नीयत साफ

आरोपी मंगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल और विकास बिवाल ने अदालत में आवेदन देकर कहा कि वे बिना किसी दबाव के स्वेच्छा से पॉलिग्राफ और ब्रेन इलेक्ट्रिकल एक्टिवेशन प्रोफाइल (ब्रेन मैपिंग) टेस्ट कराने को तैयार हैं. उनका कहना है कि वे अपनी नीयत साफ साबित करना चाहते हैं और निष्पक्ष व पारदर्शी जांच में सीबीआई की मदद करना चाहते हैं. आरोपियों ने यह भी कहा कि ये परीक्षण किसी भी सरकारी मान्यता प्राप्त फोरेंसिक साइंस लैब में कानून और संवैधानिक प्रावधानों के तहत कराए जा सकते हैं.

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विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता ने सीबीआई को आवेदन की वैधानिकता सहित सभी पहलुओं पर 6 अगस्त तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. अदालत ने इसी तारीख तक आरोपी दिनेश बिवाल और विकास बिवाल की जमानत याचिकाओं पर भी सुनवाई टाल दी है. साथ ही सीबीआई की चार्जशीट पर संज्ञान लेने का फैसला भी फिलहाल स्थगित रखा गया है.

इस बीच मामले की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश में भी बदलाव हुआ है. विशेष न्यायाधीश अनु ग्रोवर बालीगा का तबादला विशेष एनआईए कोर्ट में होने के बाद अब विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता इस मामले की सुनवाई कर रहे हैं.
सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले में दाखिल चार्जशीट पर तत्काल विचार करने से इनकार करते हुए कहा कि फिलहाल वह अहलमद (अदालती रिकॉर्ड अधिकारी) की जांच और परीक्षण के अधीन है. इसके चलते चार्जशीट पर विचार 6 अगस्त तक के लिए टाल दिया गया.

अदालत ने स्वीकार किया अनुरोध

इसी दौरान दिनेश बिवाल और विकास बिवाल की जमानत याचिकाओं पर भी सुनवाई स्थगित कर दी गई. बचाव पक्ष के वकील ने दलील दी कि हाल ही में दाखिल चार्जशीट का अध्ययन करने के लिए उन्हें पर्याप्त समय दिया जाए. अदालत ने इस अनुरोध को स्वीकार कर लिया.

अब 6 अगस्त को कोर्ट चार्जशीट पर संज्ञान, आरोपियों की जमानत याचिकाओं और पॉलिग्राफ टेस्ट, ब्रेन मैपिंग व लाई डिटेक्टर टेस्ट से जुड़े आवेदन पर एक साथ सुनवाई करेगी. इसके साथ ही अदालत ने मौखिक रूप से कहा कि इस मामले की सुनवाई अब दिन-प्रतिदिन (डे-टू-डे) आधार पर होगी, ताकि मुकदमे का जल्द निपटारा किया जा सके.
 

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