राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग यानी NCPCR ने बच्चों से जुड़े यौन शोषण और दुर्व्यवहार से जुड़ी सामग्री के मामले में Meta के खिलाफ जांच तेजी से शुरू कर दी है. राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने इस मामले में Meta इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर और हेड को एक बार फिर से तलब किया है.
इस मामले की सुनवाई आज होने वाली है. यह मामला BBC Eye की एक रिपोर्ट के बाद सामने आया था. इस रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि मेटा के प्लेटफॉर्म पर बच्चों के यौन शोषण और दुर्व्यवहार से जुड़ी सामग्री वाले विज्ञापन उपलब्ध थे. NCPCR ने तीन जुलाई 2026 को इस रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लिया था. जिसके बाद NCPCR ने मेटा को नोटिस भेजते हुए इस मामले में जवाब मांगा था.
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मेटा ने इस मामले में एक हफ्ते में आयोग को अपना जवाब दिया. लेकिन आयोग ने मामले की सच्चाई का पता लगाने और जिम्मेदारी तय करने के लिए औपचारिक जांच करने का फैसला लिया. ऐसे में, NCPCR की लगातार कार्रवाई के बाद मेटा ने बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी मामलों की रिपोर्टिंग को लेकर अपनी नीतियों में कुछ बदलाव किए हैं.
अब मेटा ऐसे मामलों की जानकारी इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (14C) को भी देने लगा है. वहीं, बेंगलुरु में कैपजेमिनी द्वारा संचालित एक डे-केयर सेंटर में बच्चों के कथित शोषण से जुड़े एक अलग मामले में भी NCPCR ने कार्रवाई की है. आयोग ने कैपजेमिनी के वाइस प्रेसिडेंट को 16 सितंबर शाम 4 बजे तलब किया है. आयोग इस मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय करने की कोशिश करेगा.
हिमांशु मिश्रा