नारदा केस: TMC नेताओं के हाउस अरेस्ट के खिलाफ SC पहुंची CBI, सुनवाई रोकने की भी मांग

नारदा स्टिंग केस में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के चार नेताओं को हाउस अरेस्ट करने के कलकत्ता हाई कोर्ट के फैसले को सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. साथ ही सीबीआई ने कलकत्ता हाईकोर्ट में आज की सुनवाई को टालने की मांग भी की है.

Advertisement
नारदा स्टिंग केस में गिरफ्तर नेता नारदा स्टिंग केस में गिरफ्तर नेता

संजय शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 24 मई 2021,
  • अपडेटेड 9:42 AM IST
  • नारदा केस में गिरफ्तार किए गए थे 4 नेता
  • फिलहाल, हाउस अरेस्ट में हैं चारों नेता

नारदा स्टिंग केस में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के चार नेताओं को हाउस अरेस्ट करने के खिलाफ सीबीआई, सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है. सीबीआई ने कलकत्ता हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी है. साथ ही सीबीआई ने कलकत्ता हाईकोर्ट में आज की सुनवाई को टालने की मांग भी की है. कलकत्ता हाई कोर्ट में टीएमसी नेताओं की जमानत पर आज बड़ी बेंच सुनवाई करेगी.

Advertisement

दरअसल, नारद स्टिंग केस में गिरफ्तार टीएमसी मंत्री फिरहाद हकीम, मंत्री सुब्रत मुखर्जी, विधायक मदन मित्रा और पूर्व मेयर सोवन चटर्जी ने कलकत्ता हाई कोर्ट में जमानत अर्जी लगाई थी. कलकत्ता हाईकोर्ट ने चारों नेताओं को हाउस अरेस्ट करने का आदेश दिया था. सीबीआई ने हाउस अरेस्ट के फैसले को चुनौती दी है. 

क्यों हुआ था हाउस अरेस्ट का आदेश
दरअसल, चारों नेताओं की जमानत याचिका पर सुनवाई करने वाली कलकत्ता हाई कोर्ट की बेंच में एक जज जस्टिस अरिजीत बनर्जी ने अंतरिम जमानत देने पर रजामंदी दी थी, लेकिन कार्यवाहक चीफ जस्टिस राजेश बिंदल जमानत देने के पक्ष में नहीं थे. इस वजह से बेंच ने हाउस अरेस्ट का आदेश दिया था.

कार्यवाहक चीफ जस्टिस राजेश बिंदल ने कहा था कि अंतरिम जमानत का मामला बड़ी बेंच को जाएगा. इसके बाद कलकत्ता हाई कोर्ट ने जमानत याचिका पर सुनवाई करने के लिए पांच जजों की बेंच बनाई है. यह बेंच आज जमानत याचिका पर सुनवाई करेगी. सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में इस सुनवाई पर रोक लगाने की मांग की है.

Advertisement

क्या है पूरा मामला
गौरतलब है कि नारदा स्टिंग केस में मंत्री फिरहाद हकीम, मंत्री सुब्रत मुखर्जी, विधायक मदन मित्रा और पूर्व मंत्री सोवन चटर्जी के घर पर सीबीआई ने छापेमारी की थी. इसके बाद इन चारों नेताओं को अपने साथ सीबीआई दफ्तर ले आई थी. सीबीआई ने इन चारों नेताओं से पूछताछ की और फिर इन्हें गिरफ्तार कर लिया था.

टीएमसी नेताओं की गिरफ्तारी से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बेहद नाराज हो गई थीं. वह खुद सीबीआई दफ्तर पहुंच गई थीं. करीब 6 घंटे तक ममता सीबीआई दफ्तर में थीं. इस दौरान उन्होंने सीबीआई अफसरों से कहा कि आप बिना नोटिस मंत्रियों और विधायक को गिरफ्तार नहीं कर सकते हैं, अगर ऐसा करते हैं तो आप मुझे भी गिरफ्तार कीजिए.

हालांकि, सीबीआई के अफसरों ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विरोध को नजरअंदाज करते हुए चारों नेताओं को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश कर दिया. गिरफ्तारी के 7 घंटे के अंदर ही सीबीआई की विशेष अदालत ने चारों नेताओं को जमानत दे दी, लेकिन रात होते-होते कलकत्ता हाई कोर्ट ने जमानत पर रोक लगा दी थी.

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »