मणिपुर में ताजा हिंसा, उपद्रवियों ने जलाए 3 घर, 2 महिलाओं समेत तीन की मौत

मणिपुर के कांगपोकपी में तेखांग कुकी गांव पर सोमवार सुबह हथियारबंद हमला हुआ. इसमें 2 महिलाओं समेत 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि 3 घर जला दिए गए.

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कांगपोकपी के तेखांग कुकी गांव में हमले के बाद तीन घर जलाए गए. (Fiile Photo-ITG) कांगपोकपी के तेखांग कुकी गांव में हमले के बाद तीन घर जलाए गए. (Fiile Photo-ITG)

बेबी शिरीन

  • इम्फाल,
  • 31 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 2:32 PM IST

मणिपुर में सोमवार सुबह फिर हिंसा भड़क उठी. कांगपोकपी जिले में हुए हथियारबंद हमले में दो महिलाओं समेत तीन लोगों की मौत हो गई. इस दौरान तीन घरों को आग के हवाले कर दिया गया. एक व्यक्ति के घायल होने की भी खबर है.

यह मामला कांगपोकपी जिले के तेखांग कुकी गांव का है. यह गांव तामेंगलोंग जिले की सीमा से लगा हुआ है. पुलिस के मुताबिक, सोमवार सुबह करीब 7:40 बजे कुछ हथियारबंद लोगों ने गांव पर हमला कर दिया. इस दौरान इलाके में भारी गोलीबारी हुई. विस्फोट जैसी आवाजें भी सुनाई दीं.

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अधिकारियों के अनुसार, हमले में होइखोनेंग (20), नेमनेइचोंग ल्हुजेम (52) और लामतिनथांग (35) की मौत हुई है. होइखोनेंग और नेमनेइचोंग महिलाएं थीं. लामतिनथांग के पिता सेइलुन घायल हुए हैं. फिलहाल घायलों की पूरी संख्या साफ नहीं है.

तीन घर जलाए गए

हमले के दौरान कम से कम तीन घरों में आग लगा दी गई. घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई. पुलिस ने अभी यह पुष्टि नहीं की है कि इस हमले के पीछे कौन लोग थे. सुरक्षा बलों को इलाके में भेजा गया है. जवान स्थिति पर नजर रख रहे हैं.

कांगपोकपी में यह घटना ऐसे समय हुई है, जब कुछ दिन पहले इसी सड़क पर चार नगा नागरिकों की हत्या हुई थी. गुरुवार को इम्फाल-तामेई रोड पर हथियारबंद लोगों ने कथित तौर पर घात लगाकर हमला किया था. इस घटना के बाद इलाके में तनाव और बढ़ गया.

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इम्फाल-तामेई रोड करीब 120 किलोमीटर लंबी है. यह सड़क इम्फाल और कांगपोकपी को तामेई तथा तामेंगलोंग से जोड़ती है. कांगपोकपी कुकी-जो बहुल जिला है, जबकि तामेंगलोंग में नगा समुदाय की आबादी ज्यादा है.

13 मई के बाद बढ़ा तनाव

मणिपुर में नगा और कुकी समुदायों के बीच तनाव की एक अहम कड़ी 13 मई की घटनाओं से जुड़ी है. उस दिन नोनी और कांगपोकपी में दो अलग-अलग जगहों पर घात लगाकर हमले किए गए थे. इनमें तीन चर्च नेताओं समेत चार लोगों की मौत हुई थी. इसके बाद दोनों समुदायों के बीच बदले की कार्रवाई का दौर शुरू हुआ. उसी दिन नगा और कुकी-जो समुदाय के 48 लोगों को बंधक बनाए जाने की बात सामने आई थी. करीब एक महीने बाद सभी बंधकों को छोड़ दिया गया. हालांकि, बाद में कांगपोकपी के खराम वैफेई के पास छह नगा पुरुषों के शव मिले थे.

इन घटनाओं की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी NIA कर रही है. जांच के दौरान जुलाई में दो अलग-अलग मौकों पर चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था. इनमें एक दंपति भी शामिल है.

तेखांग गांव में हुई ताजा हिंसा ने इलाके में पहले से बने तनाव को फिर बढ़ा दिया है. फिलहाल पुलिस हमले के जिम्मेदार लोगों का पता लगाने में जुटी है.

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