क्या सच में हुआ था महाभारत युद्ध? ASI के अधिकारी ने बताया हड़प्पा कनेक्शन

ASI के पूर्व अतिरिक्त महानिदेशक डॉ. संजय मंजुल ने 'पढ़ाकू नितिन' पॉडकास्ट में महाभारत और हड़प्पा सभ्यता के बीच संभावित संबंध पर चर्चा की. उनके मुताबिक, हड़प्पा सभ्यता के आखिरी दौर में कुरु और पांचाल जैसे राज्यों का विकास हुआ, जिनका जिक्र महाभारत में भी मिलता है.

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डॉक्टर मंजुल बागपत के सिनौली समेत महाभारत से जुड़ी कई साइट्स पर खुदाई कर चुके हैं (Photo- ITG) डॉक्टर मंजुल बागपत के सिनौली समेत महाभारत से जुड़ी कई साइट्स पर खुदाई कर चुके हैं (Photo- ITG)

मानव देव रावत

  • नई दिल्ली,
  • 30 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 10:02 PM IST

बचपन में टीवी पर बीआर चोपड़ा वाली महाभारत देखते वक़्त आपके मन में भी कभी न कभी तो ये सवाल ज़रूर आया होगा: “महाभारत इतिहास है या महज़ साहित्य?” शायद आपको तब कोई जवाब न मिला हो, मगर आज इतिहासकार इस सवाल के जवाब में आपको कई साक्ष्य और थ्योरीज़ दे सकते हैं. ऐसा ही एक बड़ा दावा ASI ADG Dr. Sanjay Manjul ने आजतक रेडियो के Padhaku Nitin Podcast पर किया. बागपत के सिनौली समेत महाभारत से जुड़ी कई साइट्स पर खुदाई कर चुके डॉक्टर मंजुल का कहना है कि महाभारत का कनेक्शन सिंधु घाटी सभ्यता या कहें कि हड़प्पा सभ्यता से हो सकता है. 

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हिंदू परंपरा में विश्वास रखने वाले कई लोगों का मानना रहा है कि महाभारत इतिहास है और पांडवों-कौरवों के बीच हुआ युद्ध दरअसल कुरुक्षेत्र में हुआ था. पर सवाल उठता है कि अगर महाभारत में बताए गए राज्य, शहर और युद्ध ऐतिहासिक हैं, तो क्या उनके कुछ निशान ज़मीन के नीचे मिल सकते हैं?

1950 के दशक में आर्कियोलॉजिस्ट बी.बी. लाल ने इसी सवाल का जवाब पाने के लिए उत्तर प्रदेश के हस्तिनापुर में खुदाई की. इसी हस्तिनापुर को महाभारत में कौरवों की राजधानी बताया गया है. खुदाई में एक प्राचीन संस्कृति के अवशेष तो मिले, लेकिन सवाल फिर भी बना रहा कि क्या बस्ती के निशान मिलने भर का मतलब ये है कि युद्ध भी यहीं हुआ था?

इस सवाल पर फिर चर्चा शुरू हुई करीब 6 दशक बाद, जब उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में स्थित सिनौली में 2005 और फिर 2018 में ASI ने खुदाई करवाई. ASI की इस टीम को लीड करने वाले डॉक्टर संजय मंजुल ही थे. इस खुदाई में ज़मीन के अंदर से निकली चीज़ों ने इतिहासकारों और आम लोगों का ध्यान खींचा. खुदाई के दौरान मंजुल को यहां से 4,000 साल पुराना एक रथ और मूठ वाली तलवारें मिलीं. जिससे ये इशारा मिला कि इनका इस्तेमाल युद्ध में हुआ होगा. साथ ही ऐसी कब्रें भी मिलीं, जिनमें दफ़्नाई गई औरतों के पैर टखने के नीचे से कटे हुए थे.

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हाल ही में, Padhaku Nitin Podcast में डॉक्टर मंजुल से महाभारत के इतिहास पर सवाल किया गया. उन्होंने जवाब देते हुए बताया कि हड़प्पा काल के आख़िरी सालों (2000 BCE) में सभ्यता माइग्रेट करके लोकल सभ्यताओं में मिलने लगती है और लगभग इसी दौर में कुरु और पांचाल राज्य डेवलप होते हैं. इन्हीं कुरु और पांचाल राज्यों का ज़िक्र महाभारत में मिलता है और कहा जाता है कि इसी दौर में महाभारत घटा.

पॉडकास्ट में आगे मंजुल बौद्ध-जैन धर्म और द्वारका से भी महाभारत के रिश्ते पर खुलासा करते हैं। पूरा पॉडकास्ट देखने के लिए इस लिंक पर क्लिक कीजिए.

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