खालिस्तान समर्थकों के आगे सरेंडर है ट्रूडो सरकार! कनाडा की मीडिया ने PAK को भी किया बेनकाब

कनाडा ने खालिस्तानी आतंकी निज्जर की हत्या में भारत पर आरोप लगाए. इसके बाद कनाडा खुद घिरता चला गया. खालिस्तान समर्थकों के प्रति उसका नरम रवैया सबके सामने आया. अब निज्जर के बेटे ने भी बताया है कि उसके पिता कनाडा के खुफिया अधिकारियों से लगातार मिल रहे थे.

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निज्जर हत्याकांड के बाद भारत और कनाडा में ठनी निज्जर हत्याकांड के बाद भारत और कनाडा में ठनी

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 28 सितंबर 2023,
  • अपडेटेड 5:14 PM IST

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने आज से ठीक 10 दिन पहले खालिस्तान समर्थक आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत का हाथ होने के बेबुनियाद आरोप लगाए थे. अब निज्जर के बेटे ने धमाकेदार खुलासा किया है.

कनाडा की मीडिया से निज्जर के बेटे बलराज निज्जर ने कहा है कि उसके पिता कनाडा के खुफिया अधिकारियों से लगातार मिल रहे थे. उसके मुताबिक निज्जर हफ्ते में एक या दो बार कनाडा के खुफिया अधिकारियों से मिला करते थे. आखिरी बार निज्जर की मुलाकात हत्या से एक या दो दिन पहले हुई थी.

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बलराज ने ये दावा भी किया है कि वो हरदीप निज्जर और रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस की मीटिंग में शामिल हुआ था. इस मीटिंग में निज्जर को सलाह दी गई थी कि वो घर के भीतर ही रहे.

कनाडा के अखबार ने खालिस्तानियों को बेनकाब किया

इस बीच कनाडा के अखबार नेशनल पोस्ट ने अपने लेख से पाकिस्तान के साथ ही खालिस्तानियों को भी बेनकाब कर दिया है.

लेख में लिखा है, 'अफगानिस्तान में जब सिख आतंक के माहौल में फंस गए थे, तब भारत ने उन्हें बचाकर निकाला और उन्हें शरणार्थी का दर्जा दिया. इन तथाकथित सिख रक्षकों (खालिस्तानियों) ने कुछ नहीं किया. ना ही कनाडा ने. पाकिस्तान में सिखों पर भयंकर ज्यादतियां होती हैं. भारत ही उनकी आवाज उठाता है और समर्थन देता है. इन जुल्मों पर ये तथाकथित सिख रक्षक मौन साध लेते हैं क्योंकि उन्हें पाकिस्तान से पैसा मिलता है. इसलिए वो कभी पाकिस्तान से जमीन लेने की बात नहीं करते जबकि बड़ी संख्या में सिखों के घर पाकिस्तान के हिस्से वाले पंजाब में थे. इनमें से कई सिख विभाजन के दौरान भारत के पंजाब में चले आए जब उन पर पाकिस्तान में हमले हुए और उनकी हत्या की गई. भारत ने उन्हें पहले शरण दी और फिर नागरिकता दी.

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ये बातें भारत से प्यार करने वाले तमाम सिख समझते हैं और इस वजह से खालिस्तानी एजेंडा धीरे-धीरे दम तोड़ रहा है. पाकिस्तान उसे जिंदा रखने की कोशिश करता है, और कनाडा जैसे कुछ पश्चिमी देश उसे हवा देते जिसका सबूत निज्जर कांड की साजिश के तौर पर सामने आया है.

सबूत मिलने के बावजूद कनाडा ने नहीं लिया एक्शन

भारत में खालिस्तान समर्थक आतंकियों और अपराधियों पर कार्रवाई हुई तो वो कनाडा भाग निकले. वहां से उन्होंने पाकिस्तान की शह पर भारत के खिलाफ आतंक और अपराध का खेल खेलना शुरू किया. भारत ने इसके खिलाफ कनाडा को कई सबूत दिए लेकिन उसने इन तत्वों के खिलाफ कभी कार्रवाई नहीं की.

आजतक से बातचीत में NIA के पूर्व डीजी ने दो टूक कहा है कि खालिस्तानी समर्थकों से साठगांठ करने वाली ट्रडो सरकार उन्हें संरक्षण दे रही है.

इस बीच एक तस्वीर भी सामने आई जिससे पता चला कि जो खालिस्तान के नाम पर भारत-विरोधी जहर फैला रहा है, वो एक खालिस्तानी के हाथ से आइसक्रीम खा रहा है.

कनाडा के एक पत्रकार ने ये तस्वीर शेयर कर बताया है कि जिस जगमीत सिंह के हाथ में ट्रूडो सरकार का रिमोट है वो परवकर सिंह दुलाई नाम के खिलिस्तानी आतंकी के हाथों से आइसक्रीम खा रहा है. इस आतंकी को खुद कनाडा ने 2018 में ही नो फ्लाई जोन में डाल रखा है.

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अब आप समझ सकते हैं कि ट्रू़डो ने बिना सबूत भारत के खिलाफ निज्जर की हत्या का आरोप किसके कहने पर लगाया है.

NIA के पूर्व डीजी वाई सी मोदी ने आजतक से एक्सक्लूसिव बातचीत की. उन्होंने कहा कि कनाडा की मौजूदा सरकार खालिस्तान समर्थकों पर निर्भर है. सपोर्टर प्रो-खालिस्तानी हैं.

जहां तक हरदीप सिंह निज्जर जैसे भारत-विरोधी आतंकियों और कनाडा में पनाह ले रहे गैंगस्टरों के खिलाफ भारत सरकार ने कई बार सबूत सौंपे हैं लेकिन कनाडा का रवैया बेहद ठंडा रहा है.

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