कर्नाटक में भूमि सुधार कानून में किए गए संशोधनों को लेकर कांग्रेस विधायक बीआर पाटिल ने अपनी ही सरकार के रुख पर नाराजगी जताई है. पाटिल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को पत्र लिखकर लैंड रिफॉर्म्स एक्ट की धारा 79A, 79B और 79C को फिर से बहाल करने की मांग की है. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी घोषणा पत्र में वादा किए जाने के बावजूद कांग्रेस सरकार ने इन संशोधनों को वापस नहीं लिया है.
बीआर पाटिल ने अपने लेटर में राज्य में कृषि भूमि की बिक्री का मुद्दा भी उठाया है. उनका दावा है कि साल 2021 से अब तक कर्नाटक में 19.92 लाख एकड़ कृषि भूमि बेची जा चुकी है. उनके मुताबिक, कृषि भूमि की खरीद-बिक्री के कुल मामलों में करीब 60 फीसदी हिस्सेदारी उत्तर कर्नाटक की है. पाटिल ने दावा किया कि विजयपुरा और कलबुर्गी उन जिलों में शामिल हैं, जहां कृषि भूमि की बिक्री बड़े पैमाने पर हुई है. उन्होंने किसानों की जमीन लगातार बिकने को लेकर चिंता जाहिर की है.
वहीं, कर्नाटक सरकार का कहना है कि फिलहाल लैंड रिफॉर्म्स एक्ट की धारा 79A, 79B और 79C को बहाल करने का कोई प्रस्ताव नहीं है. विधानसभा में उपमुख्यमंत्री डॉ. जी. परमेश्वर ने इस संबंध में लिखित जवाब दिया है. कांग्रेस विधायक बीआर पाटिल ने सरकार के इस रुख पर असंतोष जताया है. उन्होंने कहा कि किसानों को अपनी जमीन बेचने पर भले ही अच्छी कीमत मिल रही हो, लेकिन आखिरकार उनकी कृषि भूमि उनके हाथ से निकल रही है और वे भूमिहीन होते जा रहे हैं.
पाटिल ने राहुल गांधी को लिखी चिट्ठी में अपनी ही पार्टी की सरकार के रवैये को लेकर सवाल उठाए हैं. उन्होंने पूछा, 'हम कहां जा रहे हैं?' बीआर पाटिल की मांग है कि भूमि सुधार कानून की धारा 79A, 79B और 79C को फिर से लागू किया जाए. उनका कहना है कि कांग्रेस ने चुनावी घोषणा पत्र में इन प्रावधानों को बहाल करने का वादा किया था, लेकिन सरकार बनने के बाद अब तक इस दिशा में कदम नहीं उठाया गया है.
सगाय राज