'दिल्ली में मंत्री का इस्तीफा, कर्नाटक में अफसरों पर गाज?', DK शिवकुमार के नए आदेश पर भड़की BJP

पेपर लीक के मुद्दे पर अब कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने बड़ी घोषणा कर दी है. उनका कहना है कि अगर कर्नाटक में कोई पेपर लीक होता है तो इसके लिए डिप्टी कमिश्नर जिम्मेदार होंगे. इसपर अब BJP ने कांग्रेस पर करारा हमला किया है.

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कर्नाटक CM डी.के. शिवकुमार (Photo: ITG) कर्नाटक CM डी.के. शिवकुमार (Photo: ITG)

सगाय राज

  • नई दिल्ली,
  • 27 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 10:38 AM IST

जंतर-मंतर का प्रदर्शन तो पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ खत्म हो गया, लेकिन अब अलग-अलग राज्यों में भी जवाबदेही तय करने की बात आ रही है. कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कह दिया कि अगर कर्नाटक में कोई पेपर लीक होता है तो इसके लिए डिप्टी कमिश्नर जिम्मेदार होंगे. इसे लेकर भाजपा कांग्रेस पर बरस पड़ी और साफ कर दिया कि अगर कर्नाटक में पेपर लीक हुआ तो इसके लिए मुख्यमंत्री जिम्मेदार ठहराए जाएंगे. 

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कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के पेपर लीक होने पर डिप्टी कमिश्नर को जिम्मेदार ठहराए जाने वाले बयान को लेकर सियासी पारा हाई है. BJP का कहना है कि मुख्यमंत्री आने वाले समय में होने वाली भर्ती प्रक्रिया को सुरक्षित करने की बजाय अभी से जिला अधिकारियों को 'बलि का बकरा' बनाने की तैयारी कर रहे हैं.

BJP ने सिर्फ डी.के को ही नहीं, बल्कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को भी निशाने पर ले लिया है. BJP का कहना है कि जब भाजपा शासित राज्यों में राजनीतिक नेताओं की जवाबदेही तय हो सकती है तो फिर कांग्रेस शासित राज्य कर्नाटक में मुख्यमंत्री की बजाय अधिकारियों की जवाबदेही क्यों?

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राहुल, प्रियंका, डीके का पाखंड उजागर: आर. अशोक

कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और सूबे के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार पर निशाना साधा. उनका कहना है कि इस तरह के बयानों से राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और डी.के. शिवकुमार का पाखंड साफ दिखता है. 

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आर. अशोक ने कहा, "दिल्ली में कांग्रेस इकोसिस्टम इस्तीफे पर ज्ञान देता है और जवाबदेही मांगता है, लेकिन कर्नाटक में इनके मुख्यमंत्री के अलग तेवर हैं. इस तरह के बयानों से कांग्रेस की असलियत सामने आती है. मुख्यमंत्री भर्ती प्रक्रिया को सुरक्षित बनाने या छात्रों के हितों की रक्षा करने की बजाय जिला अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराने की घोषणा कर रहे हैं. यही कांग्रेस का मॉडल है: राजनीतिक क्लास को बचाना और नीचे वालों पर इल्ज़ाम डालना." 

कर्नाटक भाजपा इस मुद्दे पर जरा भी ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है. भाजपा हर तरफ से इस मुद्दे पर कांग्रेस को घेरना चाहती है. इसलिए भाजपा ने अभी से यह कहना भी शुरू कर दिया है कि अगर कर्नाटक में भविष्य में कोई पेपर लीक होता है तो उसकी जिम्मेदारी मुख्यमंत्री को लेनी पड़ेगी. 
 

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