आज डोभाल के साथ बैठेंगे चीन-रूस और ब्रिक्स देशों के टॉप ऑफिसर, जानिए दो दिन का पूरा एजेंडा

नई दिल्ली में BRICS देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों और शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों की दो दिवसीय बैठक होने वाली है. अजीत डोभाल की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में कई देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे. आतंकवाद, पश्चिम एशिया, रूस-यूक्रेन युद्ध और नई सुरक्षा चुनौतियां चर्चा के प्रमुख विषय होंगे.

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वैश्विक सुरक्षा और आतंकवाद के मुद्दे पर ब्रिक्स देशों का बड़ा मंथन. (Photo: ITG) वैश्विक सुरक्षा और आतंकवाद के मुद्दे पर ब्रिक्स देशों का बड़ा मंथन. (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 22 जून 2026,
  • अपडेटेड 8:59 AM IST

नई दिल्ली में सोमवार से BRICS देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों और शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों की दो दिएवसीय बैठक शुरू हो रही है. इस बैठक की अगुवाई राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल करेंगे. चीन के विदेश मंत्री वांग यी, रूस के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी सर्गेई शोइगु और ईरान समेत कई देशों के वरिष्ठ अधिकारी इसमें हिस्सा लेंगे. बैठक में आतंकवाद, पश्चिम एशिया की स्थिति, रूस-यूक्रेन युद्ध और नई सुरक्षा चुनौतियों जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है.

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भारत की मेजबानी में होने वाली यह बैठक BRICS शिखर सम्मेलन की तैयारियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है. सितंबर में भारत में होने वाले BRICS सम्मेलन से पहले सदस्य देशों के सुरक्षा अधिकारी साझा रणनीति और सहयोग के मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे.

बैठक में चीन के वांग यी के शामिल होने की पुष्टि पहले ही हो चुकी है. उनके अजीत डोभाल के साथ अलग से द्विपक्षीय मुलाकात करने की भी संभावना है. जानकारी के मुताबिक, ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के उप सचिव निजामीपुर  भी इस बैठक में शामिल हो सकते हैं.

किन मुद्दों पर होगी चर्चा?

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, बैठक के एजेंडे में क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा से जुड़े कई बड़े मुद्दे शामिल हैं. इसमें पश्चिम एशिया के ताजा तनाव, रूस-यूक्रेन युद्ध और बदलते भू-राजनीतिक हालात पर विस्तार से चर्चा होने की उम्मीद है. भारतीय पक्ष इस मंच पर सीमा पार आतंकवाद तथा जम्मू-कश्मीर को निशाना बनाने वाली आतंकी गतिविधियों को प्रमुखता से उठा सकता है. इसके साथ ही, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ते तनाव का मुद्दा भी इस बैठक में सामने आ सकता है.

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विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इस दो दिवसीय बैठक का मुख्य थीम 'दुनिया के सामने मौजूद गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियां' रखा गया है. बदलते दौर में नई टेक्नोलॉजी की वजह से राष्ट्रीय सुरक्षा को मिलने वाली चुनौतियों और साइबर सुरक्षा से जुड़े मसलों पर भी अधिकारी विस्तार से अपने विचार साझा करेंगे. क्योंकि मई में हुई ब्रिक्स के विदेश मंत्रियों की बैठक ईरान और यूएई के बीच मतभेदों की वजह से बिना किसी साझा बयान के खत्म हो गई थी, इसलिए इस बार भारत के ऊपर सभी देशों को एक आम सहमति पर लाने की बड़ी जिम्मेदारी होगी. 

क्यों अहम है BRICS?

BRICS अब दुनिया के सबसे प्रभावशाली समूहों में गिना जाता है. शुरुआत में इसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल थे. बाद में मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात और इंडोनेशिया भी इससे जुड़े. यह समूह दुनिया की करीब आधी आबादी, वैश्विक GDP के बड़े हिस्से और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के महत्वपूर्ण हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है.
 

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