भारत और फ्रांस के बीच होगी फाइटर जेट्स पर अब तक की सबसे बड़ी डील, आएंगे 26 विमान

भारतीय वायुसेना के पास पहले से ही 2016 में किए गए एक अलग सौदे के तहत हासिल किए गए 36 विमानों का बेड़ा है. भारतीय वायुसेना के राफेल जेट अंबाला और हाशिनारा में अपने दो ठिकानों से उड़ान भरते हैं.

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फाइटर जेट (प्रतीकात्मक तस्वीर) फाइटर जेट (प्रतीकात्मक तस्वीर)

मंजीत नेगी

  • नई दिल्ली,
  • 20 अप्रैल 2025,
  • अपडेटेड 2:43 AM IST

भारत और फ्रांस के बीच 28 अप्रैल को फ्रांसीसी रक्षा मंत्री सेबेस्टियन लेकॉर्नु की उपस्थिति में भारतीय नौसेना के लिए 26 राफेल समुद्री विमानों की बिक्री के लिए अब तक के सबसे बड़े रक्षा सौदे पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है. सूत्रों के मुताबिक, भारत और फ्रांस 28 अप्रैल को इस सौदे पर हस्ताक्षर करने की योजना बना रहे हैं, जिसमें दोनों देशों के सीनियर अधिकारी मौजूद रहेंगे. इस प्रोग्राम को साउथ ब्लॉक में रक्षा मंत्रालय के मुख्यालय के बाहर आयोजित करने की भी योजना है.

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कब मिली थी सौदे को मंजूरी?

सूत्रों ने बताया कि फ्रांसी के मंत्री के रविवार शाम को भारत पहुंचने और सोमवार देर शाम को वापस लौटने की उम्मीद है. भारत ने इस महीने की शुरुआत में 9 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति की बैठक में सरकार-से-सरकार सौदे के तहत फ्रांस के साथ 26 राफेल-मरीन लड़ाकू विमानों के लिए अपने अब तक के सबसे बड़े रक्षा सौदे को मंजूरी दी थी.

इस सरकारी-से-सरकार कॉन्ट्रैक्ट में 22 सिंगल-सीटर और चार ट्विन-सीटर जेट शामिल होंगे. इसके साथ ही बेड़े के रखरखाव, रसद सहायता, कर्मियों के ट्रेनिंग और स्वदेशी घटक निर्माण के लिए एक व्यापक पैकेज भी शामिल होगा. ये लड़ाकू विमान INS विक्रांत से संचालित होंगे और मौजूदा मिग-29 K बेड़े का समर्थन करेंगे.

यह भी पढ़ें: मेगा फाइटर जेट डील को मिलेगी कामयाबी! टेंडर प्रोसेस में तेजी लाएगी वायुसेना: सूत्र

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भारतीय वायुसेना के पास पहले से ही 2016 में किए गए एक अलग सौदे के तहत हासिल किए गए 36 विमानों का बेड़ा है. भारतीय वायुसेना के राफेल जेट अंबाला और हाशिनारा में अपने दो ठिकानों से उड़ान भरते हैं. 26 राफेल-एम के सौदे से राफेल जेट की तादाद बढ़कर 62 हो जाएगी और भारतीय शस्त्रागार में 4.5-प्लस-जनरेशन के विमानों की संख्या बढ़ जाएगी.
 

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