चर्चित IAS दिव्या मित्तल ने दिया इस्तीफा, सोशल मीडिया पर लिखा- 'पद छूट गया, लेकिन सपना...'

चर्चित IAS अफसर दिव्या मित्तल ने 13 सालों की सेवा के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने X पर पोस्ट करते हुए अपने इस्तीफे की जानकारी दी.

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दिव्या मित्तल (Photo: X/divyamittal_IAS) दिव्या मित्तल (Photo: X/divyamittal_IAS)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 30 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 9:28 AM IST

चर्चित IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने X पर इसकी जानकारी देते हुए लिखा कि 13 सालों की सेवा के बाद वे अपने पद से इस्तीफा दे रही हैं. उन्होंने अपने इन 13 सालों के सफर को अविस्मरणीय बताया है. उन्होंने बताया कि साधारण परिवेश में रहते हुए उन्होंने हमेशा सफल और अच्छे जीवन का सपना देखा था. 

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IIT, IIM पास करने के बाद उन्हें लंदन में नौकरी मिली, लेकिन देश से दूर रहना उन्हें नागवार गुजरा. इसलिए वे भारत वापस लौट आई. दिव्या मित्तल ने अपने पत्र में अपने संघर्ष को याद करते हुए लिखा है कि कैसे दिन-रात एक करके उन्होंने IIT दिल्ली और IIM बैंगलोर से पढ़ाई की. जिसके बाद उनकी लंदन में नौकरी लगी. लेकिन उनका कहना है कि 'सब कुछ' पा लेने पर भी उन्हें कुछ अधूरा लग रहा था. उन्हें यह खलता था कि वे अपने देश में नहीं हैं.

उन्होंने लिखा, "मैं चाहती थी जिस भारत का सपना देखा था, उसे बनाने वाली ईंटों पर मेरे भी हाथों के निशान हों इसलिए वापस लौट आई और IAS बनने का सौभाग्य मिला."

उन्होंने कहा कि देवरिया और मिर्जापुर में काम करने के दौरान उन्हें बहुत कुछ सीखने का मौका मिला. उनका कहना है कि अपनी सेवा के दौरान जरूरतमंद परिवारों, दिव्यांगों और किसानों के लिए काम करते हुए यह महसूस किया कि हर सरकारी फाइल के पीछे एक इंसान होता है.

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दिव्या का कहना है कि शुरू में उन्हें लगता था कि वे लोगों के लिए कुछ करने आई हैं, लेकिन इसे उन्होंने अपनी 'नासमझी' बताया है. उन्होंने कहा कि उन्हें लोगों से सबसे ज्यादा प्यार और सम्मान मिला. उन्होंने लिखा कि जब भी वे कभी थकी या परेशान हुई तो लोगों के भरोसे ने उन्हें आगे बढ़ने की हिम्मत दी. उन्होंने अपने साथ काम करने वाले अधिकारियों और सहयोगियों का भी आभार जताया है. 

अंत में उन्होंने एक बुजुर्ग महिला का जिक्र करते हुए बताया कि जब उनके गांव में पहली बार उन्होंने पानी पहुंचाया तो महिला ने तब कुछ कहा नहीं बस उनके सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया. दिव्या ने कहा कि IAS का पद भले ही छूट गया हो लेकिन वह आशीर्वाद और देश के लिए बहुत कुछ करने का सपना आज और हमेशा उनके साथ रहेगा. 

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