असम के हैलाकांडी जिले से निर्माणाधीन पुल के गिरने का मामला सामने आया है. जिले के बाघेर गुल इलाके के मोहनपुर में बेराखाल नदी पर बन रहा कंक्रीट का पुल अचानक भरभराकर गिर गया. जिस समय यह हादसा हुआ, उस वक्त निर्माण कार्य में करीब 15 मजदूर लगे हुए थे. गनीमत रही कि सभी मजदूर सुरक्षित बच गए. यह पुल स्थानीय लोगों के लिए काफी अहम बताया जा रहा था. लोगों को लंबे समय से इसके पूरा होने का इंतजार था. पुल बन जाने के बाद मोहनपुर इलाके में आने-जाने की सुविधा आसान हो जाती. लेकिन निर्माण पूरा होने से पहले ही पुल का कंक्रीट का ढांचा गिरने से पूरे इलाके में नाराजगी फैल गई.
बेराखाल नदी पर इस पुल का निर्माण करीब 3.31 करोड़ रुपये की लागत से कराया जा रहा था. निर्माण कार्य चल रहा था और मौके पर करीब 15 मजदूर मौजूद थे. इसी दौरान पुल का कंक्रीट का ढांचा अचानक गिर गया. हादसे के बाद मौके पर मौजूद मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई. हालांकि किसी मजदूर के घायल होने की जानकारी नहीं दी गई है. सभी 15 मजदूर इस हादसे में बाल-बाल बच गए. पुल गिरने की घटना सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में गुस्सा है. लोगों का कहना है कि जिस पुल का निर्माण इलाके की आवाजाही को आसान बनाने के लिए किया जा रहा था, वह पूरा होने से पहले ही गिर गया.
पुल गिरने के बाद स्थानीय लोगों में गुस्सा
पुल के गिरने के बाद स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं. लोगों ने आरोप लगाया है कि पुल के निर्माण में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और भ्रष्टाचार हुआ है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया. उनका कहना है कि इसी वजह से पुल का ढांचा निर्माण के दौरान ही गिर गया. लोगों ने इस पूरे मामले की जांच की मांग की है. स्थानीय लोगों ने डिविजनल अधिकारियों और कॉन्ट्रैक्टर राजू चौधरी के खिलाफ भी अपना गुस्सा जाहिर किया है. लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में हुई कथित गड़बड़ी की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए.
हाई लेवल जांच की मांग
पुल गिरने की घटना के बाद स्थानीय लोगों ने मामले की हाई लेवल जांच की मांग की है. लोगों का कहना है कि 3.31 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे पुल का निर्माण पूरा होने से पहले ही गिर जाना गंभीर मामला है. स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य में इस्तेमाल की गई सामग्री और पूरे काम की जांच की मांग की है. साथ ही डिविजनल अधिकारियों और कॉन्ट्रैक्टर राजू चौधरी की भूमिका की भी जांच की मांग उठाई है. फिलहाल इस घटना में करीब 15 मजदूरों के सुरक्षित बच जाने से बड़ी अनहोनी टल गई. लेकिन निर्माणाधीन पुल के गिरने से काम की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं. स्थानीय लोग अब इस मामले में उच्चस्तरीय जांच और जिम्मेदारी तय किए जाने की मांग कर रहे हैं.
दिलीप कुमार सिंह