सोनीपत: सिंघु बॉर्डर पर एक और किसान की मौत, फंदे पर लटका मिला शव

कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली की सीमाओं पर किसानों का आंदोलन लगातार जारी है. इसी बीच सोनीपत के कुंडली सिंघु बॉर्डर पर बुधवार को प्रदर्शन में शामिल एक किसान का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला. मृतक किसान का नाम गुरप्रीत सिंह बताया जा रहा है. वह पंजाब के फतेहगढ़ साहिब का रहने वाला है.

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कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली की सीमाओं पर किसानों का आंदोलन लगातार जारी है. कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली की सीमाओं पर किसानों का आंदोलन लगातार जारी है.

पवन सिंह

  • सोनीपत,
  • 10 नवंबर 2021,
  • अपडेटेड 11:34 AM IST
  • मृतक किसान का नाम गुरप्रीत सिंह
  • अभी मौत की असली वजह का पता नहीं
  • पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा

कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली की सीमाओं पर किसानों का आंदोलन लगातार जारी है. इसी बीच सोनीपत के कुंडली सिंघु बॉर्डर पर बुधवार को प्रदर्शन में शामिल एक किसान का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला. मृतक किसान का नाम गुरप्रीत सिंह बताया जा रहा है. वह पंजाब के फतेहगढ़ साहिब का रहने वाला था. 

बताया जा रहा है कि गुरप्रीत सिंह फतेहगढ़ साहिब के अमरोह तहसील के रुड़की गांव का रहने वाला था. वह यह बीकेयू सिद्धपुर से जुड़ा था. हालांकि, अभी यह पता नहीं चला है कि उसकी हत्या हुई या आत्महत्या हुई. कुंडली थाने की पुलिस दोनों एंगल पर जांच कर रही है. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह का पता चल पाएगा. 

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ट्रैक्टर मार्च निकालेंगे किसान
कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन का एक साल पूरा होने वाला है. ऐसे में किसान संगठनों ने 29 नवंबर से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र ट्रैक्टर मार्च निकालने का फैसला किया है. दरअसल, किसान एकता मोर्चा के तहत किसान संगठनों की बैठक हुई. इस बैठक में किसान आंदोलन की आगे की रणनीति पर चर्चा हुई. इस बैठक में राकेश टिकैत, दर्शनपाल सिंह और गुरनाम सिंह समेत कई बड़े किसान नेता शामिल हुए. 

मार्च की अनुमति देने के पक्ष में नहीं दिल्ली पुलिस
किसानों ने अपनी ताकत का प्रदर्शन बढ़ाने का फैसला किया. 29 तारीख से संसद में शीतकालीन सत्र शुरू होने के बाद टिकरी और गाजीपुर के किसान विरोध प्रदर्शन करने और अपने मुद्दों को उजागर करने के लिए संसद भवन की ओर बढ़ेंगे. हालांकि, दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने आजतक से पुष्टि की है कि ऐसे किसी भी मार्च की अनुमति नहीं दी जाएगी. अगर किसान किसान संसद के लिए तैयार होंगे, जो इस साल दिल्ली के जंतर मंतर पर हुआ था, उसकी अनुमति दी जा सकती है. 

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