NEET पेपर लीक को लेकर जंतर-मंतर पर जारी CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के आंदोलन के बीच संगठन ने दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं. CJP ने शनिवार को जारी एक बयान में कहा कि जंतर-मंतर के आसपास पुलिस ने ऐसा माहौल बना दिया है, मानो प्रदर्शन स्थल की "घेराबंदी" कर दी गई हो. संगठन का आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों तक खाना, पीने का पानी, दवाइयां और दूसरी जरूरी चीजें पहुंचने से रोका जा रहा है. पार्टी ने दिल्ली पुलिस के सामने पांच मांगें रखी हैं.
CJP का कहना है कि पिछले एक महीने से हजारों छात्र, अभिभावक, शिक्षक और आम नागरिक परीक्षा पेपर लीक, भर्ती घोटालों और छात्र आत्महत्याओं के मुद्दे पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं. लेकिन प्रदर्शन को सुगम बनाने के बजाय दिल्ली पुलिस डर और दबाव का माहौल बना रही है. संगठन ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने की कोशिश कर रहे लोगों को हिरासत में लिया जा रहा है, वॉलंटियर्स को रोका जा रहा है और यहां तक कि खाने-पीने का सामान और दवाइयां भी अंदर नहीं जाने दी जा रही हैं.
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बयान में CJP ने कहा कि जंतर-मंतर कोई जेल या सैन्य क्षेत्र नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक विरोध दर्ज कराने के लिए निर्धारित सार्वजनिक स्थान है. संगठन ने सुप्रीम कोर्ट के उन फैसलों का भी हवाला दिया, जिनमें शांतिपूर्ण प्रदर्शन को संवैधानिक अधिकार बताया गया है. CJP का कहना है कि पुलिस की जिम्मेदारी प्रदर्शन को व्यवस्थित करना है, न कि उसे डर, भूख और अलगाव के जरिए दबाना.
कॉकरोच पार्टी की दिल्ली पुसिस से पांच मांगें
संगठन ने दिल्ली पुलिस आयुक्त से पांच मांगें भी रखी हैं. इनमें प्रदर्शनकारियों को रोकने और हिरासत में लेने की कार्रवाई बंद करना, खाना, पानी, दवाइयों और अन्य जरूरी सामान की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना, स्वयंसेवकों, परिजनों, वकीलों, पत्रकारों और मेडिकल टीम को प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने देना, जंतर-मंतर के आसपास कथित डर का माहौल खत्म करना और नागरिकों के शांतिपूर्ण विरोध के संवैधानिक अधिकार का सम्मान करना शामिल है.
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दिल्ली पुलिस से "घेराबंदी" हटाने की अपील
CJP ने अपने बयान में कहा कि सरकारें किसी आंदोलन से असहमत हो सकती हैं, लेकिन किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को भूखा रखना, उन्हें अलग-थलग करना या आवश्यक सुविधाओं से वंचित करना उचित नहीं ठहराया जा सकता. संगठन ने दिल्ली पुलिस से सभी कथित घेराबंदी तत्काल हटाने और जंतर-मंतर को लोकतांत्रिक विरोध के खुले मंच के रूप में बनाए रखने की अपील की है. वहीं, दिल्ली पुलिस की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
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