दिल्ली के सरकारी स्कूलों का होगा स्ट्रक्चरल ऑडिट, जर्जर इमारतों को गिराकर बनेंगी आधुनिक G+4 बिल्डिंग, CM रेखा गुप्ता का बड़ा फैसला

दिल्ली सरकार ने राजधानी के सभी पुराने सरकारी स्कूल भवनों का व्यापक संरचनात्मक ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं. 108 भवनों में से 54 जर्जर पाए गए हैं, जिन्हें गिराने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. सरकार ने आधुनिक, भूकंपरोधी और बहुमंजिला स्कूल भवन बनाने की योजना बनाई है.

Advertisement
दिल्ली में सरकारी स्कूलों का होगा स्ट्रक्चरल ऑडिट. (File photo: ITG) दिल्ली में सरकारी स्कूलों का होगा स्ट्रक्चरल ऑडिट. (File photo: ITG)

सुशांत मेहरा

  • नई दिल्ली,
  • 15 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 2:39 PM IST

दिल्ली सरकार ने राजधानी के सरकारी स्कूलों की सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सभी पुराने स्कूल भवनों का व्यापक स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं. इस अभियान में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के दौरान बने स्कूल भवन भी शामिल होंगे.

दिल्ली सरकार ने राजधानी के सरकारी स्कूलों की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आम आदमी पार्टी सरकार के दौरान और उससे पहले बने सभी पुराने सरकारी स्कूल भवनों का व्यापक स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं. सरकार ने फिलहाल 108 सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल भवनों को असुरक्षित एवं खतरनाक कैटेगरी में चिन्हित किया है.

Advertisement

54 जर्जर इमारतों को गिराने की तैयारी

शिक्षा विभाग और लोक निर्माण विभाग (PWD) की शुरुआती जांच में इन 108 भवनों में से 54 इमारतें बेहद जर्जर हालत में पाई गई हैं. इन भवनों को गिराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. सरकार के अनुसार, पहले चरण में अगले कुछ महीनों के अंदर 7 स्कूल भवनों को ध्वस्त किया जा सकता है.

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद PWD को सभी पुराने स्कूल भवनों की विस्तृत संरचनात्मक सुरक्षा जांच (Structural Audit) करने और उनकी मरम्मत या पुनर्निर्माण की लागत का आकलन करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है. इसके अलावा 14 अन्य स्कूल भवनों के स्ट्रक्चरल ऑडिट के प्रस्ताव भी भेजे गए हैं.

डिजिटल प्रोफाइलिंग से होगी निगरानी

सरकार ने स्कूल भवनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल प्रोफाइलिंग की भी योजना बनाई है. इसके तहत प्रत्येक स्कूल भवन की संरचनात्मक मजबूती, अग्नि सुरक्षा, विद्युत सुरक्षा और अन्य सुरक्षा मानकों का वैज्ञानिक मूल्यांकन किया जाएगा. इससे भविष्य में किसी भी भवन की स्थिति की नियमित निगरानी की जा सकेगी.

दिल्ली सरकार का कहना है कि जिन भवनों को असुरक्षित घोषित किया गया है, उनकी जगह आधुनिक, भूकंपरोधी और बहुमंजिला G+4 स्कूल भवन बनाए जाएंगे. साथ ही राजधानी में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 27 खाली सरकारी भूखंडों पर नए स्थायी स्कूल भवन बनाने की योजना भी शुरू कर दी गई है.

Advertisement

सरकार ने स्पष्ट किया है कि पूरे पुनर्निर्माण और ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से होगी, ताकि किसी भी छात्र की पढ़ाई प्रभावित न हो. जरूरत पड़ने पर विद्यार्थियों को अस्थायी रूप से अन्य सुरक्षित भवनों में स्थानांतरित किया जाएगा.

आजतक की खबर का बड़ा असर

7 फरवरी 2026 को आज तक के कार्यक्रम खबरदार में दिल्ली के सरकारी स्कूलों की जर्जर इमारतों पर विशेष ग्राउंड रिपोर्ट प्रसारित की गई थी. रिपोर्ट में दिखाया गया था कि आम आदमी पार्टी सरकार के दौरान करोड़ों रुपये की लागत से बने कुछ स्कूल अगले दो-तीन सालों में ही डेंजर घोषित हो गए थे. रिपोर्ट में कई भवनों में दरारें, निर्माण संबंधी कमियां और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए थे.

अब दिल्ली सरकार ने राजधानी के सभी पुराने स्कूल भवनों की व्यापक सुरक्षा जांच का फैसला लिया है. सरकार का दावा है कि इस अभियान का उद्देश्य छात्रों और शिक्षकों के लिए सुरक्षित, आधुनिक और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »