'न रिपोर्ट मिली, न अपील का मौका दिया', यौन उत्पीड़न मामले पर बोले JNU प्रोफेसर और कांग्रेस MP अकोइजम

कांग्रेस सांसद बिमोल अकोइजम ने JNU में अपने खिलाफ यौन उत्पीड़न की जांच और बर्खास्तगी पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि POSH एक्ट का उल्लंघन कर उन्हें जांच रिपोर्ट दिए बिना बर्खास्तगी नोटिस दिया गया और 30 दिन का अपील का समय भी नहीं मिला.

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अकोइजम ने अपने ऊपर लगे आरोपों को नकारा (File photo: PTI) अकोइजम ने अपने ऊपर लगे आरोपों को नकारा (File photo: PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 14 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 12:04 AM IST

कांग्रेस के लोकसभा सांसद व जेएनयू प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजम ने अपने खिलाफ लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों को खारिज किया है. उन्होंने अपनी बर्खास्तगी के नोटिस की आलोचना की है. सांसद ने विश्वविद्यालय प्रशासन और कुलपति पर नियमों की अनदेखी करने, गोपनीयता भंग करने और गलत बयानबाजी करने के गंभीर आरोप लगाए हैं.

जेएनयू की आंतरिक शिकायत समिति (ICC) द्वारा जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए सांसद बिमोल अकोइजम ने कहा, "मुझे 9 तारीख को आईसी से एक मेल मिला कि जांच अब बंद हो गई है. नियमों के मुताबिक, समिति को अपनी जांच के निष्कर्षों और सिफारिशों वाली रिपोर्ट दोनों पक्षों (शिकायतकर्ता और अनावेदक) को सौंपनी चाहिए. इसके बाद दोनों पक्षों के पास रिपोर्ट से असहमत होने या अपील करने के लिए 30 दिनों की समयसीमा होती है. लेकिन मुझे आईसी की रिपोर्ट तक नहीं दी गई और उसी दिन कुछ ही घंटों के भीतर कुलपति द्वारा बर्खास्तगी का नोटिस जारी कर दिया गया."

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कांग्रेस सांसद और प्रो. अंगोमचा ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर POSH Act के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कहा, "POSH एक्ट की धारा 16 के तहत इन जांच रिपोर्टों को लीक नहीं किया जाना चाहिए. लेकिन जेएनयू प्रशासन के लिए यह कोई नई बात नहीं है. उन्होंने पहले ही मेरा नाम सार्वजनिक कर दिया था. देश में, खासकर मुख्यधारा में, मेरा मीडिया ट्रायल किया गया और सभी ने इसे सही मान लिया."

यह भी पढ़ें: JNU प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजम पर FIR, BJP महिला मोर्चा भी करेगी प्रोटेस्ट

कुलपति पर साधा निशाना
वीसी की भूमिका पर सवाल उठाते हुए अकोइजम ने कहा कि नियमों के अनुसार अपील की सुनवाई वीसी को ही करनी होती है, लेकिन उन्होंने खुद अगले दो दिनों तक मीडिया में जाकर कई दावे किए. उन्होंने कहा, "वीसी ने मीडिया में जाकर सफेद झूठ बोला कि उन्होंने 300 ईमेल लिखे थे. सभी नियमों और प्रक्रियाओं को तोड़ा गया है. रोज हर कोई मुझ पर उंगली उठा रहा है, लेकिन क्या महज नाम देने से मैं वैसा बन जाऊंगा?"

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