दिल्ली में छात्रों का आंदोलन 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) के नाम से जंतर मंतर पर लगातार जारी है. 20 जुलाई को "चलो पार्लियामेंट" मार्च के दौरान हजारों छात्र और युवा संसद की तरफ बढ़ने की कोशिश में दिल्ली पुलिस से भिड़ गए. पुलिस ने बैरिकेडिंग, लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया, जिसमें दर्जनों प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी घायल हुए.
टेंट तोड़े जाने के बावजूद प्रदर्शनकारी वापस लौटे और मानसून की बारिश में भी धरना जारी रखे हुए हैं. सोनम वांगचुक अस्पताल में भर्ती होकर भी भूख हड़ताल पर डटे हैं और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं.
अब यह दिल्ली से निकलकर मुंबई, बेंगलुरु और कोलकाता जैसे कई बड़े शहरों तक फैल गया है. प्रदर्शन में ज्यादातर 'जेन जी' और छात्र शामिल हैं, जो शिक्षा व्यवस्था की खामियों, बेरोजगारी और अपने भविष्य को लेकर सड़कों पर उतरे हैं. सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने साफ कहा है कि यह आंदोलन अनिश्चित काल तक जारी रहेगा.
राजनीति में भी इस आंदोलन को लेकर हलचल तेज हो गई है. कांग्रेस समेत पूरे इंडिया गठबंधन ने छात्रों का समर्थन किया है. राहुल गांधी सहित कई विपक्षी नेताओं ने संसद में नीट परीक्षा को लेकर सवाल उठाए, काले कपड़े पहनकर विरोध जताया और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई.
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने सेवा को लेकर अहम अपडेट जारी किया है. DMRC के मुताबिक, 24 जुलाई 2026 को सुबह 7:30 बजे से अगले आदेश तक 17 मेट्रो स्टेशन बंद रहेंगे. हालांकि, राजीव चौक, मंडी हाउस और केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन पर इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध रहेगी. बंद रहने वाले स्टेशनों में लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंभा रोड, सुप्रीम कोर्ट, सेवा तीर्थ, जनपथ, मंडी हाउस, केंद्रीय सचिवालय, आईटीओ, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग, शिवाजी स्टेडियम और झंडेवालान शामिल हैं.
बीजेपी ने अपने सांसदों से संसद में अधिकतम उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा है. पार्टी ने लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों के सांसदों को सदन में मौजूद रहने का निर्देश दिया है. खास तौर पर राज्यसभा में बड़ी संख्या में सांसदों की मौजूदगी सुनिश्चित करने को कहा गया है. पार्टी का मानना है कि उच्च सदन में मजबूत संख्याबल दिखाना जरूरी है. इसके जरिए बीजेपी सदन में अपनी संख्या और राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन करना चाहती है.
हालांकि, बीजेपी की ओर से लोकसभा या राज्यसभा, किसी भी सदन के लिए आधिकारिक तौर पर कोई व्हिप जारी नहीं किया गया है. इसके बावजूद पार्टी ने सांसदों से संसद में मौजूद रहने और सदन की कार्यवाही के दौरान अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा है.
गांधी स्मृति पहुंचने पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, 'हमारे नेता महात्मा गांधी की हत्या यहीं हुई थी. आज मोदी सरकार भारत में लोकतंत्र की हत्या कर रही है, छात्रों पर ज़ुल्म कर रही है और उन्हें पीट रही है. विपक्ष इसे मंजूर नहीं करेगा. हम छात्रों के साथ हैं. नरेंद्र मोदी को शिक्षा मंत्री को हटाना होगा और माफी मांगनी होगी.'
विपक्षी सांसद राहुल गांधी के नेतृत्व में गांधी स्मृति पहुंच गए हैं. इससे पहले दिल्ली के इस रूट पर हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला. कारण, इन सांसदों की बस को कई जगह पुलिस द्वारा रोका गया था. हालांकि बाद में पुलिस ने अनुमति दे दी. इसके बाद राहुल गांधी और सभी विपक्षी सांसदों ने स्मृति पर राष्ट्रगीत गाया.
दिल्ली के जंतर-मंतर इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए गृह मंत्रालय ने बड़ा फैसला लिया है. मंत्रालय के मुताबिक, जंतर-मंतर के 1.5 किलोमीटर के दायरे में शाम 4 बजे से आधी रात 12 बजे तक मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित रहेंगी.
बीजेपी मार्गदर्शक मंडल के सदस्य और पूर्व मानव संसाधन विकास मंत्री मुरली मनोहर जोशी ने दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों को लेकर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों से आए युवा छात्र कई दिनों से नई दिल्ली की सड़कों पर जुटे हैं और उनकी चिंताएं व सरोकार वास्तविक हैं. इनका समाधान सहानुभूति और दूरगामी सोच के साथ किया जाना चाहिए. जोशी ने कहा कि इस पूरे मामले को केवल कानून-व्यवस्था की समस्या मानकर बलपूर्वक नहीं निपटा जाना चाहिए. उन्होंने महिलाओं और युवतियों पर कथित निर्मम बल प्रयोग को लेकर भी पीड़ा जताई और कहा कि इस तरह के बल के इस्तेमाल से भारतीय समाज का एक बड़ा हिस्सा विकसित भारत के लक्ष्य से दूर चला जाएगा.
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि हमारे छात्र सड़कों पर हैं, इसलिए विपक्ष के सभी सांसदों को लगा कि हमें भी सड़कों पर उतरना चाहिए. विपक्ष के सभी सांसद इंडिया गेट जाना चाहते थे. उन्होंने मना कर दिया और हमें रोक दिया. फिर हमने कहा कि हम तीस जनवरी (गांधी स्मृति) जाना चाहते हैं. उन्होंने बस यहीं खड़ी कर दी है. हम आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं, लेकिन छात्रों तक मुख्य संदेश यही है कि हम आपके साथ हैं.
प्रियंका गांधी बस की ड्राइवर सीट के पास पहुंचीं और सुरक्षा कर्मियों से बातचीत करती नजर आईं. उन्होंने इशारों में बस को आगे ले जाने के रास्ते को लेकर भी चर्चा की. वहीं, राहुल गांधी बस के अंदर खड़े होकर मौके की स्थिति का जायजा लेते दिखे. विपक्षी सांसदों की योजना बस से 30 जनवरी मार्ग तक जाने और वहां से पैदल गांधी समाधि पहुंचकर युवाओं की मांगों के समर्थन में प्रदर्शन करने की थी. हालांकि, विपक्ष का आरोप है कि पुलिस ने पहले से ही बसें और बैरिकेड लगाकर उनका रास्ता रोक दिया.
कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने आजतक से बातचीत में सवाल उठाते हुए कहा, 'जो लोग संसद में जा सकते हैं, वो क्या गांधी समाधि नहीं जा सकते? सरकार को पहले से पता था कि विपक्षी सांसद यहां से जाने वाले हैं, इसके बावजूद रास्ते में अपनी बसें खड़ी कर दी गईं. ये बैरिकेड क्यों? क्या हम कोई गुंडे-बदमाश हैं?'
राहुल गांधी के साथ बस में सवार सांसदों में शिवसेना (यूबीटी) के अरविंद सावंत, एनसीपी (शरद पवार) की सुप्रिया सुले, टीएमसी की महुआ मोइत्रा और सौगत राय, झारखंड मुक्ति मोर्चा की महुआ मांझी, आरजेडी की मीसा भारती और संजय यादव, सीपीएम के जॉन ब्रिटास, सीपीआई के पी. संतोष कुमार, समाजवादी पार्टी के रामजी लाल सुमन और आईयूएमएल के ईटी मोहम्मद बशीर शामिल हैं.
राहुल गांधी की बस करीब 10 मीटर आगे बढ़ने के बाद ही रुक गई. सड़क पर एक सफेद बस खड़ी कर दी गई है, जिससे आगे का रास्ता अवरुद्ध हो गया है. मौके पर अर्धसैनिक बलों और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की तैनाती की गई है. राहुल गांधी के आवास के बाहर भारी बैरिकेडिंग की गई है. मौके के हालात को देखते हुए माना जा रहा है कि राहुल गांधी की बस को आवास से आगे जाने की अनुमति मिलने की संभावना कम है. कांग्रेस के काफिले के पीछे दिल्ली पुलिस की दो बसें भी खड़ी हैं. इस बीच पुलिस लाउडस्पीकर के जरिए लगातार घोषणाएं कर रही है.
राहुल गांधी ने बताया है कि 'इंडिया' गठबंधन के सांसद और नेता गांधी स्मृति जा रहे हैं. उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'अभी INDIA गठबंधन के सांसद और नेता शांतिपूर्ण तरीके से तीस जनवरी मार्ग पर गांधी स्मृति जा रहे हैं. हम उन छात्रों को याद करने जा रहे हैं जिन्हें हमने खो दिया, वो बच्चे जिन्हें NEET पेपर लीक के बाद अपनी जान देने के लिए मजबूर होना पड़ा. और हम उन छात्रों के साथ खड़े होने जा रहे हैं जो आज घायल हैं, जिन्हें न्याय और जवाबदेही की शांतिपूर्ण मांग करने पर पीटा गया. भारत के छात्र अकेले नहीं हैं. पूरा विपक्ष उनके और उनकी मांगों के साथ खड़ा है.'
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी राहुल गांधी के आवास पर पहुंचे हैं. इस दौरान उनसे जब इस बैठक का कारण पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'साहब ने चाय के लिए बुलाया था. इसलिए मैं चाय पीने आया हूं.'
बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष ने राहुल गांधी के घर चल रही बैठक को लेकर सवाल उठाए हैं. उन्होंने एक्स पर लिखा, 'बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष ने राहुल गांधी के घर चल रही बैठक को लेकर सवाल उठाए हैं. उन्होंने एक्स पर लिखा, 'राहुल गांधी के घर पर एक और ड्रामेबाजी चल रही है. बसें आ रही हैं और कांग्रेस के सांसद वहां पहुंच रहे हैं. वे जंतर-मंतर पर हो रहे विरोध प्रदर्शनों से ध्यान हटाने के लिए कोई नाटक कर रहे हैं. इस ड्रामेबाज़ी वाली होड़ में कुछ समय के लिए देश का नुकसान हो रहा है.'बसें आ रही हैं और कांग्रेस के सांसद वहां पहुंच रहे हैं. वे जंतर-मंतर पर हो रहे विरोध प्रदर्शनों से ध्यान हटाने के लिए कोई नाटक कर रहे हैं. इस ड्रामेबाज़ी वाली होड़ में कुछ समय के लिए देश का नुकसान हो रहा है.'
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश, जेबी माथेर और पीजीवी समेत कई विपक्षी नेता राहुल गांधी के आवास पहुंच चुके हैं. परिणीति शिंदे और शफी परम्बिल भी राहुल गांधी के आवास पर पहुंचे हैं. आरजेडी सांसद संजय यादव भी वहां पहुंच गए हैं. राज्यसभा सांसदों का भी पहुंचना जारी है. प्रमोद तिवारी, अखिलेश प्रसाद सिंह और इमरान प्रतापगढ़ी समेत कई सांसद राहुल गांधी के आवास पहुंच चुके हैं. इस बीच राहुल गांधी के आवास पर बसें भी पहुंच गई हैं और अन्य विपक्षी सांसदों के भी वहां पहुंचने का सिलसिला जारी है.
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 24 जुलाई को कोलकाता में विरोध प्रदर्शन करने के लिए कोलकाता पुलिस से अनुमति मांगी है. हालांकि, अब तक पुलिस की ओर से प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी गई है. CJP की ओर से अनुमति मिलने का इंतजार किया जा रहा है.
नीट पेपर लीक के मुद्दे पर आंदोलन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और केंद्र सरकार के बीच बातचीत को लेकर गतिरोध बना हुआ है. एक तरफ जहां सरकार गतिरोध समाप्त करने के लिए बातचीत की मेज पर आने की अपील कर रही है, वहीं दूसरी तरफ CJP ने अपनी शर्त रख दी है. इसके साथ ही सीजेपी ने शुक्रवार को देशव्यापी प्रदर्शन की अपील की है.
कॉकरोच जनता पार्टी के नेता आशुतोष रांका ने साफ किया है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के आवास या मंत्रालय में कोई बैठक नहीं होगी. आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सरकार के प्रस्ताव का जवाब देते हुए कहा कि नड्डा के घर पर कोई बैठक नहीं होगी. उन्होंने कहा कि अगर बातचीत करनी है तो यह जंतर-मंतर या किसी बीच की जगह पर हो सकती है.
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने पेपर लीक के मुद्दे पर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए राजस्थान की पूर्व अशोक गहलोत सरकार के कार्यकाल का जिक्र किया है. उन्होंने कहा कि राजस्थान में गहलोत सरकार के दौरान अकेले 19 पेपर लीक के मामले सामने आए थे. जोशी ने यह भी दावा किया कि प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी स्वीकार किया था कि तमाम कोशिशों के बावजूद पेपर लीक को रोका नहीं जा सका.
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने छात्र आंदोलन और पेपर लीक विवाद पर कहा कि सरकार इस मुद्दे को लेकर संवेदनशील है. उन्होंने कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है और अब फास्ट-ट्रैक कोर्ट के जरिए उन्हें जल्द सजा दिलाई जाएगी. उनके मुताबिक, यदि सरकार इस पर प्रतिक्रिया नहीं देती तो विपक्ष के सवाल उठाने को समझा जा सकता था, लेकिन सरकार ने पहले ही इस दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी थी.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसले का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि नए भारत में युवाओं के भविष्य, प्रतिभा और मेहनत के साथ न्याय सुनिश्चित किया जाएगा.
जंतर-मंतर के पास ड्यूटी पर जाते समय हमले में घायल हुए दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर नंद किशोर सिंह ने गुरुवार को मीडिया से बातचीत कर घटना के बारे में जानकारी दी.
मुंबई पुलिस ने एक वायरल वीडियो की जांच के आदेश दिए हैं, जिसमें गुरुवार को एक पुलिस ड्राइवर स्टूडेंट प्रोटेस्ट करने वालों को मनगढ़ंत ड्रग्स केस की धमकी देते हुए दिख रहा है. पूरी खबर यहां पढ़ें: '50 ग्राम पाउडर डाल देंगे', स्टूडेंट प्रोटेस्टर को धमकाने वाले पुलिसकर्मी को हटाया गया
मुंबई बीजेपी अध्यक्ष अमित साटम ने छात्र आंदोलन को अंतरराष्ट्रीय साजिश का हिस्सा बताया है. उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन में केवल 10% छात्र हैं और विपक्ष इस मुद्दे का राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रहा है.
इनपुट: मुस्तफा शेख
लोकसभा की कार्यवाही शुक्रवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी गई है. वहीं, राज्यसभा की दोपहर तीन बजे तक. विपक्ष का कहना है कि पहले धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा होगा, उसके बाद ही बात होगी. हालांकि, किरेन रिजिजू लगातार कोशिश करते रहे और कहते रहे कि सदन की कार्यवाही आगे बढ़ाई जाए, लेकिन ऐसा हो नहीं पाया.
20 जुलाई के ‘संसद चलो’ मार्च में घायल हुए 19 साल के साहिल लोचाब के परिवार ने दावा किया है कि पेलेट लगने से उनकी आंख की रोशनी जाने का खतरा है. फिलहाल उनका इलाज AIIMS ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है. पूरी खबर यहां पढ़ें: 'आंखों की रोशनी जाने का खतरा', जंतर-मंतर प्रोटेस्ट में घायल 19 साल के साहिल पर परिवार का दावा
इनपुट: आशुतोष मिश्रा
बिहार के बेगूसराय में NEET पेपर लीक और जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में हजारों छात्रों और छात्र संगठनों ने DM कार्यालय पर प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की.
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने NEET और छात्र आंदोलन को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है. दोनों नेताओं ने छात्रों के समर्थन में 26 जुलाई को मुंबई में शिवाजी पार्क से सिद्धिविनायक मंदिर तक शक्ति प्रदर्शन निकालने का ऐलान किया. पूरी खबर यहां क्लिक कर पढ़ें: NEET आंदोलन पर ठाकरे बंधु एक सुर में, छात्रों पर लाठीचार्ज की निंदा... 26 जुलाई को मुंबई मार्च का ऐलान
दिल्ली के जंतर-मंतर से गुरुवार दोपहर को जो तस्वीरें आई हैं, उसमें निहंगों और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच बहस होते नजर आ रही है. वहीं, बीच बचाव करते हुए कई लोग आते हैं और दोनों पक्षों को शांत कराने में जुटते हैं.
मक्कल निधि मय्यम (MNM) के संस्थापक और राज्यसभा सांसद कमल हासन ने NEET और छात्र आंदोलन को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए और सोनम वांगचुक से अनशन समाप्त करने की अपील की.
अभिनेत्री आलिया भट्ट ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर NEET छात्र आंदोलन का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि हर छात्र के पीछे एक परिवार का सपना और सालों का संघर्ष होता है और छात्रों का साहस प्रेरणादायक है. पूरी खबर यहां पढ़ें: NEET पेपर लीक पर आलिया भट्ट ने तोड़ी चुप्पी, छात्रों के लिए हुईं इमोशनल, लिखा- दिल टूट गया है
सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने अहिल्यानगर में चल रहे छात्रों के आंदोलन में हिस्सा लेने का फैसला किया है. अन्ना हजारे के करीबी सहयोगियों ने बताया कि वो जल्द ही अहिल्यानगर पहुंचकर छात्रों के प्रदर्शन में शामिल होंगे और उनके मुद्दों पर चर्चा करेंगे. यह भी पढ़ें: छात्रों के संघर्ष को मिला अन्ना हजारे का साथ, आंदोलन में होंगे शामिल
जंतर-मंतर के छात्र आंदोलन के बीच मेट्रो स्टेशन बंद होने से वकीलों और आम लोगों को हो रही परेशानी का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट में उठाया गया. CJI सूर्यकांत ने कहा कि यदि लंच तक DMRC स्टेशन नहीं खोलती है तो अदालत इस मामले में हस्तक्षेप करने पर विचार करेगी. पूरी खबर को यहां क्लिक कर पढ़ें: 16 मेट्रो स्टेशन बंद होने से वकीलों की परेशानी सुप्रीम कोर्ट पहुंची, CJI बोले- जरूरत पड़ी तो करेंगे हस्तक्षेप
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की. बैठक के बाद दोनों नेता वहां से रवाना हो गए.
इनपुट: मौसमी सिंह
दिल्ली हाईकोर्ट 20 जुलाई के ‘संसद चलो’ प्रदर्शन और उससे जुड़ी कथित हिंसा की NIA जांच की मांग वाली जनहित याचिका पर गुरुवार को सुनवाई करेगा. याचिका में दिल्ली पुलिस की सभी संबंधित FIR विशेष जांच एजेंसी को सौंपने की मांग की गई है.
इनपुट: ANI
किरेन रिजिजू ने कहा, हम शुरू से कह रहे हैं कि नीट परीक्षा के मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए. इस पर दोनों सदनों में अच्छी तरह चर्चा होनी चाहिए. आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस मामले में कड़े कदम उठाने की बात देश के सामने रखी है. उन्होंने फास्ट-ट्रैक न्यायिक प्रक्रिया की भी बात कही है, ताकि अगर कोई इस तरह का खेल करता है, तो उसे कड़ी से कड़ी सजा मिले और जल्द से जल्द कार्रवाई हो. हम भी चाहते हैं कि चर्चा हो. लेकिन आप कोई शर्त मत रखिए. बिना किसी शर्त के चर्चा कीजिए. चेयरमैन अपनी प्रक्रिया के अनुसार सदन चलाएं और चर्चा आज से ही शुरू हो.
लोकसभा के बाद राज्यसभा की कार्यवाही भी स्थगित कर दी गई है.
लोकसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई है. लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला ने सांसदों से शांति की अपील की. लेकिन, जब जमकर नारेबाजी होने लगी तो सदन के कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया.
संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही शुरू हो चुकी है. लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होती ही हंगामा हो गया और जमकर नारेबाजी हुई. लोकसभा ओम बिरला कहना है कि विपक्ष मुद्दों पर चर्चा नहीं करना चाहती.
संसद परिसर में मकर द्वार पर एनडीए सरकार के सांसद तख्तियां लेकर प्रोटेस्ट करने उतरे. सांसदों का कहना है कि पीएम आवास के बाहर राहुल का प्रदर्शन से प्रधानमंत्री की सुरक्षा में बाधा आई.
इनपुट: हिमांशु मिश्रा
प्रियंका गांधी ने कहा, मैंने कहा, समय आ गया है कि नेतृत्व दिखाया जाए. बच्चे कुछ कह रहे हैं, पहले उनकी बात सुनिए. उनकी मांगें क्या हैं? उनकी मांगें बिल्कुल स्पष्ट हैं. पहली मांग है कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें. दूसरी मांग है कि जिन लोगों ने इन बच्चों को मारा-पीटा है, उनके खिलाफ कार्रवाई हो. तीसरी बात, इनकी जो भी मांगें हैं, उन्हें पहले पूरा कीजिए. यह इतना मुश्किल नहीं है. सिस्टम पर बच्चों का, छात्रों का भरोसा टूट गया है. ऐसे में अगर उसी सिस्टम के जरिए आप कोई समाधान देंगे, तो छात्र उसे स्वीकार नहीं करेंगे. यह बहुत सीधी-सी बात है, जिसे हर मां-बाप जानते हैं. यही बात हमारे प्रधानमंत्री और देश के नेताओं को भी समझनी चाहिए. अगर उन्हें समाधान निकालना है, तो पहले बच्चों की बात सुननी होगी. जो उनकी मांगें हैं, उन्हें पहले पूरा करना होगा. तभी समाधान निकलेगा. जब भरोसा ही नहीं है, तो आप कह रहे हैं कि वही सिस्टम जांच करेगा.
उन्होंने कहा कि छात्र वही बात तो नहीं मान रहे हैं. कभी-कभी ऐसा समय आता है, जब नेता को अपना भय छोड़कर जनता की बात सुननी पड़ती है. आज वही समय आ गया है. हजारों बच्चे सड़कों पर हैं. हजारों बच्चे इंडिया गेट पर हैं. हजारों बच्चे पूरे देश में प्रदर्शन कर रहे हैं. जंतर-मंतर पर हैं और आंदोलन के लिए तैयार हैं. इस पूरे मामले का समाधान सामूहिक होना चाहिए और रचनात्मक होना चाहिए. सवाल: लेकिन कल छात्रों पर लाठियां चलीं, वे घायल हुए.
उन्होंने कहा कि जब भरोसा टूट जाता है और अगर आपको उस भरोसे को फिर से बनाना है, तो आपको उसी सिस्टम से बाहर निकलकर कुछ कदम उठाने होंगे. क्या कदम उठाने होंगे? अपने मंत्री से इस्तीफा लीजिए. क्या कदम उठाने होंगे? जिन बच्चों के साथ मारपीट हुई है, उस पर कार्रवाई कीजिए. ऐसा तो नहीं हो सकता कि रात में आप बच्चों को मारें-पीटें और सुबह ट्वीट करें कि हमें बच्चों की बहुत परवाह है. अगर सच में परवाह है, तो फिर उन्हें पीटा क्यों गया? उन पर लाठियां क्यों चलाई गईं? उन पर आंसू गैस क्यों छोड़ी गई? अगर सच में बच्चों की चिंता है, तो उन्हें बुलाइए, उनसे बात कीजिए. उनसे संवाद कीजिए.
संसद के गलियारे में सत्ता पक्ष बनाम विपक्ष का माहौल साफ़ नजर आ रहा है. संसद के बाहर, सदन के बाहर और पूरे परिसर में सत्ता पक्ष और विपक्ष एक-दूसरे के खिलाफ धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं.
जिस तरह का गतिरोध बना हुआ है, उसे तोड़ने की कोशिश दोनों पक्ष करना चाहते हैं. दोनों चाहते हैं कि सदन के अंदर चर्चा हो, लेकिन चर्चा किस नियम के तहत होगी और कितनी देर चलेगी, यह अभी तय नहीं हो पाया है.
कल संसदीय कार्य मंत्री ने लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों में कहा था कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है. किस नियम के तहत चर्चा होगी, यह बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (बीएसी) की बैठक में तय हो जाएगा. लेकिन फिलहाल दोनों पक्षों के बीच रस्साकशी बनी हुई है. कोई भी पक्ष दूसरे की बात सुनने को तैयार नहीं है.
आज सत्ता पक्ष की ओर से एनडीए का प्रदर्शन हो रहा है. उनका कहना है कि राहुल गांधी जिस तरह प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठे, उससे प्रधानमंत्री की सुरक्षा को खतरा पैदा हुआ.
इनपुट: हिमांशु मिश्रा
कॉकरोच पार्टी के चीफ अभिजित दिपके ने पथराव और हिंसा पर सफाई दी है. दिपके का कहना है कि ये हिंसा और पथराव बाहर से आए लोग फैला रहे हैं. छात्र ऐसा नहीं कर रहे हैं. पूरी खबर यहां पढ़ें: जंतर-मंतर हिंसा पर CJP प्रमुख अभिजीत दिपके का बड़ा दावा, बोले- आंदोलन को बदनाम करने के लिए बाहर से भेजे जा रहे लोग
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के लिए माफी मांगने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने की भी मांग की.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पेपर लीक मामलों में फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के ऐलान पर CJP नेता अशुतोष रांका ने कहा कि सरकार बीमारी नहीं बल्कि केवल उसके लक्षणों का इलाज कर रही है. उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई.
इनपुट: साहिल जोशी
जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान घायल हुए पंजाबी बाग के ACP जय प्रकाश ने कहा कि संसद मार्ग की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के दौरान कुछ लोगों ने पानी की बोतलें और पत्थर फेंके. उन्होंने बताया कि एक पत्थर उनके माथे पर लगा और फिलहाल उनका इलाज RML अस्पताल में चल रहा है.
कांग्रेस के BJP कार्यालय घेराव के आह्वान से पहले झारखंड की राजधानी रांची में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है. BJP के प्रदेश कार्यालय के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पेपर लीक मामलों में फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के ऐलान के बाद टीएमसी सांसद सागरिका घोष ने कहा कि NEET मुद्दे पर सदन में चर्चा से पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना होगा. उन्होंने कहा कि इस्तीफे के बिना चर्चा नहीं होगी.
देश भर में प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक के मामलों को लेकर जारी भारी बवाल के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ा ऐलान किया है, जिस पर अब राहुल गांधी ने पलटवार किया है. राहुल गांधी ने छात्रों की तीन प्रमुख मांगों को भी दोहराया. उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाया जाए. सरकार छात्रों से माफी मांगे. छात्रों के साथ कथित हिंसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए. यह भी पढ़ें: 'युवाओं के भविष्य को सबसे अधिक नुकसान आपने पहुंचाया', PM मोदी के ऐलान पर राहुल गांधी का जवाब
दिल्ली में जारी छात्र आंदोलन के बीच पूर्व भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह ने इंस्टाग्राम के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने सरकार और प्रदर्शनकारी संगठन CJP से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की. युवी ने कहा कि देश के छात्रों को सुरक्षित माहौल में शिक्षा और बेहतर भविष्य का अधिकार मिलना चाहिए. यह भी पढ़ें: 'भारत के भविष्य के लिए साथ बैठिए...', छात्र आंदोलन के बीच युवराज सिंह की सरकार से इमोशनल अपील
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि युवाओं का हित और उनका भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने घोषणा की कि पेपर लीक के मामलों के त्वरित निस्तारण और दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे. पूरी खबर यहां पढ़ें: 'पेपर लीक की फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी सुनवाई', पीएम मोदी का बड़ा ऐलान
अभिजीत दिपके ने कहा, 'हम लोगों को यहां पर शांति से बने रहना है. बीजेपी वाले कुछ गुंडे भेजेंगे, जो आपको उकसाने की कोशिश करेंगे. लेकिन आपको प्रोवोक नहीं होना है. आपको शांति से बैठे रहना है. पीस और नॉन-वायलेंस हमारी सबसे बड़ी ताकत है. यह मूवमेंट, यह प्रोटेस्ट, जो एक महीने से लगातार चल रहा है, वह इसलिए चल पाया है क्योंकि इसकी नींव शांति और अहिंसा पर रखी गई है. आगे भी यह इसी रास्ते पर चलेगा। कहीं न कहीं महात्मा गांधी को भी गर्व होगा कि इतने सालों बाद भी इस देश में सत्याग्रह हो रहा है.”
आम आदमी पार्टी की नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने मेट्रो स्टेशनों के बंद किए जाने को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार रोज़ाना दिल्ली की लाइफलाइन यात्रा व्यवस्था को बाधित कर रही है, लेकिन जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं से बातचीत नहीं कर रही.
बीजेपी संसदीय दल ने निर्देश जारी कर सभी NDA सांसदों (मंत्रियों को छोड़कर) से गुरुवार सुबह 10:30 बजे संसद भवन के मकर द्वार पर एकत्र होने को कहा है. इस निर्देश को अत्यंत महत्वपूर्ण और तत्काल प्रभाव से पालन करने को कहा गया है.
इनपुट: हिमांशु मिश्रा
दिल्ली पुलिस के अनुसार, 22-23 जुलाई की रात स्पेशल सीपी (लॉ एंड ऑर्डर, ज़ोन-I) देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने RML अस्पताल जाकर CJP के जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान घायल हुए पुलिसकर्मियों का हालचाल जाना.
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रंका ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में लोगों का धन्यवाद किया है. उनका कहना है कि सरकार हिंदू-मुस्लिम पर बात करती है. लेकिन शिक्षा पर बात नहीं करती है. शिक्षा के मुद्दे पर बात करना नहीं चाहते.
नई दिल्ली के जंतर-मंतर के पास NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में चल रहे प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों ने बुधवार देर रात प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े. प्रदर्शन के दौरान हालात तनावपूर्ण होने पर सुरक्षा बलों ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए यह कार्रवाई की. मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस और अन्य सुरक्षा कर्मी तैनात रहे.
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने SSB पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के बयान पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि यह घटना 2022 की है, जब जम्मू-कश्मीर में NC-कांग्रेस की नहीं बल्कि उपराज्यपाल के नेतृत्व वाला प्रशासन था. उन्होंने हाई लेवल कमेटी की रिपोर्ट पर भी सवाल उठाए.
DMRC ने घोषणा की है कि सुबह 7:30 बजे से अगले आदेश तक दिल्ली मेट्रो के 16 स्टेशन बंद रहेंगे. हालांकि राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट पर इंटरचेंज सुविधा उपलब्ध रहेगी. पूरी खबर यहां पढ़ें: CJP प्रोटेस्ट के कारण दिल्ली मेट्रो के 16 मेट्रो स्टेशन बंद, ना चढ़ पाएंगे और ना उतर पाएंगे
दिल्ली में 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के विरोध-प्रदर्शन ने बॉलीवुड का भी ध्यान अपनी ओर खींचा है. सुपरस्टार अभिनेता सलमान खान ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए एक पोस्ट में कहा कि यह एक बहुत ही शांतिपूर्ण आंदोलन था. बहुत दुख की बात है कि इसने हिंसक रूप ले लिया. पूरी खबर यहां पढ़ें: छात्र आंदोलन पर सलमान खान ने तोड़ी चुप्पी! जज्बे को किया सलाम, बोले- ये पीढ़ी भारत का नाम रोशन करेगी
मुंबई पुलिस ने 18 जुलाई से अब तक CJP के समर्थन में हुए प्रदर्शनों के सिलसिले में 13 एफआईआर दर्ज की हैं और करीब 400 लोगों को नामजद किया है. पुलिस का कहना है कि कई स्थानों पर बिना अनुमति प्रदर्शन किए गए, जबकि प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और कथित पेपर लीक मामले में कार्रवाई की मांग उठाई. पुलिस के अनुसार, शिवाजी पार्क, चैत्यभूमि, चेंबूर और शिवसेना भवन समेत कई स्थानों पर बिना अनुमति प्रदर्शन किए गए.