पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को कोलकाता के तारातला में इस्कॉन (अन्नमृत फाउंडेशन) के एक मेगा किचनसका औपचारिक उद्घाटन किया है. इस नई व्यवस्था के तहत शहर के 500 सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के लगभग 44 हजार बच्चों को दोपहर का ताजा और पौष्टिक खाना मुहैया कराया जाएगा.
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर साफ किया कि छात्रों को खाने में अलग से उबले अंडे देने का फैसला विपक्ष के दबाव में नहीं, बल्कि बच्चों और उनके अभिभावकों की मांग को देखते हुए लिया गया है.
इस दौरान सीएम शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि उनकी सरकार को विपक्ष के आरोपों या मीडिया के बयानों पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा, 'हमें जनता ने 208 विधायकों के साथ पूरा बहुमत दिया है. हम वही करेंगे जो बंगाल की जनता चाहती है.'
उन्होंने कहा कि राज्य में पिछले 49 सालों के शासन के दौरान लोगों की खान-पान की आदतों को एक खास तरह से ढाला गया था. लेकिन अब राज्य में एक राष्ट्रवादी सरकार है, इसलिए पुरानी गलतफहमियां धीरे-धीरे दूर होंगी.
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क्या होगा मेन्यू और कैसे मिलेंगे अंडे?
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस्कॉन की रसोई में पूरी तरह से शुद्ध और शाकाहारी भोजन तैयार किया जाएगा. बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए खाने में दाल, राजमा, सोयाबीन, पनीर और मौसमी फल शामिल होंगे, जो प्रोटीन और जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर हैं.
बंगाल सीएम ने कहा कि क्योंकि इस्कॉन की परंपरा केवल शुद्ध शाकाहारी खाना पकाने की है, इसलिए सरकार उनकी रसोई से कोई समझौता नहीं कराएगी. इसके बजाय, सेल्फ हेल्प ग्रुप के जरिए हफ्ते में दो दिन बच्चों को अलग से उबले अंडे बांटे जाएंगे. ओडिशा में भी यही मॉडल अपनाया जाता है.
शुभेंदु अधिकारी ने इस प्रोजेक्ट से जुड़ी कुछ अन्य महत्वपूर्ण बातें शेयर की. उन्होंने कहा कि अगले तीन महीनों के अंदर इस योजना का फायदा 2.5 लाख बच्चों तक पहुंचाया जाएगा. आने वाले समय में इसे पूरे राज्य में लागू किया जाएगा. सरकार ने प्री-प्राइमरी और प्राइमरी कैटेगरी के बच्चों के प्रति भोजन बजट को बढ़ाकर ₹10 प्रति छात्र कर दिया है.
सीएम ने भरोसा दिया कि पहले से काम कर रहे किसी भी मिड-डे मील रसोइए की नौकरी नहीं जाएगी. साथ ही उनके मंथली वेतन को 2 हजार से बढ़ाकर 3 हजार रुपए कर दिया गया है.
उद्घाटन से पहले मुख्यमंत्री ने परिसर में आयोजित 'यज्ञ' में हिस्सा लिया, बच्चों के लिए खाना बनाने में हाथ बटाया और भोजन को स्कूलों तक पहुंचाने वाली इलेक्ट्रिक गाड़ियो (EV) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.
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