ऑपरेशन सिंदूर को लेकर संसद में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान को सोशल मीडिया पर कथित तौर पर गलत तरीके से पेश किए जाने के बाद केंद्र सरकार ने स्पष्टीकरण जारी किया है. सरकार के मुताबिक सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा था कि राजनाथ सिंह ने कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कोई भारतीय सैनिक शहीद नहीं हुआ. सरकार ने इस दावे को पूरी तरह गलत बताते हुए कहा कि रक्षा मंत्री के बयान को संदर्भ से काटकर पेश किया गया.
सरकार ने कहा कि आलोचकों ने संसद में राजनाथ सिंह के पूरे भाषण के व्यापक संदर्भ को नजरअंदाज किया. आधिकारिक स्पष्टीकरण के मुताबिक सोशल मीडिया और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह गलत दावा फैलाया जा रहा था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना के पायलट मारे गए थे. केंद्र सरकार ने कहा कि ये रिपोर्ट्स पूरी तरह गलत हैं और इनका उद्देश्य सैन्य अभियान की सफलता को कमजोर करना और जनता का मनोबल गिराना था.
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सरकार ने स्पष्ट किया कि रक्षा मंत्री की टिप्पणी विशेष रूप से इसी तरह की भ्रामक सूचनाओं का जवाब देने के लिए की गई थी और इसे उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए, न कि अलग-थलग बयान के रूप में. संसद में ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए सरकार ने कहा कि राजनाथ सिंह का भाषण ऑपरेशन सिंदूर और उसमें भारतीय सशस्त्र बलों के प्रदर्शन का विस्तृत विवरण था. केंद्र के मुताबिक इस ऑपरेशन में 100 से अधिक आतंकवादी और पाकिस्तानी सैन्यकर्मी मारे गए थे.
सरकार ने यह भी दावा किया कि नियंत्रण रेखा (LoC) के पास पाकिस्तान के कई एयरबेस और सैन्य ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा. सरकार ने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का संबोधन भारतीय सशस्त्र बलों के साहस, पेशेवर क्षमता और ऑपरेशनल दक्षता को सम्मान देने के साथ-साथ भारत विरोधी ताकतों को कड़ा संदेश देने के उद्देश्य से था. केंद्र सरकार ने यह भी दोहराया कि भारत सरकार और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सशस्त्र बलों के हर सदस्य, विशेष रूप से ड्यूटी के दौरान शहीद हुए जवानों के प्रति सर्वोच्च सम्मान रखते हैं.
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केंद्र सरकार ने कहा कि शहीदों के बलिदान का सम्मान हमेशा गर्व और सम्मान के साथ किया जाता है और उनके नाम राष्ट्रीय युद्ध स्मारक में अंकित हैं. साथ ही शहीद जवानों के परिवारों और आश्रितों को शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य कल्याणकारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं. बता दें कि कांग्रेस ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के संसद में दिए गए बयान का वीडियो शेयर करते हुए सरकार पर निशाना साधा और देश को गुमराह करने का आरोप लगाया था और कहा कि सरकार ने शहीदों की शहादत को एक साल तक छिपाने की कोशिश की.
शिवानी शर्मा